
पटना के कदमकुआं थाने में Khan Sir के खिलाफ FIR, BNS Section 109 के तहत 10 साल की जेल का प्रावधान। जानें पूरी घटना और कानूनी पहलू।
पटना 05 june। बिहार की राजधानी में कोचिंग सेंटर के बाहर हुई फायरिंग ने नया मोड़ ले लिया है। कदमकुआं थाने में प्रसिद्द कोचिंग संचालक फैसल खान उर्फ ‘Khan sir ’ के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई BNS Section 109 के तहत की है, जो संगीन और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 2 जून की रात पटना स्थित Khan sir ’ की कोचिंग सेंटर पर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया था। इस दौरान बवाल बढ़ गया और खान सर के निजी अंगरक्षकों ने हवाई फायरिंग की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने पहले ही दोनों अंगरक्षकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन अब नई FIR में खान सर को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद खान सर ने अपने गार्डों को उकसाया। FIR में शामिल बयानों के मुताबिक, खान सर ने कहा, “तुम गोली चलाओ, बाकी हम देख लेंगे।” इसी बयान के आधार पर पुलिस ने खान सर को साजिश और उकसाने वाला मानते हुए BNS Section 109 के तहत मामला दर्ज किया है।
BNS Section 109 क्या है और क्यों है यह गंभीर?
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 पुरानी IPC की धारा 307 (हत्या का प्रयास) का ही नया स्वरूप है। इस धारा की विशेषता यह है कि यह केवल अपराध करने वाले को ही नहीं, बल्कि अपराध के लिए उकसाने वाले या साजिश रचने वाले को भी उतनी ही सजा देने का प्रावधान करती है।
इस धारा के तहत कानूनी प्रावधान अत्यंत सख्त हैं:
- गैर-जमानती अपराध: पुलिस बिना वारंट के आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर सकती है।
- सजा: दोषी पाए जाने पर 10 साल तक का कारावास और जुर्माना हो सकता है।
- अग्रिम जमानत नहीं: इस धारा के तहत आरोपी को आसानी से अग्रिम जमानत नहीं मिलती है।
कानून विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति खुद तो हाथ न लगाए, लेकिन किसी दूसरे को हत्या या घातक हमले के लिए उकसाए, तो उस पर भी यही धारा लगती है। खान सर के खिलाफ FIR में कहा गया है कि उन्होंने अंगरक्षकों को गोली चलाने का आदेश दिया, जिससे जानलेवा हमले की स्थिति पैदा हुई।
Khan sir का बचाव और छात्रों का समर्थन
जहां एक ओर पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है, वहीं खान सर का कहना है कि यह उनके खिलाफ षड्यंत्र है। उनका दावा है कि उनके गार्डों ने सेल्फ डिफेंस में फायरिंग की, क्योंकि उन पर जानलेवा हमला हुआ था। उन्होंने कहा, “पुलिस को वहां पहुंचने में देर हो गई, इसलिए गार्डों को अपनी और छात्रों की रक्षा करनी पड़ी।”
वहीं, खान सर के समर्थन में सैकड़ों छात्र उनके कोचिंग सेंटर के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी की। छात्रों का कहना है कि खान सर उनके मसीहा हैं और उन्होंने कभी गलत काम नहीं किया। हालांकि, पुलिस ने लॉ-एंड-ऑर्डर बनाए रखने के लिए इलाके में बल बढ़ा दिया है और छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
विवादों के बीच खान सर का बड़ा दावा
कोचिंग बंद होने की अटकलों के बीच खान सर का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वह क्लास के दौरान बच्चों को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर यह कोचिंग बंद हो गई, तो अगले 6 महीनों में प्राइवेट कोचिंग की फीस एक लाख से डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच जाएगी। मेरा उद्देश्य पैसा कमाना नहीं है, बल्कि बच्चों को सस्ती शिक्षा देना है।”
पुलिस की चेतावनी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने साफ कर दिया है कि कानून अपना काम करेगा। आईजी ऑफिस में हुई हाई-लेवल मीटिंग में छात्रों से अपील की गई है कि वे किसी कोचिंग सेंटर के बहकावे में न आएं और कानून व्यवस्था को अपने हाथ में न लें।
एफआईआर के अनुसार, घटना के दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने पहले हमला किया, जिसके बाद विवाद बढ़ा। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक सबूतों के आधार पर जांच कर रही है। यदि खान सर के खिलाफ आरोप साबित होते हैं, तो उन्हें BNS Section 109 के तहत गिरफ्तारी का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें उनकी अग्रिम जमानत की संभावना लगभग न के बराबर है।
यह मामला शिक्षा और कानून के बीच एक बहस बनकर उभरा है। जहां एक तरफ छात्र अपने टीचर को बचाने के लिए सड़कों पर हैं, वहीं पुलिस अपराध को लेकर सख्त है। फिलहाल, सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में पुलिस क्या कार्रवाई करती है और क्या खान सर को इस केस में गिरफ्तार किया जाता है या नहीं। फिलहाल, खान सर की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन उनके वकील कानूनी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं।
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