
औरैया से बेटे को NEET का पेपर दिलाने आए पिता की ट्रेन की चपेट में आने से मौत। Lucknow में परीक्षा केंद्र के पास हुआ हादसा, पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
लखनऊ (बीकेटी) 3 April । एक अत्यंत दर्दनाक और सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। बेटे को NEET की परीक्षा दिलाने के लिए औरैया से लखनऊ आए एक पिता की परीक्षा केंद्र के पास ही ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब उनका बेटा NEET exam center accident का शिकार होकर परीक्षा हॉल में अपना भविष्य लिख रहा था। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। इस घटना से परीक्षा केंद्र के आसपास के लोगों में शोक और श्रद्धा का माहौल है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान अरुण कुमार (38 वर्ष) के रूप में हुई है। वह औरैया जिले के भरधना रोड, वार्ड नंबर 6, बस्ती बिधुना के निवासी थे। वह अपने बेटे यशु को बीकेटी स्थित इंटर कॉलेज में NEET की परीक्षा दिलाने के लिए लाए थे। पिता होने के कर्तव्य का निर्वहन करते हुए वह सुबह से ही अपने बेटे के साथ परीक्षा केंद्र पहुंच गए थे। उन्होंने बेटे को पूरी सहूलियत के साथ परीक्षा केंद्र के अंदर जाते देखा, लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने सबको चौंका दिया।
NEET परीक्षा शुरू होते ही पिता गए रेल पटरी पर
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, परीक्षा शुरू होने के तुरंत बाद अरुण कुमार परीक्षा केंद्र से कुछ दूरी पर स्थित रेलवे ट्रैक की तरफ चले गए। ऐसा लग रहा था कि वह ट्रैक के पास किसी काम से गए थे, लेकिन जिस समय वह तेजी से पटरी पार कर वापस लौट रहे थे, तभी विपरीत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार ट्रेन ने उन्हें चपेट में ले लिया। यह दृश्य देखते ही आसपास के लोगों के होश उड़ गए। घटना इतनी भीषण थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना सीतापुर रोड स्थित इंदौरा बाग चौकी को दी। यह चौकी घटनास्थल से मात्र 50 कदम की दूरी पर है।
घटनास्थल पर मिला आधार कार्ड, पुलिस ने गहन जांच शुरू की
मौके पर पहुंची बीकेटी पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। मृतक की जेब में एक आधार कार्ड मिला, जिसके आधार पर उनकी शिनाख्त की गई। इसके अलावा उनके पास एक बैग भी था, जिसमें अन्य दस्तावेज मिले हैं। पुलिस ने बताया कि मृतक के पास मिले मोबाइल फोन से सबसे पहले उनके परिजनों से संपर्क किया गया। जब परिजनों को यह दर्दनाक खबर सुनाई गई, तो वे सदमे में आ गए। परिजनों ने पुष्टि की कि अरुण कुमार अपने बेटे को लेकर बीकेटी इंटर कॉलेज में NEET परीक्षा दिलाने गए थे। इस NEET exam center accident की खबर सुनकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बेटे को परीक्षा खत्म होने के बाद लगी पिता के निधन की सूचना
पुलिस ने बेहद मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए फैसला किया कि जब तक परीक्षा जारी है, बेटे को यह दुखद समाचार नहीं सुनाया जाएगा। परीक्षा शाम 5 बजे समाप्त होने के बाद जब बेटा यशु बाहर निकला, तो पुलिस ने उसे बीकेटी थाने बुलाकर पूरी सहानुभूति के साथ उसके पिता की मौत की जानकारी दी। यह सुनते ही बेटे के पैरों तले जमीन खिसक गई। परीक्षा खत्म करते ही अपने पिता को खोने का गम उस सत्रह-अठारह साल के युवा के लिए किसी प्रलय से कम नहीं था। फिलहाल, बेटा बीकेटी थाने में ही है, जहां पुलिस अधिकारी उसे ढांढस बंधा रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई और अगली प्रक्रिया
बीकेटी थाना प्रभारी संजय सिंह ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। मृतक अरुण कुमार के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि परिजन औरैया से लखनऊ के लिए रवाना हो चुके हैं। जैसे ही वे लखनऊ पहुंचेंगे, शहीद परिवार को शव सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिलहाल, पुलिस ने मामले को दुर्घटना का मानते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।
पिता के निधन से मचा कोहराम
इस घटना ने पूरे बीकेटी क्षेत्र में शोक की लहर पैदा कर दी है। स्थानीय लोगों ने राहत पुलिस को तुरंत सूचना देकर एक बड़ी दुर्घटना को टालने में मदद की। लोगों का कहना है कि परीक्षा केंद्र के पास रेलवे ट्रैक होना एक बड़ी लापरवाही है। अरुण कुमार जैसे कई अभिभावक अपने बच्चों को परीक्षा दिलाने के लिए दूर-दराज के इलाकों से आते हैं, लेकिन ऐसे हादसे बेहद दुखद हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि परीक्षा केंद्रों के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी अन्य परिवार को इस तरह की घटना का सामना न करना पड़े।
NEET परीक्षा के दौरान सुरक्षा पर उठते सवाल
यह दुर्घटना NEET जैसी बड़ी परीक्षा के आयोजन के दौरान सुरक्षा प्रबंधन पर भी सवाल खड़े करती है। अक्सर देखने को मिलता है कि हजारों की संख्या में अभिभावक अपने बच्चों के साथ परीक्षा केंद्रों पर पहुंचते हैं, जहां उचित प्रबंधन और यातायात या रेल सुरक्षा के अभाव में ऐसी अप्रिय घटनाएं घट जाती हैं। इस NEET exam center accident के बाद अभिभावकों में भय और आक्रोश देखा जा रहा है। उनका सवाल है कि आखिर क्यों परीक्षा केंद्र के आसपास के खतरनाक इलाकों को चिन्हित नहीं किया जाता और न ही वहां पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाता है।
पिता का बेटे के भविष्य के प्रति समर्पण और अंत में उसी भविष्य की खातिर उनका अपना अंत किसी बड़े दर्द से कम नहीं है। यह घटना हर उस अभिभावक के लिए एक चेतावनी है, जो अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए जान जोखिम में डालते हैं। साथ ही, यह जिला प्रशासन और रेलवे के लिए भी एक आईना है कि परीक्षा केंद्रों के आसपास के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता से विचार किया जाए। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है, और मृतक के परिवार को ढांढस बंधाने का काम चल रहा है। आशा की जाती है कि प्रशासन मृतक परिवार को उचित मुआवजा और राहत प्रदान करेगा।
Lucknow Bhandara : बड़े मंगल में फ्री पानी का टैंकर,1533 नंबर पर भंडारे की जानकारी दें!
Whatsapp Group :https://chat.whatsapp.com/KFwjngVxe8X9XC9XQL3MlA
Discover more from Utthan Xpress
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
