
Photo Dainik Bhaskar
Lucknow में पंजाब मेल के ट्रैक पर 50 किलो का लोहे का एंगल रखकर Train Sabotage की बड़ी साजिश हुई। लोको पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस।
लखनऊ 14 june: राजधानी लखनऊ में शुक्रवार दोपहर एक बार फिर रेल यात्रियों की जान से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। अमृतसर से हावड़ा जा रही पंजाब मेल (ट्रेन संख्या 13006) को पटरी से उतारने की कोशिश की गई। कैंट क्षेत्र के दिलकुशा ब्लॉक हट के पास रेलवे ट्रैक पर 50 किलो वजनी लोहे का एंगल रखा गया, जिसमें ट्रेन का इंजन फंस गया। हालांकि, लोको पायलट की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।
यह घटना उस वक्त हुई जब पंजाब मेल दिलकुशा ब्लॉक हट के पास पहुंची। लोको पायलट की नजर ट्रैक पर रखे भारी लोहे के एंगल पर पड़ी। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए, लेकिन ट्रेन की रफ्तार कम होने के बावजूद इंजन एंगल से टकरा गया और वह इंजन के नीचे फंस गया। यह train sabotage attempt lucknow का एक स्पष्ट मामला है, जिसने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे पंजाब मेल जब लखनऊ के कैंट रेलवे स्टेशन के पास से गुजर रही थी, तभी लोको पायलट ने ट्रैक पर अनियमितता देखी। वरिष्ठ खंड अभियंता (रेलपथ) राजकिशोर मिश्र के अनुसार, “लोको पायलट ने तुरंत ब्रेक लगा दिए, जिससे ट्रेन की गति काफी कम हो गई। अगर वह समय पर सतर्क नहीं होते, तो ट्रेन के पटरी से उतरने की पूरी आशंका थी।”
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी और आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) की टीम मौके पर पहुंची। लोहे के एंगल को इंजन से निकालकर कब्जे में लिया गया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि एक नियोजित train sabotage attempt lucknow था।
पुलिस और RPF ने दर्ज की FIR, CCTV फुटेज खंगाल रही टीम
वरिष्ठ खंड अभियंता राजकिशोर मिश्र की लिखित शिकायत पर कैंट थाने में रेलवे अधिनियम की धारा 151 और 153 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
कैंट थाना प्रभारी गुरप्रीत कौर ने बताया, “घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।” सर्विलांस टीम भी इस मामले में जुट गई है। रेलवे अधिकारियों को संदेह है कि यह साजिश रेलवे ट्रैक तक आसान पहुंच रखने वाले किसी व्यक्ति ने की है।
रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल
यह पहला मौका नहीं है जब लखनऊ में ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश हुई हो। इससे पहले भी कई बार रेलवे ट्रैक से पटरियां उखड़ी हुई या उन पर पत्थर रखे हुए मिले हैं। यह घटना रेलवे सुरक्षा व्यवस्था में बड़े छेद को उजागर करती है।
रेलवा एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर लोको पायलट की नजर थोड़ी देर से भी इस लोहे के एंगल पर पड़ती, तो पंजाब मेल के 4-5 डिब्बे पटरी से उतर सकते थे। 50 किलो वजनी एंगल को रखने वाला शख्स या गिरोह रेलवे ट्रैक और ट्रेनों की गति की जानकारी रखता था, क्योंकि एंगल को इस तरह रखा गया था कि वह सीधे इंजन के नीचे आकर फंस जाए।
क्या कहते हैं रेलवे अधिकारी?
रेलवे के प्रवक्ता ने कहा, “इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम मामले की जांच कर रही है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।” साथ ही, रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि अगर वे ट्रैक पर कोई संदिग्ध वस्तु या शख्स देखें, तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना दें।
जांच जारी, सख्त कार्रवाई की मांग
पूरा मामला अब जांच के दायरे में है। यात्री संगठनों और स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से इस मामले की त्वरित और पारदर्शी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते इन तत्वों का पर्दाफाश नहीं किया गया, तो भविष्य में एक बड़ा रेल हादसा हो सकता है।
फिलहाल, लोको पायलट की सतर्कता ने सैकड़ों लोगों की जान बचा ली। लेकिन यह घटना एक चेतावनी है कि रेलवे को अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। इस train sabotage attempt lucknow ने पूरे उत्तर प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। अब सबकी नजरें पुलिस और रेलवे की जांच पर टिकी हैं कि आखिर यह साजिश किसने रची और इसके पीछे क्या मंशा थी।
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