Azamgarh Development : योगी के 1000 करोड़ से बदलती तस्वीर

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Azamgarh Development : योगी के 1000 करोड़ से बदलती तस्वीर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में 1000 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण किया। जानें कैसे ‘Azamgarh development’ ने माफियावाद से शिक्षा और उद्योग की ओर लिया करवट।

आजमगढ़ 13 june। विकास को समावेशी तभी बनाया जा सकता है, जब शासन दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी वर्गों के लिए समान भाव से कार्य करे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आजमगढ़ में लगभग एक हजार करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के साथ ‘सबका साथ, सबका विकास’ की अवधारणा को मूर्त रूप दिया है। यह आयोजन Azamgarh development**’ के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रहा है।

कभी माफिया और अराजकता के लिए बदनाम रहे इस जिले की तस्वीर आज पूरी तरह बदल चुकी है। आजमगढ़ की सोच में अब शिक्षा, संस्कृति और अपनी विरासतों का गौरव बोध है। पिछले नौ वर्षों में यहां के नागरिकों ने अनवरत विकास के आयाम देखे हैं, कानून व्यवस्था का शासन देखा है, और अपनी आर्थिक उन्नति की संभावनाओं को भी करीब से देखा है। Azamgarh development का यह नया अध्याय साफ तौर पर दिखाता है कि जब विकास राजनीति से प्रभावित न होकर नीति से संचालित होता है, तो जनता का जीवन बदल जाता है।

Azamgarh development’ कानून व्यवस्था से बनी नींव

एक दशक पहले आजमगढ़ की पहचान एक ऐसे जिले के रूप में थी, जहां गुंडों, अपराधियों और माफियाओं का आतंक था। स्थानीय लोग बताते हैं कि बेटियां दिन में भी घर से निकलने से डरती थीं।

आजमगढ़ के माफिया मानचित्र पर सबसे चर्चित नाम ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह का है। जेयनपुर क्षेत्र का निवासी यह व्यक्ति कुख्यात D-11 गिरोह का सरगना है। 

आजमगढ़ के माफिया मानचित्र पर सबसे चर्चित नाम ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह का है। जेयनपुर क्षेत्र का निवासी यह व्यक्ति कुख्यात D-11 गिरोह का सरगना है।

मुख्तार अंसारी मूल रूप से गाजीपुर का निवासी था, लेकिन उसके Azamgarh organized crime से गहरे और लंबे समय से चले आ रहे संबंध थे। गुप्तचर सूत्रों के अनुसार, मुख्तार अंसारी के सहयोगियों और गुर्गों का एक मजबूत नेटवर्क आजमगढ़ में सक्रिय था। इस नेटवर्क का उपयोग अवैध गतिविधियों को अंजाम देने, चुनावों में बल प्रयोग, और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जाता था।

Azamgarh organized crime की सूची में एक और नाम पूर्व विधायक और बाहुबली नेता रामाकांत यादव का भी शामिल है। इस क्षेत्र के एक मजबूत ‘स्ट्रांगमैन’ के रूप में पहचाने जाने वाले रामाकांत यादव पर स्थानीय पुलिस पहले भी गैंगस्टर एक्ट और एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई कर चुकी है। 

हालांकि, वर्तमान सरकार ने जैसे ही माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया, अराजक तत्वों में भय पैदा हो गया। जहां कानून का राज स्थापित हुआ, वहां विकास के रास्ते अपने आप खुलने लगे। योगी सरकार के इस सख्त रुख ने ही Azamgarh development की नींव रखी, जिस पर आज बड़ी-बड़ी परियोजनाएं खड़ी हैं।Azamgarh organized crime की सूची में एक और नाम पूर्व विधायक और बाहुबली नेता रामाकांत यादव का भी शामिल है। इस क्षेत्र के एक मजबूत ‘स्ट्रांगमैन’ के रूप में पहचाने जाने वाले रामाकांत यादव पर स्थानीय पुलिस पहले भी गैंगस्टर एक्ट और एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कार्रवाई कर चुकी है। 

ब्लैक पॉटरी से मिली वैश्विक पहचान

Azamgarh development का सबसे चमकता उदाहरण यहां का ब्लैक पॉटरी उद्योग है। योगी सरकार की ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना निजामाबाद कस्बे के हस्तशिल्पियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं रही। जिस काली मिट्टी के कलाकारों के लिए पहले जीविका चलाना मुश्किल हो गया था और वे मुंबई जैसे महानगरों की ओर पलायन करने को मजबूर थे, आज उनकी डिमांड पूरी करना चुनौती बन गई है। अब सिंगापुर और सऊदी अरब से ब्लैक पॉटरी की डिमांड आ रही है, और इस उद्योग का टर्नओवर करोड़ों रुपये तक पहुंच गया है। ब्लैक पॉटरी से जुड़े हस्तशिल्पी सोहित कुमार प्रजापति कहते हैं, “अब हमारा भविष्य सुरक्षित है। हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल रही है।” विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 4,700 कारीगरों को आधुनिक टूलकिट और सामग्री का वितरण इस क्षेत्र के Azamgarh development में एक बड़ी छलांग है।

शिक्षा और कनेक्टिविटी का नया युग

इतना बड़ा जिला होने के बावजूद यहां कोई विश्वविद्यालय नहीं था, जो Azamgarh development की सबसे बड़ी कमी थी। छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से यहां 60 एकड़ से अधिक भूमि पर बना महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय अब इस कमी को दूर कर रहा है। यहां विश्वस्तरीय क्लास रूम हैं। इसके अलावा जिले को सैनिक स्कूल और हरिहरपुर में संगीत महाविद्यालय जैसी विरासतें भी मिली हैं।

वहीं, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे ने न केवल आजमगढ़ की कनेक्टिविटी बढ़ाई है, बल्कि निवेश के मार्ग भी प्रशस्त किए हैं। Azamgarh development की कहानी में एयरपोर्ट का जुड़ना तो मानो सपनों को उड़ान देने जैसा है। आजमगढ़ का एयरपोर्ट अब इस जिले को वैश्विक मानचित्र पर लाने का काम कर रहा है।

समावेशी विकास की मिसाल

यह विडंबना ही है कि पिछली सरकारों ने सत्ता में रहते हुए भी इस जिले को उपेक्षित रखा। लेकिन, वर्तमान सरकार का विश्वास समावेशी विकास पर है। सबसे बड़ी बात यह कि जिले में सत्ताधारी दल का कोई विधायक या सांसद नहीं होने के बावजूद, आजमगढ़ को बराबर का महत्व मिला। Azamgarh development में महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। हुस्नआरा खातून जैसी कई मुस्लिम महिलाएं आज ‘लखपति दीदी’ बनकर जिले का नाम रोशन कर रही हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को मिले ऋण से वे अपने सपनों को साकार कर रहे हैं।

औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में सवा दो सौ से अधिक निवेश एमओयू यहां हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर लाएंगे। यही सच्चा Azamgarh development है, जहां विकास केवल चुनावी वादा नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत है। योगी सरकार ने साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो बिना स्थानीय प्रतिनिधियों के भी किसी क्षेत्र का कायाकल्प किया जा सकता है। आजमगढ़ आज उसी नई सोच का प्रतीक है।

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