Project Ganga UP 2026 : उत्तरप्रदेश में हर पंचायत में 8000 DIGITAL SEVA प्रदाता बनेगे! मिलेगा रोजगार !

यूपी सरकार ने ‘Project Ganga’ के तहत हिंदुजा ग्रुप संग एमओयू साइन किया। 20 लाख घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचेगा, 10,000 युवा बनेंगे डिजिटल उद्यमी। पढ़ें पूरी खबर।
लखनऊ 9 : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘डिजिटल उत्तर प्रदेश’ के विजन को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति लाने के उद्देश्य से, प्रदेश सरकार ने सोमवार को ‘प्रोजेक्ट गंगा’ (गवर्नमेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट) के तहत हिंदुजा ग्रुप की कंपनी ‘वनओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड’ (ONEOTT Entertainment Limited) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए ।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य प्रदेश के गांव-गांव तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाना है, जिससे न केवल डिजिटल सेवाएं सुदृढ़ होंगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इस ऐतिहासिक पहल की घोषणा की ।
क्या है ‘प्रोजेक्ट गंगा’?
‘प्रोजेक्ट गंगा’ उत्तर प्रदेश सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसे Project Ganga UP के नाम से भी जाना जाता है। यह परियोजना राज्य के स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी) द्वारा कार्यान्वित की जा रही है। इसके तहत अगले दो से तीन वर्षों में प्रदेश भर के 20 लाख से अधिक परिवारों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है । इस पहल से लगभग 1 करोड़ की आबादी डिजिटल रूप से सशक्त होगी, जिससे गांवों में टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा, ई-कॉमर्स और डिजिटल बैंकिंग जैसी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
डिजिटल उद्यमिता से सशक्त होंगे ग्रामीण युवा
इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि यह केवल इंटरनेट कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार सृजन का एक बड़ा माध्यम भी बनेगी। योजना के अनुसार, न्याय पंचायत स्तर पर 8,000 से 10,000 स्थानीय युवाओं को ‘डिजिटल सेवा प्रदाता’ (डीएसपी) के रूप में प्रशिक्षित और स्थापित किया जाएगा । ये युवा स्थानीय स्तर पर हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाएं प्रदान करेंगे, जिससे गांवों में इंटरनेट की पहुंच और तेज होगी।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार, यह परियोजना बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा करेगी, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे ।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
Project Ganga UP की एक और महत्वपूर्ण विशेषता महिला सशक्तिकरण पर दिया गया विशेष बल है। सरकार ने इस पहल में 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की सुनिश्चित की है । डिजिटल सेवा प्रदाताओं में महिलाओं की यह हिस्सेदारी ग्रामीण नारी शक्ति को तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगी। इससे न केवल महिलाएं डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़ेंगी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को भी बढ़ावा मिलेगा।
बदलेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था का स्वरूप
इस परियोजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए ‘गेम चेंजर’ माना जा रहा है। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह का मानना है कि आज के दौर में ‘डिजिटल हाईवे’ का महत्व भौतिक सड़कों से भी अधिक है । यह परियोजना गांवों और शहरों के बीच की डिजिटल खाई (डिजिटल डिवाइड) को कम करेगी।
चयनित डिजिटल सेवा प्रदाताओं को सरकार और परियोजना भागीदारों द्वारा संरचित सहायता प्रदान की जाएगी, जिसमें प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और आधुनिक तकनीकी क्षमताएं शामिल हैं । इससे युवाओं को अपने क्षेत्र में एक मजबूत डिजिटल सेवा नेटवर्क बनाने में मदद मिलेगी।
Project Ganga UP नाम के पीछे की सोच भी बेहद रोचक है। जिस तरह मां गंगा करोड़ों लोगों के जीवन और कृषि का आधार हैं, उसी तरह यह ‘डिजिटल गंगा’ ग्रामीण उत्तर प्रदेश में सूचना और आर्थिक समृद्धि का संचार करेगी। इस परियोजना के तहत श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर जैसे सीमावर्ती और आकांक्षी जिलों में ब्रॉडबैंड पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि वहां के युवाओं के लिए भी डिजिटल इंडिया के सपने को साकार किया जा सके। यह पहल न केवल तकनीकी विकास बल्कि सामाजिक और आर्थिक समृद्धि का एक ऐसा माध्यम है, जो उत्तर प्रदेश को डिजिटल युग में एक नई पहचान दिलाएगा।
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