
Iran में Janfada अभियान तेज, शादी के बाद सीधे रैलियों में शामिल हो रहे जोड़े। तेहरान में 1000 ‘ज़ौज-ए-जानफिदा’ की सामूहिक शादी आज। पढ़ें खास रिपोर्ट।
तेहरान 18 May : ईरान में मार्च 2026 के महीने से ईरान की Zen Z एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ ले दिया है। पूरे देश में ‘जनफदा’ (Janfada) नामक एक व्यापक मुहिम चल पड़ी है, जिसने न सिर्फ ईरान की शिया इस्लामी विचारधारा को एक नई ऊर्जा दी है, बल्कि अमेरिका और इजरायली हमलों की आशंका के बीच इसे राष्ट्रीय एकजुटता का प्रतीक भी बना दिया है। ‘जनफदा’ का शाब्दिक अर्थ है ‘जान न्योछावर करने वाला’, और यह अभियान ईरानी युवाओं में बलिदान की भावना को फिर से जागृत कर रहा है।
इसी कड़ी में एक अनूठी परंपरा ‘जनफदा शादियां‘ या ‘शहादत से पहले की शादियां’ चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। यह एक प्रकार की स्वैच्छिक भर्ती (Volunteer Recruitment Drive) है, जिसमें वे युवा जो देश की रक्षा के लिए मोर्चे पर जाने को तैयार हैं, अपनी जान की बाजी लगाने से पहले शादी के बंधन में बंधते हैं। फारसी समाज में इसे ‘अक्द-ए-शहादत‘ (बलिदान का अनुबंध) जैसे प्रतीकात्मक नामों से भी पुकारा जाता है। इसकी जड़ें 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध में छिपी हैं, जब हज़ारों युवकों को मोर्चे पर भेजने से पहले उनके परिवार उनकी जल्दबाजी में शादी करवाते थे, ताकि सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से उनका ‘घर बस जाए’।
तेहरान में आज 1000 जोड़ों की सामूहिक शादी
इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ईरान की राजधानी तेहरान में सोमवार को एक ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। आज रात स्थानीय समयानुसार 8 बजे, ‘ज़ौज-ए-जानफिदा’ (बलिदान के लिए समर्पित जोड़ों) की सामूहिक विवाह शादी का कारवां इमाम हुसैन स्क्वायर से निकलकर आज़ादी स्क्वायर तक जाएगा। इस कार्यक्रम में 1000 से अधिक नवविवाहित जोड़े शामिल होंगे। यह आयोजन ईरानी सरकारी मीडिया नेटवर्क IRIB द्वारा प्रमुखता से कवर किया जा रहा है, जो इस अभियान को राजकीय समर्थन का संकेत देता है।
इन शादियों की एक और दिलचस्प बात यह है कि नवविवाहित जोड़े पारंपरिक रिसेप्शन की जगह तेहरान के एंगेलाब स्क्वायर या पलेस्टाइन स्क्वायर जैसे स्थानों पर आयोजित प्रो-गवर्नमेंट रैलियों में सीधे शामिल हो रहे हैं। यहाँ दुल्हन-दूल्हा मिलिट्री वाहनों को शहीदों की तस्वीरों से सजाते हैं, राष्ट्रभक्ति के नारे लगाते हैं और ‘जनफदा रजिस्ट्रेशन’ में हिस्सा लेते हैं। खास बात यह है कि कुछ वीडियो सामने आए हैं जिनमें दुल्हनें बिना हिजाब के भी नज़र आईं, जो ईरान के कठोर धार्मिक माहौल में एक बड़ा बदलाव दिखाता है।
Janfada campaign Iran: लाखों लोगों ने किया रजिस्ट्रेशन
Janfada campaign Iran के तहत अब तक लाखों ईरानी नागरिकों ने खुद को रजिस्टर करवा लिया है। यह एक सामान्य भर्ती अभियान नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा आंदोलन है जिसमें आम नागरिक, सांसद, युवा, महिलाएं और यहाँ तक कि बच्चे भी अपनी जान देश पर न्योछावर करने के लिए तैयार हैं। इसका मुख्य उद्देश्य ईरान की सीमाओं और क्रांति की रक्षा के लिए एक मानव ढाल (Human Shield) तैयार करना है।
विश्लेषकों के अनुसार, Janfada campaign Iran को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह पश्चिमी देशों के खिलाफ नरम शक्ति (Soft Power) के रूप में काम करे। जब पूरा समाज शहीद होने के लिए आतुर हो जाता है, तो बाहरी ताकतों के लिए सैन्य कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है। यह अभियान ईरानी सरकार का एक मनोवैज्ञानिक हथियार है, जो दिखाता है कि ईरानी जनता अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर कीमत चुकाने को तैयार है।
धार्मिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य: शहादत की विचारधारा
ईरान की शिया इस्लामी व्यवस्था में ‘शहादत’ (बलिदान) का कॉन्सेप्ट गहराई से जुड़ा है। इसे सर्वोच्च आध्यात्मिक उपलब्धि माना जाता है। 1980 के ईरान-इराक युद्ध से लेकर आज तक, ‘शहीद’ का ईरानी समाज में एक अलग ही सम्मान है। Janfada campaign Iran वास्तव में इसी मंद पड़ चुकी परंपरा को फिर से जीवित करने की एक कोशिश है।
सामाजिक रूप से देखें तो, यह युवा पीढ़ी को एक स्पष्ट संदेश देता है कि व्यक्तिगत खुशियाँ (जैसे शादी) राष्ट्र की सेवा से बड़ी नहीं हैं। यह ‘जनफदा शादियां’ एक अनोखा प्रयोग है, जहां रोमांस और बलिदान का मिलन होता है। यह युवाओं को प्रेरित करता है कि उनकी जिंदगी सिर्फ उनकी नहीं है, बल्कि यह उस मुल्क और मजहब की अमानत है जिसके लिए उनके बुजुर्गों ने कुर्बानियां दी हैं।
हालाँकि, कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इस अभियान पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतनी कम उम्र में युवाओं को ‘शहादत’ के लिए प्रेरित करना उनके बुनियादी अधिकारों के खिलाफ है। लेकिन ईरानी सरकार और धार्मिक नेता इसे एक ‘स्वैच्छिक और गौरवशाली कर्तव्य’ करार देते हैं।
तेहरान में आज रात होने वाली 1000 जोड़ों की सामूहिक शादी सिर्फ एक समारोह नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी दबावों के खिलाफ ईरान की सामूहिक चुनौती है। ‘जनफदा’ ने ईरानी समाज को दो हिस्सों में बांट दिया है – एक तरफ वे जो इसे राष्ट्रभक्ति का चरमोत्कर्ष मानते हैं, तो दूसरी तरफ वे युवा जो इसे एक खतरनाक विचारधारा बताते हैं। लेकिन अभी के हालातों में, Janfada campaign Iran ने जिस तरह की लोकप्रियता हासिल की है, वह यह साबित करती है कि ईरान आज हर मोर्चे पर अपनी सत्ता और अस्तित्व की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। यह अभियान आने वाले समय में मध्य-पूर्व की भू-राजनीति को प्रभावित करने वाला एक निर्णायक कारक साबित हो सकता है।
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