भारत की जल चेतावनी: पाकिस्तान ने 1,50,000 लोगों को किया इवैक्यूएट!

India ने मधोपुर डैम से जल छोड़ने (Water Release) की दी सूचना। पाकिस्तान ने रावी, सतलज व चिनाब नदी किनारे बसे 1.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। पूरी खबर पढ़ें।
भारत की जल चेतावनी के बीच पाकिस्तान ने नदी किनारे के 1.5 लाख निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
इस्लामाबाद 28 Aug : भारत द्वारा अचानक बड़ी मात्रा में पानी छोड़ने की चेतावनी के मद्देनजर, पाकिस्तान ने अपने पंजाब प्रांत में रावी, सतलज और चिनाब नदियों के किनारे बसे गांवों के कम से कम 1,50,000 निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान तेज कर दिया है। यह कदम बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए उठाया गया है।
India Pakistan water release : New Water Bomb?
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, उन्हें सोमवार को भारत की ओर से अचानक सूचना मिली कि भारत के पंजाब प्रांत में स्थित मधोपुर डैम से अतिरिक्त जल छोड़ने की योजना है। इसी चेतावनी के बाद पाकिस्तान की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने तुरंत निकासी अभियान शुरू किया।
पाकिस्तानी आपदा प्रबंधन अधिकारी मजहर हुसैन ने पुष्टि की कि भारत नियंत्रित मात्रा में जल छोड़ने वाला है। उन्होंने बताया, “हमें भारत से सूचना मिली है और तीनों नदियों के किनारे बसे सैकड़ों गांवों को खाली करवा लिया गया है। हमारी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।”
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों पड़ोसी देशों के बीच मई महीने में हुई सैन्य झड़प के बाद से लगातार तनाव का माहौल बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर भारत की जल-रिहाई ( water release) से पाकिस्तान में बाढ़ की स्थिति और विकट होती है तो इससे द्विपक्षीय संबंधों में और तनाव पैदा हो सकता है।
पाकिस्तान के लिए यह चुनौती विशेष रूप से गंभीर है क्योंकि देश का पंजाब प्रांत पहले से ही इस वर्ष भीषण मानसूनी बारिश और बाढ़ की मार झेल रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस मानसून में अब तक देश भर में 799 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। उत्तर-पश्चिमी इलाकों में भारी बाढ़ आई है, जबकि गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने से हालात और गंभीर हुए हैं।
पंजाब प्रांत पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यह देश का सबसे प्रमुख कृषि क्षेत्र है जो खाद्य उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा संभालता है। इन तीनों नदियों के किनारे की जमीन अत्यंत उपजाऊ है और यहां बाढ़ का सीधा असर देश की खाद्य सुरक्षा पर पड़ने की आशंका है।
भारतीय सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि भारी बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने पर नियमित रूप से डैम से अतिरिक्त पानी छोड़ा जाता है, जो प्राकृतिक रूप से पाकिस्तान की ओर बह जाता है। एक भारतीय सरकारी सूत्र ने बताया कि उन्होंने मानवीय आधार पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय को यह सूचना दी थी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि बारिश जारी रही तो भविष्य में और चेतावनियां जारी की जा सकती हैं।
फिलहाल, पाकिस्तानी अधिकारी नदियों के जलस्तर पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और संभावित बाढ़ से निपटने के लिए राहत और बचाव दल तैनात हैं।
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