लखनऊ में Suspicious Death: शव पर चोट के निशान, पुलिस ने चिता से उठाया शव !

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लखनऊ में Suspicious Death: शव पर चोट के निशान, पुलिस ने चिता  से उठाया शव !

लखनऊ के गाजीपुर इलाके में एक युवक की संदिग्ध मौत (suspicious death) के बाद शव पर चोट के निशान मिले। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव कब्जे में लिया। जानें पूरा मामला और आगे की कार्रवाई।


लखनऊ, [20 जून ]: राजधानी लखनऊ के गाजीपुर इलाके में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। युवक के शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार करने से पहले ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा

Suspicious Death

गाजीपुर थाना क्षेत्र के मीना मार्केट इलाके में रहने वाले 26 वर्षीय संतोष कुमार की मौत ने परिजनों को झकझोर कर रख दिया है। बिहार के बस्तवारा दरभंगा मूल निवासी संतोष कुमार लखनऊ में मजदूरी कर परिवार का गुजर-बसर करते थे। घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है, जब संतोष कुमार संदिग्ध अवस्था में घर से कुछ दूरी पर स्थित पार्क में पड़े हुए मिले।

परिजनों ने बताया कि सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे और संतोष को उठाकर घर ले आए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। परिवार ने रात भर शव को घर पर ही रखा और अगले दिन शुक्रवार को अंतिम संस्कार के लिए भैंसाकुंड श्मशान घाट पहुंच गया। श्मशान घाट पर चिता तैयार कर शव को अंतिम विदाई देने की तैयारी चल रही थी, तभी वहां मौजूद लोगों ने युवक के शरीर पर चोट के निशान देखे। इसके बाद ही मामले ने करवट बदली और परिजनों के साथ-साथ पुलिस भी अलर्ट हो गई।

स्थानीय लोगों ने शव पर चोट के निशान देखकर अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गाजीपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को चिता से उतरवाकर अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामला संदिग्ध है और शव पर चोट के निशान को देखते हुए जांच आवश्यक है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा।

गाजीपुर थाने के इंस्पेक्टर ने बताया कि परिवार ने पुलिस को बिना सूचना दिए अंतिम संस्कार की कोशिश की। उन्होंने कहा, “संदिग्ध मौत होने के कारण हमने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। शरीर पर चोट के निशान हैं, ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।” भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 174 के तहत, यदि किसी मृत्यु की स्थिति संदिग्ध या अप्राकृतिक लगती है, तो पुलिस के लिए पोस्टमार्टम करवाना अनिवार्य है। संतोष के शरीर पर चोट के निशान ने इस मामले को संदिग्ध बना दिया और पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

मृतक के भाई जय नारायण ने बताया कि वह हरियाणा में काम करते हैं और भाई की मौत की सूचना मिलने पर वे लखनऊ आए थे। उन्होंने बताया कि शरीर पर चोट के निशान देखकर उन्होंने भी पुलिस में शिकायत करने की बात कही थी, लेकिन परिवार अंतिम संस्कार कराने पर तुला हुआ था। हालांकि, श्मशान घाट पर चोट के निशान देखकर अन्य लोगों ने अंतिम संस्कार करने से रोक दिया। अब परिजन भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि मौत के कारणों का सही पता चल सके।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक मामले में कोई भी निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा कि मौत किस कारण से हुई और इसमें किसी की लापरवाही या गलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, पुलिस ने क्षेत्र में लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और उन घटनाक्रमों की जांच कर रही है जो संतोष की मौत से जुड़े हो सकते हैं। इस संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की तत्परता और कानूनी प्रक्रिया के पालन को सराहा जा रहा है, वहीं परिजनों की स्थिति भी काफी दयनीय है।

Suspicious Death के मामलों में पोस्टमार्टम को न्यायिक प्रक्रिया का पहला और महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। फोरेंसिक विशेषज्ञ शव का बारीकी से परीक्षण करते हैं और चोटों, घावों तथा अन्य साक्ष्यों की जांच करते हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि मौत कारण (Cause of Death) क्या थी और मृत्यु का तरीका (Manner of Death) क्या था – चाहे वह हत्या हो, आत्महत्या, दुर्घटना या प्राकृतिक कारण। यह रिपोर्ट न्यायालय में साक्ष्य के रूप में भी मान्य होती है और किसी भी आपराधिक मामले में निर्णायक भूमिका निभाती है। इसलिए, पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना कानूनी रूप से सही और आवश्यक कदम है।

गाजीपुर इलाके में यह घटना एक बार फिर संदिग्ध मौतों (Suspicious Death) और उनकी जांच की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती है। अक्सर ऐसे मामलों में परिजन जल्द से जल्द अंतिम संस्कार करना चाहते हैं, लेकिन कानून यह सुनिश्चित करता है कि यदि मौत के कारण संदिग्ध हों तो उसकी गहन जांच हो। शव पर चोट के निशान का मिलना इस बात की ओर इशारा करता है कि मामले में और गहराई से जांच की आवश्यकता है। पुलिस ने समय रहते स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका समाप्त हो गई।

अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे मौत के रहस्य का पर्दाफाश हो सकेगा। परिजन भी अब पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के पक्ष में हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके। यह घटना लखनऊ के गाजीपुर इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद किए जाने वाले कदमों का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।

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