
Lucknow के कैम्पवेल रोड स्थित इरम स्कूल में आग (school fire)लगने से इलाके में अफरा-तफरी। कल अलीगंज कोचिंग सेंटर में आग की घटना के बाद यह दूसरी घटना। जानें पूरी खबर।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज यानी 23 जून को एक बार फिर आग लगने की घटना ने शहरवासियों को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना कैम्पवेल रोड स्थित इरम स्कूल (Iram School) में हुई, जहां अचानक आग लगने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी छात्र या स्टाफ सदस्य के हताहत होने की खबर नहीं है, हालांकि यह घटना उस समय और भी संवेदनशील हो गई जब कल (22 जून) को अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
Lucknow school fire: इरम स्कूल में आग कैसे लगी?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज सुबह करीब 10 बजे इरम स्कूल की पहली मंजिल पर स्थित एक कमरे में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही पलों में पूरी बिल्डिंग धुएं से भर गई। स्कूल के प्रिंसिपल ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी और साथ ही बच्चों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया शुरू की।
स्कूल प्रशासन ने बताया कि घटना के समय कक्षाएं चल रही थीं, लेकिन स्टाफ की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के कारण सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान स्कूल के कई कमरे और शैक्षणिक सामग्री जलकर राख हो गई, लेकिन जानमाल का नुकसान नहीं होना सबसे बड़ी राहत की बात है।
अलीगंज कोचिंग सेंटर में आग की घटना से बढ़ी दहशत
बता दें कि कल (22 जून) को अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया था। ऐसे में इरम स्कूल में आग (Lucknow school fire)की खबर मिलते ही लोगों में दहशत फैल गई। अभिभावक बच्चों को लेने के लिए स्कूल पहुंचने लगे और सोशल मीडिया पर भी यह खबर तेजी से वायरल हो गई।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि जैसे ही आग की लपटें उठीं, लोग स्कूल की तरफ दौड़ पड़े। पुलिस प्रशासन भी तुरंत सक्रिय हो गया और भीड़ को नियंत्रित करने में जुट गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि स्कूल में आग लगने की सूचना मिलते ही आपातकालीन व्यवस्था लागू कर दी गई और एहतियाती कदम उठाए गए।
स्कूल प्रशासन और प्रशासन की प्रतिक्रिया
इरम स्कूल प्रबंधन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और कहा है कि वे सुरक्षा मानकों की समीक्षा करेंगे। स्कूल प्रिंसिपल ने बताया, “हमारी प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा है। यह एक दुर्घटना थी, लेकिन हम भविष्य में ऐसी किसी भी घटना से बचने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय करेंगे।”
वहीं, मुख्यमंत्री ने इस घटना का संज्ञान लिया है और अधिकारियों को स्कूलों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कल की दुखद घटना के बाद आज फिर स्कूल में आग लगना चिंता का विषय है। सरकार सभी शैक्षणिक संस्थानों में फायर सेफ्टी ऑडिट कराएगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुरक्षा मानकों पर उठते सवाल
पिछले 24 घंटों में Lucknow में आग की दो बड़ी घटनाएं (Lucknow school fire and coaching center fire) ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश स्कूलों और कोचिंग सेंटरों में अग्निशमन उपकरण या तो नहीं हैं या पुराने हो चुके हैं। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में स्थित ये संस्थान आपातकालीन स्थिति में छात्रों को सुरक्षित निकालने में असफल रहते हैं।
अभिभावकों ने भी सरकार से मांग की है कि सभी Lucknow के निजी और सरकारी स्कूलों में फायर ड्रिल अनिवार्य की जाए और बिना एनओसी के किसी भी संस्थान को संचालित न करने दिया जाए। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की बात कही है।
क्या कहती है पुलिस और फायर विभाग की रिपोर्ट?
फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत होता है। हालांकि, मामले की जांच की जा रही है और आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल में पर्याप्त फायर एक्सटिंग्विशर नहीं थे, जिससे आग को फैलने में समय लगा।
इस बीच, पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज करने की बात कही है और तहकीकात शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि स्कूल में अग्नि सुरक्षा के मानक पूरे नहीं पाए गए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों में दहशत और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर अभिभावकों और नागरिकों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने चिंता व्यक्त की कि एक के बाद एक आग की घटनाएं लापरवाही की ओर इशारा कर रही हैं। एक अभिभावक ने ट्वीट किया, “कल 15 बच्चे जल गए, आज स्कूल में आग लगी। क्या हमारे बच्चे सुरक्षित हैं? सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।”
वहीं, कई स्कूलों ने एहतियात के तौर पर आज अपनी कक्षाएं रद्द कर दीं और अभिभावकों को अपने बच्चों को घर ले जाने को कहा। जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों को अग्नि सुरक्षा उपकरणों की तत्काल जांच करने का निर्देश दिया है।
क्या करें आग लगने पर? – विशेषज्ञ की सलाह
अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, आग लगने पर घबराने के बजाय शांत रहकर निकासी मार्गों का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने स्कूलों में नियमित फायर ड्रिल की सिफारिश की है। साथ ही, हर कमरे में एफई (फायर एक्सटिंग्विशर) और धुआं निकासी के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि पुरानी इमारतों में विद्युत तारों की नियमित जांच बेहद जरूरी है। लखनऊ में आग की ये घटनाएं एक कड़ा संदेश हैं कि सुरक्षा मानकों को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
आखिरकार बच्चों की सुरक्षा किसकी जिम्मेदारी?
यह प्रश्न हर अभिभावक के मन में उठ रहा है। जहां एक ओर स्कूल प्रशासन को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू करनी चाहिए, वहीं सरकारी स्तर पर भी सख्त कानून और उसका पालन अनिवार्य किया जाना चाहिए। कल कोचिंग सेंटर में 15 मासूमों की मौत और आज इरम स्कूल में आग की घटना (Lucknow school fire) ने स्पष्ट कर दिया है कि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में और बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।
इरम स्कूल में आज हुई आग की घटना ने हालांकि जानमाल का नुकसान नहीं किया, लेकिन इसने सुरक्षा के प्रति गंभीरता से सोचने पर मजबूर किया है। जरूरत इस बात की है कि सरकार, प्रशासन और स्कूल प्रबंधन मिलकर एक ठोस अग्नि सुरक्षा योजना बनाएं और उसे जमीनी स्तर पर लागू करें। बच्चे देश का भविष्य हैं, उनकी सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई होगी।
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