Lucknow Green Corridor: राजनाथ सिंह ने किया दूसरे चरण का लोकार्पण, बोले- योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने Lucknow Green Corridorरियोजना के दूसरे चरण का लोकार्पण किया। 7000 करोड़ की लागत से बने इस कॉरिडोर से 15 लाख लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी।
लखनऊ 13 Mar। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने वाली महत्वाकांक्षी Lucknow Green Corridor परियोजना के दूसरे चरण का शुक्रवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की जमकर तारीफ की और विकास कार्यों को लेकर केंद्र-राज्य के बीच बेहतर तालमेल की मिसाल पेश की।
रक्षामंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह ग्रीन कॉरिडोर सिर्फ एक सड़क नहीं है, बल्कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार की कार्यशैली का जीता-जागता सबूत है। उन्होंने कहा, “इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बधाई के पात्र हैं। उनके नेतृत्व में विकास केवल कागज का विषय नहीं रह गया है, बल्कि प्रदेशवासियों के जीवन में दिख रहा है।”
पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बना Lucknow Green Corridor
रक्षामंत्री ने बताया कि आईआईएम रोड से आउटर रिंग रोड तक 28 किलोमीटर लंबे इस Lucknow Green Corridor के निर्माण पर लगभग 7000 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस परियोजना की सबसे खास बात यह रही कि इसे बनाते समय रास्ते में आने वाले डेढ़ सौ से अधिक वृक्षों को काटा नहीं गया, बल्कि उन्हें सुरक्षित दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया। राजनाथ सिंह ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी मिसाल बताया।
इस परियोजना के पूरा होने से लखनऊ के करीब 15 लाख लोगों को आवागमन में सुविधा होगी और उन्हें जाम से राहत मिलेगी। यह कॉरिडोर न सिर्फ शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाएगा, बल्कि लोगों का कीमती समय भी बचाएगा।
सेना की जमीन पर बना विकास का मॉडल
रक्षामंत्री ने एक अहम जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस Lucknow Green Corridor परियोजना में सेना की जमीन का भी उपयोग हुआ है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में सिविल और रक्षा क्षेत्र दोनों ने मिलकर काम किया है। जमीन आवंटन को लेकर कुछ चुनौतियां थीं, जिन्हें आपसी तालमेल से दूर किया गया। उन्होंने कहा, “जब सिविल और डिफेंस साथ में मिलकर काम करते हैं तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है।”
लखनऊ बना विकास और विरासत का संगम
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ के सर्वांगीण विकास की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ की तहजीब के साथ-साथ विकास की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। उन्होंने कहा कि विदेश में रहने वाले भारतवंशी जब लखनऊ आते हैं, तो यहां के विकास को देखकर आश्चर्यचकित हो जाते हैं।
उन्होंने गर्व से कहा कि यूनेस्को ने लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ का दर्जा दिया है। उन्होंने कहा, “अब यह शहर खान-पान की श्रेणी में भी अव्वल हो गया है। विश्व के समृद्ध खानपान की सूची में लखनऊ को स्थान प्राप्त होना गौरव का विषय है।” उन्होंने कहा कि लखनऊ अब दुनिया की ‘मोस्ट लिवएबल सिटी’ में शामिल हो गया है, जहां रहने के लिए सभी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
‘बुलडोजर बाबा’ की कार्यशैली पर क्या बोले राजनाथ सिंह?
रक्षामंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘बुलडोजर बाबा’ के नाम से संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने माफिया और गुंडों के घरों पर बुलडोजर चलवाकर जमीन मुक्त करवाई और उस पर विकास के कार्य किए। उन्होंने स्पष्ट किया, “बुलडोजर केवल तोड़ता नहीं है, बल्कि विकास की जमीन भी तैयार करता है।”
उन्होंने आने वाले समय में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के बनने से होने वाले फायदे भी गिनाए। उन्होंने बताया कि 62 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे बन जाने से कानपुर का सफर लोग 35 से 45 मिनट में तय कर लेंगे। उन्होंने कहा, “इस एक्सप्रेस-वे के बनने से लखनऊ की इंफ्रास्ट्रक्चर यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।”
रोजगार और रक्षा क्षेत्र में लखनऊ का बढ़ता दबदबा
रक्षामंत्री ने बताया कि लखनऊ में अशोक लेलैंड के इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र से हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है। इससे पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना का भी जिक्र किया, जिससे प्रदेश में कई रक्षा सुविधाएं स्थापित हुई हैं।
एक अहम घोषणा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि अब ब्रह्मोस एयरोस्पेस की इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी भी उत्तर प्रदेश में होगी। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि कैसे ब्रह्मोस ने पाकिस्तान के आतंकवादी खेमों में तबाही मचा दी थी। उन्होंने कहा, “लखनऊ देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जो भूमिका निभा रहा है, उसको देखकर मुझे गर्व होता है।”
स्वच्छता में भी अव्वल है लखनऊ
रक्षामंत्री ने लखनऊ के स्वच्छता के क्षेत्र में हुए प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में लखनऊ को पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। लखनऊ के वैज्ञानिक विकास के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर और लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी के बीच एमओयू साइन हुआ है। एनसीआर की तर्ज पर लखनऊ में स्टेट कैपिटल रीजन भी विकसित किया जा रहा है।
योगी का केसरिया रंग हुआ और पक्का
रक्षामंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया सिंगापुर-जापान दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वह अपने गेरुआ वस्त्र में ही गए और खानपान भी वही रखा। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “विदेश जाने पर कुछ लोग अपना रंग बदल लेते हैं, लेकिन योगीजी ने अपना रंग नहीं बदला, बल्कि केसरिया रंग को और पक्का करके आए हैं। उनके अनुभव से लखनऊ का और तेजी से विकास होगा।”
इस पूरे कार्यक्रम में रक्षामंत्री के संबोधन ने एक बार फिर साफ कर दिया कि लखनऊ के विकास की गाथा में Lucknow Green Corridor एक मील का पत्थर साबित होगा और आने वाले समय में शहर विकास के नए कीर्तिमान रचेगा।
UP Weather Update: बारिश और ओलों से मिलेगी गर्मी से राहत!
Whatsapp Group :https://chat.whatsapp.com/KFwjngVxe8X9XC9XQL3MlA
Discover more from Utthan Xpress
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
