Ebola Virus: लखनऊ में हाई अलर्ट, एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग तेज!

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Ebola Virus: लखनऊ में हाई अलर्ट, एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग तेज!

Ebola Virus के बढ़ते खतरे को देखते हुए लखनऊ प्रशासन हाई अलर्ट पर। एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग, लोकबंधु अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार।


इबोला वायरस के वैश्विक प्रकोप के बीच लखनऊ में हाई अलर्ट: एयरपोर्ट पर विशेष स्क्रीनिंग शुरू

कोरोना महामारी से उबरते ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक नई चुनौती की ओर इशारा किया है। Ebola virus ने एक बार फिर अफ्रीकी देशों में अपना भयानक रूप दिखाना शुरू कर दिया है। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में संक्रमण के तेजी से फैलने की खबरों ने न सिर्फ अफ्रीका बल्कि पूरे विश्व के स्वास्थ्य तंत्र की नींद उड़ा दी है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी प्रशासन चौकन्ना हो गया है। संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने शहर के सभी प्रमुख संस्थानों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

एयरपोर्ट पर हो रही खास निगरानी

सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि Ebola virus संक्रमण की आशंका को देखते हुए चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विशेष स्वास्थ्य टीम तैनात की गई है। विदेशों, विशेष रूप से अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है। यात्रियों के शारीरिक तापमान के साथ-साथ अन्य लक्षणों जैसे मांसपेशियों में तीव्र दर्द, गले में खराश और कमजोरी की भी बारीकी से जांच की जाएगी। संदिग्ध लक्षण मिलने पर यात्री को तत्काल चिकित्सकीय जांच के लिए अलग कर दिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल लखनऊ में Ebola virus का कोई मामला सामने नहीं आया है, फिर भी एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है।

लोकबंधु अस्पताल में तैयार हुआ आइसोलेशन वार्ड

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए लोकबंधु अस्पताल (डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल) को नोडल सेंटर बनाया गया है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव दीक्षित ने जानकारी देते हुए बताया, “हमने Ebola virus के संभावित मरीजों के इलाज के लिए 6 बेड का एक पृथक (आइसोलेशन) वार्ड तैयार कर लिया है। यह वार्ड पूरी तरह से सुरक्षित है और वायरस को बाहर फैलने से रोकने के लिए विशेष उपकरणों (PPE किट, नेबुलाइजर, वेंटिलेटर) से लैस है।” उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की एक विशेष टीम को WHO और CDC के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रशिक्षित किया गया है। यदि कोई संक्रमित व्यक्ति मिलता है, तो तत्काल शासन और स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया जाएगा।

इबोला वायरस कितना घातक है?

Ebola virus को विश्व में सबसे खतरनाक रक्तस्रावी बुखारों (Viral Hemorrhagic Fevers) में से एक माना जाता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, इस वायरस की घातकता 25 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक हो सकती है, जो स्ट्रेन और मेडिकल सुविधाओं पर निर्भर करती है। आइए जानते हैं इसके गंभीर प्रभाव:

  1. आंतरिक और बाहरी रक्तस्राव: यह वायरस शरीर की रक्त का थक्का जमाने की क्षमता को खत्म कर देता है। इसके परिणामस्वरूप नाक, मुंह, आंखें और आंतरिक अंगों से भयंकर रक्तस्राव होने लगता है।
  2. अंगों का धीरे-धीरे काम करना बंद करना: Ebola virus यकृत (लिवर), गुर्दे (किडनी) और फेफड़ों पर तीव्र हमला करता है, जिससे ये अंग धीरे-धीरे काम करना बंद कर देते हैं (Multiple Organ Failure)।
  3. गंभीर लक्षणों का आगमन: मरीज को अचानक 101°F से अधिक तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन और जोड़ों का दर्द होता है। इसके बाद भयंकर उल्टी और दस्त शुरू हो जाते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो जाती है।
  4. ब्लड प्रेशर शॉक (सर्कुलेटरी शॉक): रक्तस्राव और शरीर में तरल पदार्थों की कमी के कारण ब्लड प्रेशर अचानक गिर जाता है, जिसे ‘शॉक’ कहा जाता है। इलाज न मिलने पर यह स्थिति मौत का कारण बनती है।

कैसे फैलता है इबोला?

आम धारणा के विपरीत, Ebola virus हवा या पानी से नहीं फैलता है। यह केवल संक्रमित व्यक्ति या जानवर (जैसे चमगादड़, वानर) के शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। इनमें रक्त, लार, पसीना, मूत्र, मल और वीर्य शामिल हैं। संक्रमित शव को छूने से भी यह फैल सकता है, इसलिए अंतिम संस्कार के दौरान विशेष सावधानी बरती जाती है। फिलहाल इस वायरस की कोई लाइसेंस प्राप्त वैक्सीन पूरी तरह से आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं है, हालांकि प्रायोगिक उपचार मौजूद हैं।

प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें

सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। वर्तमान में शहर में इबोला का कोई मरीज नहीं है। लोग संतुलित भोजन करें, अपने हाथ बार-बार साबुन से धोएं और यदि किसी को बुखार या रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखें तो नजदीकी सरकारी अस्पताल में तुरंत रिपोर्ट करें। जिला प्रशासन स्थिति पर पूरी तरह से नियंत्रण रखे हुए है और WHO के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। फिलहाल लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था चाक-चौबंद है।

निष्कर्ष

हालांकि Ebola virus एक गंभीर वैश्विक चिंता का विषय है, लेकिन लखनऊ स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते सभी आवश्यक एहतियाती उपाय कर लिए हैं। एयरपोर्ट स्क्रीनिंग, आइसोलेशन वार्ड और लोगों में जागरूकता ही इससे बचाव के सबसे बड़े हथियार हैं। प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली आधिकारिक सूचनाओं का पालन करना ही हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

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