इजरायली हवाई हमले में हूती प्रधानमंत्री सहित 5 मंत्रियों की मौत!

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यमन: सना में इजरायल के सटीक हवाई हमले (Israeli airstrike ) में ईरान-समर्थित Houthi PM अहमद अल-रहावी और 4 मंत्रियों की मौत। पढ़ें पूरी खबर।

काहिरा 31 Aug: यमन की राजधानी सना में गुरुवार को हुए एक घातक इजरायली हवाई हमले (Israeli airstrike) में ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों के प्रधानमंत्री अहमद (Houthi PM) अल-रहावी की मौत हो गई। हूती विद्रोहियों द्वारा शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में इस हमले में चार अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के भी मारे जाने की पुष्टि की गई है। इस हमले ने क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँचा दिया है।

इजरायली सेना ने गुरुवार को ही एक बयान जारी कर कहा था कि उसने सना स्थित हूती विद्रोहियों के एक “सैन्य ठिकाने” पर एक ‘सटीक हवाई हमला’ (Israeli airstrike )किया था। हालाँकि, हूतियों के अनुसार, यह हमला एक सरकारी भवन पर हुआ, जहाँ उनकी सरकार अपने पिछले एक साल के कामकाज की समीक्षा के लिए एक रुटीन वर्कशॉप आयोजित कर रही थी। अहमद अल-रहावी, जो अगस्त 2024 से हूती सरकार के प्रधानमंत्री (Houthi PM ) थे, उसी बैठक में हिस्सा ले रहे थे।

हूतियों के हमले और इजरायल का बढ़ता जवाब ( Israeli Airstrike)

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हूती विद्रोही लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं। इन हमलों की शुरुआत तब हुई जब इजरायल और गाजा स्थित हमास के बीच अक्टूबर 2023 में युद्ध छिड़ गया। हूती अपने इन हमलों को फिलिस्तीनियों के समर्थन में बताते हैं। अधिकांश मिसाइलों को इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही नष्ट कर दिया है, लेकिन इससे हूतियों के हमले थमे नहीं हैं।

इसी सप्ताह की शुरुआत में, इजरायल ने सना में कई स्थानों पर हवाई हमले (Israeli airstrike) किए थे, जिनके बारे में हूती-नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि उनमें कम से कम 10 लोग मारे गए और 102 से अधिक घायल हुए थे। इस नवीनतम हमले को इजरायल की ओर से एक बड़े और सीधे जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

लाल सागर का संकट और बढ़ता तनाव

हूती विद्रोही न सिर्फ इजरायल पर, बल्कि लाल सागर से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर भी हमले कर रहे हैं। उनका दावा है कि ये हमले इजरायली समर्थन वाले या इजरायल जाने वाले जहाजों को निशाना बनाकर फिलिस्तीनियों का समर्थन जताने के लिए हैं।

इन हमलों के जवाब में, इजरायल और अमेरिका की अगुवाई वाले एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने यमन के हूती-नियंत्रित इलाकों, विशेष रूप से सना और होदेदा बंदरगाह, पर बमबारी शुरू कर दी है। मई महीने में इजरायली हमलों ने सना के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को पूरी तरह से नष्ट कर दिया था। हालाँकि मई में ही ट्रंप प्रशासन ने हूतियों के साथ एक युद्धविराम समझौता किया था, जिसमें लाल सागर में जहाजों पर हमले रोकने के बदले एयरस्ट्राइक बंद करने की बात थी, लेकिन हूतियों ने स्पष्ट कर दिया था कि यह समझौता इजरायल पर सीधे हमले रोकने के लिए नहीं था।

गाजा में मानवीय संकट गहराया

इस बीच, गाजा पट्टी की स्थिति और भी भयावह होती जा रही है। इजरायल की नाकेबंदी और निरंतर हमलों के कारण, वहाँ के लोग भोजन और पानी की भारी कमी का सामना कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक पैनल ने पुष्टि की है कि उत्तरी गाजा में भुखमरी की स्थिति शुरू हो चुकी है, जिसका सबसे विनाशकारी प्रभाव बच्चों पर पड़ रहा है। लोग अब जीवित रहने के लिए दान पर निर्भर हैं और चैरिटी संगठनों से मिलने वाले गर्म भोजन के लिए लंबी कतारों में खड़े देखे जा सकते हैं।

यमन और गाजा दोनों में चल रहा संघर्ष अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है। हूतियों और इजरायल के बीच तनाव के इस नए चरण ने न केवल यमन बल्कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में अनिश्चितता की लहर पैदा कर दी है, जिसका सबसे बुरा असर दोनों क्षेत्रों के निर्दोष नागरिकों पर पड़ रहा है।

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