
बॉलीवुड अभिनेत्री Disha Patani के बरेली स्थित घर पर हुई फायरिंग में सनसनी। गोल्डी गैंग के गुर्गे रोहित गोदारा ने सोशल मीडिया पर ली जिम्मेदारी। पुलिस ने गठित की पांच टीमें।
बरेली: बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित पैतृक आवास पर शुक्रवार तड़के हुई बर्बर फायरिंग की घटना ने शहर में सनसनी फैला दी है। बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने घर के मुख्य द्वार पर नौ राउंड फायर करके आतंक मचाया। घटना के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में अपराधी गोल्डी बरार के गुर्गे ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुँच गईं। मुख्य पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि घटना की सूचना स्वयं Disha Patani के पिता और सेवानिवृत्त सीओ जगदीश पाटनी ने तड़के साढ़े तीन बजे दी। पुलिस ने घर की बालकनी के छज्जे पर फायरिंग के कई निशान पाए हैं। प्रारंभिक जाँच में तीन बर्स्ट में नौ राउंड फायरिंग की पुष्टि हुई है।
सीसीटीवी में कैद हुआ हमला, पुलिस ने गठित की टीमें
सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा से पता चला है कि दो हेलमेटधारी युवक एक बाइक पर सवार होकर आए और उन्होंने निशाना लेकर फायरिंग की। फायरिंग के बाद दोनों आरोपी नैनीताल हाईवे की ओर भाग निकले। इस गंभीर घटना की तह तक पहुँचने के लिए एसएसपी ने एसपी सिटी और एसपी क्राइम के नेतृत्व में पांच विशेष जाँच टीमें गठित की हैं। परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घर पर चार पुलिसकर्मियों की गारद तैनात कर दी गई है और दो गनर भी प्रदान किए गए हैं।
सोशल मीडिया पर किसने ली जिम्मेदारी?
घटना के कुछ ही घंटों बाद, ‘रोहित गोदारा’ नाम के एक एकाउंट से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस हमले की जिम्मेदारी ली गई। इस पोस्ट में दावा किया गया कि यह हमला दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी द्वारा स्वामी अनिरुद्धाचार्य और स्वामी प्रेमानंद जैसे संतों के बारे में दी गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के जवाब में किया गया है। पोस्ट में भविष्य में ऐसा करने वालों को जान से मारने की धमकी भी दी गई है। पुलिस इस सोशल मीडिया पोस्ट और उससे जुड़े लोगों की पड़ताल कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी, जो एक सेवानिवृत्त मेजर हैं, सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। उन्होंने हाल ही में एक संत के विवादास्पद बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी इस टिप्पणी को गलत तरीके से दूसरे संतों से जोड़कर देखा गया और उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। खुशबू पाटनी ने बाद में सफाई देते हुए कहा था कि उनका इरादा किसी विशेष व्यक्ति का अपमान करना नहीं था, लेकिन उनके अपने मूल बयान पर वह कायम हैं। माना जा रहा है कि यह घटना उन्हीं टिप्पणियों के विरोध में की गई एक हिंसक प्रतिक्रिया है।
फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया एंगल से इस मामले की तह तक पहुँचने में जुटी हुई है। यह पूछे जाने पर कि क्या दिशा पाटनी घटना के समय घर पर थीं, पुलिस ने इसकी पुष्टि करने से इनकार कर दिया है। पूरा मामला गहराता जा रहा है और पुलिस से इसकी शीघ्र सुलझने की उम्मीद की जा रही है।
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