Operation Kaalnemi: कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) में 7 फर्जी साधू वेशधारी मुस्लिम गिरफ्तार!

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Operation Kaalnemi: कांवड़ यात्रा(Kanwar Yatra) में 6 मुस्लिम और 1 बंगलादेशी साधू वेश में पकडे गए!



उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) को फर्जी साधुओं से बचाने के लिए Operation Kaalnemi शुरू, धामी सरकार के इस अभियान में अब तक कई संदिग्ध गिरफ्तार।


देहरादून/हरिद्वार 12 july : सावन माह में शुरू हुई कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra)को पवित्र, सुरक्षित और शुद्ध बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने एक विशेष अभियान “ऑपरेशन कालनेमि“(Operation Kaalnemi) की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य फर्जी साधु-संतों, ठगों और पहचान छुपाकर भीख मांगने वालों की पहचान कर उन्हें यात्रा से दूर रखना है।

Operation Kaalnemi :हरिद्वार-देहरादून में फर्जी साधु पकडे गए

हरिद्वार और देहरादून पुलिस ने अब तक इस ऑपरेशन के तहत 50 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनमें से 6 मुस्लिम और एक बांग्लादेशी नागरिक की पहचान हुई है। देहरादून में पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक रूकन रकम उर्फ शाह आलम के पास से बांग्लादेशी पहचान पत्र भी बरामद हुआ।

पुलिस के मुताबिक, ये लोग साधु-संतों के भेष में ठगी और भीख मांगने की गतिविधियों में लिप्त थे। हरिद्वार में भी SSP अजय सिंह के नेतृत्व में ऑपरेशन कालनेमि जारी है।

धार्मिक संगठनों और संतों का समर्थन

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “कांवड़ यात्रा की पवित्रता बनाए रखना जरूरी है। फर्जी साधुओं की पहचान और कार्रवाई से श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिलेगा।”

वहीं VHP से जुड़े यशवीर महाराज ने कांवड़ यात्रा को शुद्ध रखने की अपनी मुहिम शुरू की है। उन्होंने हर की पैड़ी पर भगवान वाराह के चित्र और भगवा ध्वज वितरित किए और लोगों से फर्जी लोगों को यात्रा से दूर रखने की अपील की।

खाद्य शुद्धता और सुरक्षा पर भी ज़ोर

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में भी FSDA की टीमें कांवड़ मार्गों पर तैनात हैं। ये टीमें खाने-पीने की दुकानों की जांच कर रही हैं ताकि श्रद्धालुओं को मिलावट रहित भोजन मिले। वहीं कांवड़ मार्ग पर नॉन-वेज की दुकानों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

प्रशासन की अपील और दिशा-निर्देश

हरिद्वार प्रशासन ने कांवड़ियों से अपील की है कि वे हाईवे के बजाय कांवड़ पट्टी का इस्तेमाल करें, जो सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर है। साथ ही श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे निर्धारित ऊंचाई से ऊंची कांवड़ न लेकर चलें, ताकि हाई टेंशन तारों से दुर्घटना न हो।

श्रद्धालु बोले – बम बम भोले!

शुक्रवार से शुरू हुई कांवड़ यात्रा में लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच रहे हैं। हर की पैड़ी और आसपास के घाटों पर ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा है। धामी सरकार की ऑपरेशन कालनेमि कांवड़ यात्रा को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने की इस पहल को जनसमर्थन भी मिल रहा है।



“ऑपरेशन कालनेमि कांवड़ यात्रा” न केवल आस्था की रक्षा करता है बल्कि सामाजिक सुरक्षा और धार्मिक गरिमा को भी मजबूती देता है। धामी सरकार की यह मुहिम अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बन सकती है।

कांवड़ यात्रा मार्ग (Kanwar Yatra -2025) पर दुकानदारों के लिए फूड लाइसेंस प्रदर्शित करना अनिवार्य!



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