TCS 2.0 : NGO में हिन्दू महिलाओ से सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन !आरोपी Riaz Kazi गिरफ्तार!

नागपुर NGO में महिला कर्मचारियों के साथ सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन और धार्मिक दबाव का मामला सामने आया। आरोपी रियाज काजी (Riaz Kazi) गिरफ्तार, ATS जांच में जुटी।
नागपुर 20 April । महाराष्ट्र के नागपुर जिले से एक और संगठित सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन का मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है। बच्चों के कल्याण के नाम पर काम करने वाले एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) के प्रमुख पर कई महिला कर्मचारियों ने यौन शोषण, अवैध हरकतें और धार्मिक दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह मामला तब और भी गंभीर हो गया जब पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया और राज्य की आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने NGO के फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस की पैरेलल जांच शुरू कर दी।
क्या है पूरा मामला?
मनकापुर पुलिस स्टेशन में शनिवार रात एक 23 वर्षीय महिला ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रियाज फाजल काजी को हिरासत में ले लिया। पीड़िता ने सितंबर 2023 से इस NGO में एडमिनिस्ट्रेशन और HR हेड के पद पर कार्य किया था। उसकी शिकायत के अनुसार, 18 जुलाई 2024 को उसके जन्मदिन के दिन कार्यालय में सेलिब्रेशन के बाद आरोपी ने उसे अपने केबिन में बुलाया। वहां पर उसकी सहमति के बिना ही आरोपी ने पीड़िता को जबरन गले लगा लिया और उसके माथे पर चूम लिया। इस दौरान आरोपी ने कहा, “मैं आज तुम्हें जाने नहीं देना चाहता।”
नौकरी गंवाने का डर बना ढाल
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह अपनी नौकरी जाने के डर से इस अभद्र व्यवहार का खुलकर विरोध नहीं कर पाई। आरोपी रियाज काजी की यह हरकतें केवल एक घटना तक सीमित नहीं थीं। FIR के अनुसार, आरोपी बार-बार उसे छेड़ने और गले लगाने का प्रयास करता था। एक बार तो उसने सीसीटीवी कैमरे का प्लग निकालकर पीड़िता को अकेले में दबोचने की कोशिश की। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपी का व्यवहार और भी आक्रामक हो गया।
फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से निगरानी करता था NGO का ceo Riaz Kazi
शिकायत में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह रहा कि आरोपी फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से महिला स्टाफ और वॉलंटियर्स पर नजर रखता था। पीड़िता की बड़ी बहन, जो नवंबर 2022 में NGO से जुड़ी थी, के साथ भी यही हरकतें की गईं। आरोपी ने उन पर विशेष धार्मिक प्रैक्टिसेज अपनाने और विशिष्ट प्रकार (बुर्का) के कपड़े पहनने का दबाव बनाया, जबकि उनका धर्म अलग था।
एक के बाद एक खुलते पंडोरा बॉक्स
यह केस अकेला नहीं है। इससे पहले टीसीएस नासिक यूनिट और अमरावती के परतवाड़ा में भी इसी तरह के NGO sexual exploitation case सामने आ चुके हैं। मनकापुर पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर हरेश कालेकर ने बताया कि अब तक कई पूर्व कर्मचारियों ने संपर्क कर आरोपियों के खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं। 2024 में NGO से जुड़ी एक 24 वर्षीय टीचर ने भी आरोप लगाया है कि उन्हें घुटनों पर बैठने जैसी अपमानजनक हरकतें करने को मजबूर किया गया।
ATS की एंट्री: फाइनेंशियल जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य की इंटेलिजेंस एजेंसियों ने तुरंत संज्ञान लिया। NGO के बैकग्राउंड और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस की जांच शुरू कर दी गई है। ATS को आशंका है कि बच्चों को पढ़ाने के घोषित मकसद से हटकर, इस NGO के कुछ संदिग्ध लिंक्स हो सकते हैं, जिनकी अभी पैरेलल जांच की जा रही है।
आरोपी को पुलिस कस्टडी में भेजा
एक अन्य गंभीर घटना 13 अप्रैल की बताई जा रही है, जब आरोपी ने एक पूर्व कर्मचारी की मां को फोन करके अश्लील गालियां दीं। 18 अप्रैल को जब पीड़ित महिलाओं का एक समूह NGO ऑफिस पहुंचा, तो वह बंद मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। फिलहाल आरोपी रियाज काजी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 23 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच हर एंगल से कर रही है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल एविडेंस को भी शामिल किया गया है।
यह NGO sexual exploitation case महाराष्ट्र में महिला सुरक्षा और एनजीओ के नाम पर चल रहे दुराचार पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस और ATS की संयुक्त जांच से ही इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी। फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है और पीड़ित महिलाओं से लगातार पूछताछ की जा रही है।
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