
भारत के ‘पाइरेसी किंग’ का साम्राज्य ढहा,
हैदराबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया फिल्म पाइरेसी का सरगना Immadi Ravi। 35,000 करोड़ के नुकसान और वैश्विक नेटवर्क का भंडाफोड़। पूरी खबर पढ़ें।
हैदराबाद। 25 नवंबर 2025 की वह रात हैदराबाद पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता और भारतीय सिनेमा उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक जीत साबित हुई। कुकटपल्ली इलाके के एक अपार्टमेंट के बाहर मौजूद पुलिस की टीम ने आखिरकार उस शख्स को घेर लिया था, जिसने पिछले छह सालों में अकेले दम पर फिल्म इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया था। दरवाजा बंद था और अंदर मौजूद शख्स उसे खोलने को तैयार नहीं था। दो घंटे की जद्दोजहद, धमकियों और दरवाजा तोड़ने की कोशिशों के बाद आखिरकार उसने दरवाजा खोला और पुलिस ने तत्काल उसे हथकड़ी लगा दी। लेकिन इन दो घंटों में वह अपने मोबाइल फोन से कई ऐप्स डिलीट कर चुका था, लैपटॉप से सैकड़ों फाइलें उड़ा चुका था और उपकरणों को छिपा भी चुका था। मगर, साइबर क्राइम की डेडिकेटेड स्पेशल फोर्स ने न सिर्फ ये चीजें बरामद कीं, बल्कि बाद में डिलीट किया गया डेटा भी रिकवर कर लिया।
यह शख्स था 39 वर्षीय Immadi Ravi, जिसे भारत का सबसे बड़ा ‘पाइरेसी किंग’ करार दिया जा रहा है। उसने एक ऐसा वैश्विक पाइरेसी नेटवर्क खड़ा किया था, जिसने भारतीय, खासकर तेलुगु सिनेमा उद्योग को लगभग 35,000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचाया।
कौन है Immadi Ravi ?
इमादी रवि का जन्म आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। पढ़ाई में होशियार रवि ने आंध्र यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बीएससी की और फिर मुंबई आकर आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल से एमबीए किया। शुरुआत में उसने एक वैध टेक कंपनी भी शुरू की, लेकिन जल्द ही उसने तकनीक का गलत इस्तेमाल करने का रास्ता चुना।
कैसे खड़ा किया विशाल साम्राज्य?
साल 2019 के आसपास, Immadi Ravi ने ‘आईबोम्मा’ नामक एक वेबसाइट लॉन्च की, जो जल्द ही तेलुगु फिल्म पाइरेसी का सबसे बड़ा हब बन गई। इसकी सबसे बड़ी खासियत थी फिल्मों का रिलीज के कुछ ही घंटों, कभी-कभी तो मिनटों में, एचडी क्वालिटी में अपलोड हो जाना।
उसने एक अत्यंत पेशेवर नेटवर्क तैयार किया था:
- कैम-कैमरे का जाल: कई शहरों के सुबह के शो में उसके एजेंट्स हाई-क्वालिटी कैमरों के साथ फिल्में रिकॉर्ड करते थे।
- तेज एडिटिंग: रिकॉर्डिंग के 60-90 मिनट के अंदर ही एचडी वर्जन तैयार कर लिया जाता था।
- मिरर डोमेन्स: पुलिस द्वारा एक वेबसाइट ब्लॉक किए जाने पर दूसरी स्वचालित रूप से सक्रिय हो जाती थी। इस तरह उसने 65 से अधिक मिरर डोमेन बना रखे थे, जिनमें ‘बप्पम टीवी’ जैसी साइट्स शामिल थीं।
- वैश्विक नेटवर्क: उसकी टीम फ्रांस, नीदरलैंड्स, दुबई, म्यांमार और कैरेबियन द्वीप समूह तक फैली हुई थी। ऑफशोर सर्वर, एन्क्रिप्टेड अपलोड और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए डिस्ट्रीब्यूशन होता था।
तेलुगु फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स के अनुसार, सिर्फ भारत से ही ‘आईबोम्मा’ पर हर महीने 37 लाख विजिटर्स आते थे।
मोटी कमाई और भारी नुकसान
पुलिस के अनुसार, Immadi Ravi सालाना लगभग 1 करोड़ रुपये कमाता था और पिछले 5-6 सालों में उसने कम से कम 30 करोड़ रुपये का अवैध लाभ कमाया। यह कमाई गूगल ऐड्स, क्रिप्टो करेंसी में डोनेशन, प्रीमियम कंटेंट के लिए पेड लिंक और अवैध बेटिंग ऐप्स के विज्ञापनों से होती थी।
इस पाइरेसी का इंडस्ट्री पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा। सिर्फ 2023 में ही पूरी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को पाइरेसी से 2,400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि 2024 में सिर्फ तेलुगु इंडस्ट्री को ही 3,700 करोड़ रुपये का झटका लगा। ‘गेम चेंजर’, ‘ओजी’, ‘कुबेरा हिट द थर्ड केस’ जैसी कई बड़ी फिल्मों के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को रिलीज के पहले हफ्ते में ही 20-30% का नुकसान उठाना पड़ा।
पुलिस ने कैसे किया पकड़ो?
Immadi Ravi ने खुद को पकड़ने से बचने के लिए कई कदम उठाए। उसने फर्जी पहचान पत्र बनवाए और भारतीय नागरिकता छोड़कर कैरेबियन के सेंट कीट्स एंड नेविस देश की नागरिकता हासिल कर ली। वह फ्रांस में रहकर अपना ऑपरेशन चलाता था।
हैदराबाद पुलिस की साइबरबाद टीम ने विशेष टूल्स का इस्तेमाल करके धीरे-धीरे उसके नेटवर्क को क्रैक किया। उसके कई सहयोगियों, जिनमें कैमकर्स, डोमेन हैंडलर और डिस्ट्रीब्यूटर शामिल थे, को गिरफ्तार किया गया। आखिरकार, खुफिया जानकारी के आधार पर, जब 14 नवंबर की रात रवि फ्रांस से हैदराबाद अपने कुकटपल्ली स्थित फ्लैट पर पहुंचा, तो पुलिस ने उसे घेर लिया और गिरफ्तार कर लिया।
अब क्या है आगे का रास्ता?
Immadi Ravi के खिलाफ सात एफआईआर दर्ज की गई हैं और उसे 7 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। उसके 3.5 करोड़ रुपये जब्त किए जा चुके हैं। ‘आईबोम्मा’ और उसके सभी 65 मिरर डोमेन को स्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया है।
हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वी. सी. सज्जनार ने कहा है कि यह सिर्फ शुरुआत है और उनका अगला कदम इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करना है। इमादी रवि की कहानी तकनीक के दुरुपयोग और लालच की एक चेतावनी है, जो साबित करती है कि चाहे अपराध कितना भी परिष्कृत क्यों न हो, आखिरकार कानून के हाथों उसे हार का सामना करना ही पड़ता है।
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