
Jaspal Rana को तीन दिन पहले ही Heart Attack आया था, पर पता नहीं चला। डॉक्टर ने बताया मौत का कारण। जानें किन लक्षणों को नज़रअंदाज़ करना पड़ सकता है भारी।
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नई दिल्ली १२ june : देश के जाने-माने पिस्टल निशानेबाज जसपाल राणा के निधन ने पूरे खेल जगत और आम जनता को स्तब्ध कर दिया है। दिल्ली के मैक्स अस्पताल में शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। लेकिन इस दुखद घटना ने एक गंभीर सवाल खड़ा किया है – क्या हम दिल के दौरे के शुरुआती लक्षणों को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं? मैक्स अस्पताल के कार्डियक साइंस विभाग के ग्रुप चेयरमैन डॉ. बलबीर सिंह ने खुलासा किया है कि जसपाल राणा को तीन दिन पहले ही heart attack symptoms ignored करने की भूल हुई, जो अंततः उनकी मौत का सबब बनी।
तीन दिन पहले ही आ चुका था अटैक
डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, जसपाल राणा को अस्पताल में भर्ती होने से तीन दिन पहले ही दिल का दौरा पड़ चुका था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि उस दौरान वह यात्रा कर रहे थे और उन्हें इस बात का अंदाज़ा तक नहीं हुआ। “उन्हें छाती में तेज दर्द था, लेकिन उन्होंने इसे सामान्य समस्या समझकर नज़रअंदाज़ कर दिया। जब वह भारत लौटे और हालत बिगड़ी, तब उन्हें अस्पताल लाया गया,” डॉ. सिंह ने बताया।
पूरी तरह ब्लॉक थी आर्टरी, हार्ट हुआ कमजोर
जब जसपाल राणा मैक्स अस्पताल पहुंचे, तब उनकी हालत बेहद नाजुक थी। जांच में पता चला कि उनके दिल की एक मुख्य धमनी पूरी तरह ब्लॉक हो चुकी थी, जिसकी वजह से हार्ट अटैक आया था। डॉ. बलबीर ने बताया, “उनके दिल का एक हिस्सा काफी कमजोर हो गया था और पंपिंग क्षमता बेहद कम रह गई थी। ऐसे में हार्ट फेलियर के लक्षण साफ दिखने लगे थे।”
देरी से पहुंचना पड़ा भारी – कार्डियक रप्चर से मौत
डॉक्टरों के मुताबिक, हार्ट अटैक के तीन दिन बाद अस्पताल पहुंचने से जसपाल राणा के दिल की स्थिति गंभीर हो गई थी। “जो मरीज़ देर से आते हैं, उनमें हार्ट फेल होने और कार्डियक रप्चर का खतरा काफी बढ़ जाता है। कार्डियक रप्चर में दिल की दीवारें इतनी कमजोर हो जाती हैं कि उनके फटने का रिस्क रहता है,” डॉ. सिंह ने समझाया।
हालांकि, अस्पताल में भर्ती होने के बाद जसपाल राणा को स्टंट डाले गए और जरूरी दवाएं दी गईं। कुछ समय बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज करने की तैयारी भी कर ली थी। लेकिन रात में जब वह सो रहे थे, अचानक कार्डियक रप्चर हो गया, जिससे उनकी मौत हो गई। यह घटना इस बात का सबूत है कि heart attack symptoms ignored होने के बाद मरीज़ की जान बचाना कितना मुश्किल हो जाता है।
डॉक्टर की चेतावनी: इन लक्षणों को न करें नज़रअंदाज़
डॉ. बलबीर सिंह ने आम लोगों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि दिल के दौरे के शुरुआती संकेतों को हल्के में लेना जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि अगर किसी को निम्नलिखित लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:
- छाती में तेज दर्द या भारीपन – अगर दर्द बार-बार हो रहा हो या लगातार बना रहे।
- सांस फूलना – बिना मेहनत के भी सांस लेने में तकलीफ।
- बाएं हाथ या कंधे में दर्द – जो छाती तक फैल रहा हो।
- ठंडा पसीना, चक्कर आना या मतली – ये भी हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।
डॉ. सिंह ने कहा, “समय पर अस्पताल पहुंचकर हार्ट अटैक से होने वाली मौत के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। लेकिन जब heart attack symptoms ignored होते हैं, तो मौत लगभग तय हो जाती है।”
क्या सीख देता है Jaspal Rana का मामला?
जसपाल राणा जैसे फिट और युवा खिलाड़ी का निधन इस बात का कड़ा संदेश है कि हार्ट अटैक अब सिर्फ बुजुर्गों या अनहेल्दी लाइफस्टाइल वालों तक सीमित नहीं है। तनाव, अनियमित दिनचर्या, और यात्रा के दौरान सेहत को नज़रअंदाज़ करना घातक हो सकता है। यह मामला हर उस व्यक्ति के लिए एक वेक-अप कॉल है, जो सीने में हल्का दर्द या सांस की तकलीफ को पाचन या थकान समझकर टाल देता है।
समय रहते सावधानी ही बचाव है
Jaspal Rana की असमय मौत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दिल के मामलों में ‘सेफ रहना बेटर रहता है’। अगर आपको या आपके किसी परिचित को कभी भी छाती में दर्द, बाएं हाथ में सुन्नपन या सांस लेने में दिक्कत हो, तो तुरंत अस्पताल जाएं। किसी भी लक्षण को ‘आम परेशानी’ समझकर heart attack symptoms ignored करना आपकी जान ले सकता है। डॉक्टरों की मानें तो ‘सुनहरा घंटा’ वह समय होता है, जिसमें मरीज़ को अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है। देर न करें, सतर्क रहें।
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