Corporate Jihad :TCS Pune में नमाज के लिए रेस्ट रूम पर कब्ज़ा ? विवाद बढ़ा!

Corporate Jihad एक हकीकत बनके सामने आ रहा है अब Pune के TCS ऑफिस में पुरुषों के रेस्ट रूम पर नमाज के लिए कब्जे का आरोप। जानिए क्या है पूरा मामला और कंपनी पर क्या लग रहे हैं आरोप।
पुणे के TCS ऑफिस में रेस्ट रूम पर नमाज को लेकर बवाल, कर्मचारियों ने उठाए सवाल
पुणे 23 April : भारतीय आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) इन दिनों एक नए और संवेदनशील विवाद के घेरे में आ गई है। महाराष्ट्र के पुणे स्थित हिंजेवाड़ी आईटी पार्क में TCS के सह्याद्रि पार्क (Sahyadri Park) ऑफिस में कथित तौर पर एक धर्म विशेष के लोगों द्वारा पुरुषों के रेस्ट रूम पर नमाज पढ़ने के लिए कब्जा करने का मामला सामने आया है। इस आरोप ने कॉर्पोरेट जगत में ‘कॉरपोरेट जिहाद’ (Corporate Jihad) जैसे गंभीर शब्दों के साथ बहस छेड़ दी है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, TCS के S1 बिल्डिंग में पुरुष कर्मचारियों के लिए बने रेस्ट रूम (Rest Room) को एक निश्चित समय पर नमाज अदा करने के लिए पूरी तरह से सील कर दिया जाता है। आरोप है कि इस दौरान अन्य धर्मों के कर्मचारियों को उस कमरे में प्रवेश करने से रोक दिया जाता है। व्हिसिलब्लोअर (Whistleblower) के अनुसार, यह प्रक्रिया S1 बिल्डिंग में नियमित रूप से हो रही है और जल्द ही S2 व S3 बिल्डिंग में भी इसे लागू करने की योजना है।
एक कर्मचारी का कहना है, “यह सिर्फ TCS नासिक की शुरुआत थी। अब यह पूरे देश में फैल रहा है। हमारे रेस्ट रूम को नमाज पढ़ने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। जो लोग वहां आराम करना चाहते हैं, उन्हें बाहर खड़ा रहना पड़ता है।” हालांकि, टीसीएस (TCS) की ओर से आधिकारिक तौर पर अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है।
रेस्ट रूम बनाम प्रेयर रूम (Rest Room vs Prayer Room): क्या है अंतर?
विशेषज्ञों और कर्मचारियों का तर्क है कि कंपनी कैंपस में प्रेयर रूम बनाने में कोई बुराई नहीं है। हवाई अड्डों, मॉल और बड़े दफ्तरों में अलग-अलग धर्मों के लिए प्रार्थना कक्ष होते हैं। लेकिन समस्या तब पैदा होती है जब किसी साझा सुविधा (Rest Room) को किसी एक विशेष धार्मिक गतिविधि के लिए आरक्षित कर दिया जाए, जिससे अन्य सहकर्मी वंचित रह जाएं।
एक कॉर्पोरेट कानून विशेषज्ञ के अनुसार, “यह टेक्निकली गलत है। रेस्ट रूम सभी कर्मचारियों के लिए है। अगर किसी समुदाय को प्रार्थना के लिए जगह चाहिए, तो कंपनी को एक अलग रूम अलॉट करना चाहिए, न कि बाकी कर्मचारियों के बेसिक राइट्स का हनन करना चाहिए।”
‘Corporate Jihad’ का बढ़ता खतरा
सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग इसे ‘इनक्लूसिविटी’ (Inclusivity) की आड़ में धार्मिक अतिक्रमण करार दे रहे हैं। हैशटैग #CorporateJihad तेजी से ट्रेंड कर रहा है। उपयोगकर्ताओं का आरोप है कि कॉर्पोरेट इंडिया (Corporate India) धीरे-धीरे किसी विशेष धर्म के दबाव में आकर सरेंडर कर रहा है।
हाल ही में नासिक स्थित TCS ऑफिस में भी इसी तरह के विवाद की खबरें आई थीं, जहां सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई थी। अब पुणे में यह मामला सामने आने के बाद कर्मचारियों में डर और रोष दोनों है। लोग सवाल कर रहे हैं, “क्या TCS सॉफ्टवेयर कंपनी चला रहा है या धर्मांतरण केंद्र?”
कर्मचारियों में बेचैनी और डिस्क्रिमिनेशन (Discrimination)
हमारे सहयोगी समीर के अनुसार, जो फुटेज और जानकारी सामने आ रही है, वह चिंताजनक है। जब एक धर्म विशेष के लोग रेस्ट रूम में बंद होकर नमाज पढ़ते हैं, तो वहां के बहुसंख्यक कर्मचारी ‘डिस्क्रिमिनेट’ (Discriminate) महसूस करते हैं।
एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “मुझे थकान होती है, मैं रेस्ट रूम में जाकर 10 मिनट आराम करना चाहता हूं, लेकिन मुझे बताया जाता है कि अंदर प्रेयर चल रही है। यह हमारे साथ अन्याय है।”
TCS और कॉर्पोरेट नीति
टीसीएस जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनी की Workplace Policy में आमतौर पर सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान की बात कही गई है। कंपनियां Religious Accommodation देती हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि दूसरे कर्मचारियों की मूलभूत सुविधाओं पर पानी फेर दिया जाए।
समाधान क्या है?
विशेषज्ञों का मानना है कि इसका समाधान बहुत सरल है:
- अलग प्रेयर रूम बनाएं: कंपनी परिसर में एक निर्धारित कमरा प्रार्थना के लिए आवंटित किया जाए।
- रोटेशन पॉलिसी: अगर एक ही कमरे का यूज करना है, तो टाइम-स्लॉट बनाकर सभी धर्मों को समान अवसर दिए जाएं।
- पारदर्शिता: कंपनी को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और फैसला सार्वजनिक करना चाहिए।
यह मामला केवल TCS पुणे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे Corporate India के लिए एक वेक-अप कॉल है। धार्मिक स्वतंत्रता का मतलब किसी और के अधिकारों को लूटना नहीं है। उम्मीद की जा रही है कि TCS जल्द ही इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा और रेस्ट रूम को पुनः सभी कर्मचारियों के लिए खोलेगा। फिलहाल, सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर तीखी बहस जारी है और कर्मचारी जल्द से जल्द सख्त गाइडलाइन जारी करने की मांग कर रहे हैं।
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