Dr Terror: उत्तर प्रदेश में 200 कश्मीरी मूल के डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों पर नजर !

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Dr Terror

दिल्ली में बम धमाके की साजिश रचने वाले जैश-ए-मोहम्मद के Dr Terror नेटवर्क का खुलासा। पाकिस्तान से लिंक और देश भर में 1000 संदिग्धों पर नजर। पूरी खबर पढ़ें।

नई दिल्ली 15 Nov: दिल्ली में बम धमाकों की साजिश रचने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ‘फरीदाबाद मॉड्यूल’ से जुड़े चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इस मॉड्यूल की अहम सदस्य डॉ. शाहीन ने न सिर्फ भारत, बल्कि पाकिस्तान, मलेशिया, तुर्कीए, यूएई, मालदीव और बांग्लादेश जैसे कई देशों में अपना घना आतंकी नेटवर्क स्थापित कर लिया था। इस नेटवर्क में पाकिस्तानी सेना के एक डॉक्टर के साथ-साथ कश्मीरी मूल के कई डॉक्टर और मेडिकल छात्र शामिल थे।

जांच एजेंसियों के सामने आए तथ्यों के अनुसार, डॉ. शाहीन लगातार उत्तर प्रदेश में कार्यरत 30-40 कश्मीरी मूल के डॉक्टरों के संपर्क में थीं। इसी कड़ी में, यूपी में काम कर रहे करीब 200 कश्मीरी मूल के डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर है। वहीं, पूरे देश में ऐसे 1000 से अधिक संदिग्ध लोग एजेंसियों के राडार पर हैं। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल संदेह के आधार पर नहीं, बल्कि गहन जांच के बाद ही किसी को हिरासत में लिया जा रहा है।

Dr Terror नेटवर्क के दिल्ली और धार्मिक स्थल प्रमुख निशाना थे

जांच में यह भी पता चला है कि इस आतंकी मॉड्यूल का लक्ष्य दिल्ली में कई प्रमुख स्थानों पर बम विस्फोट करना था। एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार, इस मॉड्यूल की नजर में विशेष रूप से दिल्ली और कुछ बड़े धार्मिक स्थल थे। पता चला है कि जैश-ए-मोहम्मद पिछले चार साल से इस मॉड्यूल को तैयार कर रहा था। एक अधिकारी के मुताबिक, जैश आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए पेशेवर लोगों पर ही भरोसा करता है और यह मॉड्यूल इसी रणनीति का हिस्सा था।

गिरफ्तार आतंकियों से जारी है पूछताछ

फरीदाबाद मॉड्यूल के डॉ. आदिल, डॉ. शाहीन, डॉ. परवेज, डॉ. आरिफ और डॉ. फारुख की गिरफ्तारी के बाद से एनआईए, दिल्ली पुलिस, आईबी और एटीएस की संयुक्त टीमें लगातार उनसे पूछताछ कर रही हैं। इस मामले में यूपी एटीएस की एक टीम दिल्ली भेजी जा चुकी है, जबकि दूसरी टीम को श्रीनगर भेजने की तैयारी है। श्रीनगर में डॉ. शाहीन और एक अन्य आरोपी डॉ. मुजम्मिल से हुई पूछताछ से ही इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पता चला था।

भाई को भी बरगलाया, मालदीव गया था परवेज

जांच में डॉ. शाहीन के भाई डॉ. परवेज की भूमिका भी उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि डॉ. शाहीन ने अपने भाई का ब्रेनवाश कर उन्हें भी जिहाद के रास्ते पर लगा दिया। डॉ. परवेज को हथियार लाने और नेटवर्क से जुड़े अन्य डॉक्टरों तक संदेश पहुंचाने का जिम्मा सौंपा गया था। साल 2021 में डॉ. परवेज मालदीव भी गया था। एजेंसियों का मानना है कि इस यात्रा के बाद उसे पूरी तरह से कट्टरपंथी बना दिया गया और उसने अपना रहन-सहन व हुलिया तक बदल लिया। गोपनीयता बनाए रखने के लिए डॉ. शाहीन ने उसे बिना इंटरनेट वाला फोन इस्तेमाल करने की सलाह दी थी।

वीजा की तलाश में थी डॉ. शाहीन

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि डॉ. शाहीन ने आतंकी हमला अंजाम देने के बाद देश से फरार होने की योजना बनाई थी। इसके लिए उसने किसी दूसरे देश का वीजा पाने के लिए आवेदन भी किया था। हालांकि, इससे पहले ही जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सहारनपुर से डॉ. आदिल को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद यह पूरा आतंकी नेटवर्क सतर्क हो गया। वहीं, कश्मीर पुलिस भी विभिन्न राज्यों में जैश-ए-मोहम्मद के स्लीपिंग सेल, उनके सहयोगियों और जेल में बंद आतंकियों के बारे में जानकारी जुटा रही है और अन्य राज्यों की एजेंसियों के साथ साझा कर रही है।

यह मामला एक बार फिर देश के अंदर सक्रिय आतंकी नेटवर्क की जटिलता और उनकी बदलती रणनीति को उजागर करता है, जिससे निपटने के लिए विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है।

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