अफगान-पाकिस्तान में 6.2 तीव्रता के भूकंप के झटके, सतर्क हुई टीमें
अफगानिस्तान-पाकिस्तान में 6.2 तीव्रता का भूकंप (earthquake)। जानें क्षति की स्थिति, पिछले भूकंप से हुई तबाही और कुनार प्रांत की वर्तमान स्थिति के बारे में।

काबुल/इस्लामाबाद 4 sep : अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कई इलाकों में बृहस्पतिवार को एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। यह झटका रिक्टर स्केल पर 6.2 की तीव्रता का मापा गया है। इससे पहले, पिछले सप्ताह आए शक्तिशाली भूकंप में 2,200 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है, जिससे इस नए झटके ने क्षेत्र में दहशत की लहर दौड़ा दी है।
Earthquake का केंद्र और प्रभावित क्षेत्र
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, इस अफगानिस्तान पाकिस्तान भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के शहर जलालाबाद से महज 14 किलोमीटर पूर्व में और लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में था। इसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसके झटके आस-पास के कई प्रांतों और पड़ोसी देश पाकिस्तान के उत्तरी इलाकों में स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। फिलहाल, इस नए भूकंप से किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है, लेकिन स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें राहत और बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।
पिछले सप्ताह की तबाही की याद
यह झटका ऐसे समय आया है जब अफगानिस्तान पिछले रविवार रात आए 6.0 तीव्रता के विनाशकारी अफगानिस्तान भूकंप से उबर भी नहीं पाया है। तालिबान सरकार के एक प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को ही पुष्टि की कि उस भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,200 से अधिक हो गई है। सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं और बचाव कार्य जारी है।
कुनार प्रांत में सबसे अधिक तबाही
पिछले भूकंप (earthquake)से सबसे ज्यादा नुकसान अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में हुआ है। यहाँ के दूरदराज के गाँव, जो ऊँचे पहाड़ों और नदी की घाटियों में बसे हैं, पूरी तरह से तबाह हो गए। मिट्टी, कच्ची ईंटों और लकड़ी से बने मकानों के मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम चल रहा है। हालाँकि, खराब बुनियादी ढाँचे, दुर्गम पहाड़ी रास्तों और संसाधनों की कमी के चलते राहत और बचाव कार्यों में गंभीर बाधाएँ आ रही हैं।
पाकिस्तान में लगातार महसूस हो रहे हैं झटके
वहीं, पाकिस्तान के उत्तरी क्षेत्रों में भी हाल के हफ्तों में पाकिस्तान भूकंप के झटके लगातार महसूस किए जा रहे हैं। बीते 25 अगस्त को 4.3 तीव्रता का भूकंप (earthquake) आया था, जिसके झटके इस्लामाबाद, रावलपिंडी और खैबर पख्तूनख्वा में महसूस किए गए थे। इससे पहले 19 और 20 अगस्त को भी 5.5 और 3.7 तीव्रता के झटके दर्ज किए गए थे। भौगोलिक रूप से, भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के जंक्शन पर स्थित होने के कारण यह क्षेत्र भूकंप (earthquake) के प्रति अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस पूरे क्षेत्र में भूगर्भीय हलचलें अभी सक्रिय हैं और आने वाले समय में भी मध्यम स्तरीय झटकों की संभावना बनी हुई है। ऐसे में, स्थानीय अधिकारियों द्वारा लोगों को सतर्क और सजग रहने की सलाह दी जा रही है।
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