Bharat Taxi: Ola-Uber को चुनौती, ड्राइवरों को पूरी कमाई!

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केंद्र सरकार ने लॉन्च की भारत की पहली सहकारी टैक्सी सेवा ‘Bharat Taxi ‘। जानें कैसे यह ड्राइवरों को मिलेगी पूरी कमाई और यात्रियों को सस्ता व सुरक्षित विकल्प। नवंबर में दिल्ली में शुरुआत।

Bharat Taxi :ड्राइवरों की बल्ले बल्ले !

नई दिल्ली 24 Oct । भारतीय टैक्सी बाजार में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। केंद्र सरकार ने देश की पहली सहकारी टैक्सी सेवा, ‘Bharat Taxi ‘ लॉन्च की है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना सीधे तौर पर Ola और Uber जैसी निजी कैब एग्रीगेटर कंपनियों को चुनौती देने के लिए तैयार की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य ड्राइवरों को उनकी कमाई का पूरा हिस्सा दिलाना और यात्रियों को सस्ता, पारदर्शी और सरकारी निगरानी वाला विकल्प उपलब्ध कराना है।

क्यों जरूरी हुई ‘भारत टैक्सी’ की शुरुआत?

वर्षों से, ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं के खिलाफ यात्रियों और ड्राइवरों, दोनों की ओर से शिकायतों का सिलसिला जारी रहा है। यात्री गंदे वाहनों, सर्ज प्राइसिंग के कारण बढ़े हुए किराए, और मनमाने तरीके से राइड कैंसिल होने की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं, ड्राइवरों की मुख्य शिकायत कंपनियों द्वारा लिए जाने वाला ऊंचा कमीशन है, जो कई बार उनकी कमाई के 25 से 30 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। इससे उनकी शुद्ध आय पर प्रभाव पड़ता है। भारत टैक्सी सहकारी सेवा इन्हीं चुनौतियों का समाधान बनकर उभरी है।

ड्राइवरों के लिए वरदान: नहीं कटेगा कोई कमीशन

भारत टैक्सी का सबसे बड़ा आकर्षण इसका कमीशन-मुक्त बिजनेस मॉडल है। निजी एग्रीगेटर्स के विपरीत, यहां ड्राइवरों से किसी भी सवारी पर कमीशन नहीं लिया जाएगा। इसके स्थान पर, एक सहकारी सदस्यता मॉडल अपनाया जाएगा, जिसमें ड्राइवरों को केवल एक मामूली दैनिक, साप्ताहिक या मासिक सदस्यता शुल्क का भुगतान करना होगा। सरकार का मानना है कि यह कदम ड्राइवरों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा और उनकी वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाएगा।

दिल्ली में नवंबर में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। नवंबर 2024 में, दिल्ली में लगभग 650 वाहनों और उनके चालकों के साथ एक पायलट परियोजना शुरू की जाएगी। इसके सफल परीक्षण के बाद, दिसंबर में सेवा का पूर्ण पैमाने पर रोलआउट किया जाएगा और इसे अन्य प्रमुख शहरों तक विस्तारित किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक राष्ट्रीय चरण में लगभग 5,000 पुरुष और महिला ड्राइवर भाग लेंगे। इसके बाद, अगले वर्ष तक इस सहकारी टैक्सी सेवा का विस्तार मुंबई, पुणे, भोपाल, लखनऊ और जयपुर सहित 20 और शहरों में किया जाएगा।

सहकारी मॉडल पर होगा संचालन

भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी निजी कंपनी के स्वामित्व में नहीं, बल्कि एक सहकारी उद्यम के रूप में काम करेगी। इस पूरे प्लेटफॉर्म का संचालन ‘सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड’ द्वारा किया जाएगा, जिसकी स्थापना जून 2024 में 300 करोड़ रुपये की प्रारंभिक पूंजी के साथ की गई थी। यह मॉडल लाभ के बजाय सदस्यों के कल्याण को प्राथमिकता देता है।

2030 तक एक लाख ड्राइवरों से जुड़ने का लक्ष्य

सरकार ने इस परियोजना के लिए दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित किए हैं। मार्च 2026 तक, सरकार का लक्ष्य कई महानगरीय क्षेत्रों में भारत टैक्सी का मजबूत संचालन स्थापित करना है। वहीं, 2030 तक, इस प्लेटफॉर्म से लगभग 1 लाख ड्राइवरों के जुड़ने की उम्मीद है, जिससे यह सेवा जिला मुख्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बना सकेगी।

निस्संदेह, भारत टैक्सी का आगमन भारत के परिवहन क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखता है। यह न केवल ड्राइवरों और यात्रियों के हितों की रक्षा करेगा, बल्कि एक निष्पक्ष और संतुलित टैक्सी इकोसिस्टम के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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