
R Madhavan की नई फिल्म ‘आप जैसा कोई’ प्यार, रिश्तों और सामाजिक सच्चाइयों की गहराई में उतरती है। जानिए कैसी है ये फिल्म और क्यों हर जेनरेशन को इसे देखना चाहिए।
लखनऊ, 16 जुलाई 2025: बॉलीवुड के वर्सेटाइल अभिनेता R Madhavan 2025 में धमाल मचाने को तैयार हैं। इस साल उनकी 6 फिल्में लाइनअप में हैं और वे साउथ से लेकर हिंदी सिनेमा तक में सक्रिय हैं। इसी बीच उनकी एक फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर चुपके से रिलीज हो गई—‘आप जैसा कोई’। एक ऐसी फिल्म, जो देखने में रोमांटिक लगती है, लेकिन असल में रिश्तों की गहराई और सामाजिक सोच को बारीकी से उधेड़ती है।
फातिमा सना शेख इस फिल्म में मधु बोस की भूमिका में नजर आई हैं। उन्होंने एक फ्री-स्पिरिटेड, इमोशनली स्ट्रॉन्ग और परिपक्व महिला का किरदार बेहद संजीदगी से निभाया है। फातिमा इससे पहले ‘दंगल’ और ‘लूडो’ जैसी फिल्मों में अपने दमदार अभिनय का लोहा मनवा चुकी हैं। इस फिल्म में भी उन्होंने अपने किरदार को बखूबी जिया है और दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि एक महिला के फैसले और उसकी स्वतंत्रता का क्या मतलब होता है।
प्यार के परे—क्या है रिश्तों का असली मतलब?
‘आप जैसा कोई’ एक रोमांटिक फिल्म के तौर पर शुरू होती है, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, यह सामाजिक संदेशों से लदी एक गंभीर फिल्म में बदल जाती है। फिल्म रिश्तों में “स्पेस”, “समझ”, “सम्मान” और “बराबरी” की बात करती है। यह फिल्म बताती है कि रिश्ते सिर्फ प्रेम का नाम नहीं हैं, बल्कि समझ और परिपक्वता की भी मांग करते हैं।
श्रीरेणु और मधु: दो विपरीत ध्रुव, एक प्रेमकथा
फिल्म की कहानी एक संस्कृत अध्यापक श्रीरेणु त्रिपाठी (R Madhavan) और कोलकाता की फ्रेंच टीचर मधु बोस (Fatima Sana Shaikh) की है। श्रीरेणु एक 42 वर्षीय अकेला आदमी है जो अपनी नीरस जिंदगी से ऊब चुका है। वह एक ऑनलाइन चैटिंग ऐप पर मधु से मिलता है—एक ऐसी महिला जो अपने रिश्तों में बहुत कुछ झेल चुकी है और अब आत्मनिर्भर है।
दोनों की सोच एकदम अलग—एक ट्रेडिशनल पुरुष और एक मॉडर्न महिला। दोनों का रहन-सहन, सोचने का तरीका, भाषा और उम्मीदें सब अलग हैं। लेकिन फिर भी प्यार हो जाता है। फिल्म का पहला हाफ यहीं तक सीमित रहता है।
प्यार की परिभाषा—नई उम्र, नई जरूरतें

इस फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह दो विपरीत सोच वाले लोग एक रिश्ते में आते हैं और फिर कैसे समय के साथ उनकी प्राथमिकताएं और सोच टकराने लगती है। मधु जहां भावनात्मक रूप से परिपक्व है, वहीं श्रीरेणु रिश्तों को लेकर काफी अनाड़ी है।
यह फिल्म प्यार के सिर्फ इजहार नहीं, बल्कि उस गहराई की बात करती है जो एक रिश्ते को टिकाऊ बनाती है। “प्यार करने” और “प्यार निभाने” के बीच के फर्क को फिल्म बहुत खूबसूरती से पेश करती है।
R Madhavan की अदाकारी—एकदम Realistic
R Madhavan इस फिल्म में अपनी सबसे शांत और असरदार परफॉर्मेंस देते नजर आते हैं। उनका किरदार जटिल है—एक ऐसा आदमी जो खुद को बहुत समझदार समझता है, लेकिन असल में खुद को भी नहीं जानता। उनकी झिझक, संकोच, और मन के अंदर चल रहे द्वंद को R Madhavan ने बखूबी पर्दे पर उतारा है।
Fatima Sana Shaikh ने मधु के किरदार में जान डाल दी है। एक आत्मनिर्भर महिला, जो अब किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं—इस किरदार को उन्होंने सहजता और ठहराव से जिया है।
कहां कमजोर पड़ी फिल्म?
हालांकि फिल्म की शुरुआत अच्छी है, लेकिन मिड हाफ के बाद इसका ट्रैक थोड़ा बिखरता है। कहानी अचानक उपदेशात्मक हो जाती है और दर्शक इससे जुड़ाव खो बैठते हैं। डायरेक्शन और एडिटिंग थोड़ी और टाइट होती तो यह फिल्म और प्रभावशाली बन सकती थी।
प्यार के नाम पर रिश्तों में घुटन?
फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा है वो दृश्य जब एक महिला शादी के दशकों बाद अपने पति को छोड़ने का फैसला करती है। सिर्फ इसलिए कि वो अब भी उसे एक नौकरानी की तरह ट्रीट करता है। यह सीन आंखें खोल देने वाला है।
फिल्म पुरुषों की उस मानसिकता को उजागर करती है जिसमें वे महिलाओं को जज करने में देर नहीं लगाते, लेकिन खुद की गलतियों पर कभी आत्ममंथन नहीं करते।
कोलकाता—फिल्म का तीसरा किरदार
फिल्म के लोकेशंस कोलकाता में शूट किए गए हैं। गलियों, ट्राम, चाय की दुकानों और पुरानी हवेलियों ने फिल्म को एक अलग ही वाइब दी है। अगर आप कोलकाता के सौंदर्य और पुरानी संस्कृति को देखना पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए विजुअल ट्रीट हो सकती है।
क्या देखें या छोड़ दें?
R Madhavan की ‘आप जैसा कोई’ एक स्लो बर्नर फिल्म है। यह उन दर्शकों के लिए नहीं है जो सिर्फ मसालेदार रोमांस देखना चाहते हैं। यह फिल्म सोचने पर मजबूर करती है। अगर आप रिश्तों की गहराई, सामाजिक बदलाव और भावनात्मक परिपक्वता को समझना चाहते हैं, तो यह फिल्म जरूर देखें। आप इस फिल्म के ट्रेलर को नीचे दिए गए लिंक के ज़रिए देख सकते हैं, जिससे आपको इसकी कहानी और मूड का बेहतर अंदाज़ा मिलेगा।
R Madhavan का करियर:
R Madhavan ने अपने करियर की शुरुआत साउथ इंडस्ट्री से की थी और वहां से लेकर बॉलीवुड तक उन्होंने एक लंबा सफर तय किया है। ‘रहना है तेरे दिल में’, ‘3 इडियट्स’, ‘तनु वेड्स मनु’ जैसी फिल्मों में उनके किरदारों ने उन्हें एक रोमांटिक और वर्सेटाइल एक्टर के रूप में स्थापित किया। वे हिंदी और तमिल फिल्मों के साथ-साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करवा चुके हैं। अभिनय के अलावा माधवन निर्देशन और लेखन में भी सक्रिय हैं।
R Madhavan की नई फिल्म क्यों है जरूरी?
R Madhavan और Fatima Sana Shaikh की इस फिल्म में न कोई क्लासिक विलेन है, न कोई डांस नंबर। है तो सिर्फ एक कहानी—प्यार की, रिश्तों की, समाज की और उन सवालों की जो हर रिश्ते में अनकहे रह जाते हैं।
‘आप जैसा कोई’ एक ऐसी फिल्म है जिसे शायद हर कपल को साथ में देखना चाहिए। ताकि रिश्तों में सिर्फ ‘I love you’ कहने की जगह ‘I understand you’ कहना भी जरूरी समझा जाए।
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