Afghanistan Earthquakes: 800+ की मौत, भारत ने भेजी 1000 टेंट और 15 टन राशन

अफगानिस्तान में विनाशकारी भूकंप (Afghanistan Earthquakes) से 800+ लोगों की मौत। भारत ने तुरंत मानवीय सहायता शुरू की – 1000 टेंट और 15 टन खाद्य सामग्री भेजी। पीएम मोदी ने जताया दुख।
काबुल 1 Sep । भारत के पड़ोसी देश अफगानिस्तान में रविवार देर रात आए भीषण भूकंप (Afghanistan Earthquakes) ने जमकर तबाही मचाई है। 6.0 तीव्रता के इस भूकंप के कारण अब तक 800 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 1300 से अधिक लोग घायल हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बाद मानवीय संकट गहराने के बीच, भारत ने तत्काल प्रभाव से राहत और बचाव कार्यों के लिए सहायता का हाथ बढ़ाया है।
Afghanistan में भीषण भूकंप से तबाही, भारत ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना से भेजी राहत सामग्री
भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में कुनार प्रांत के कस्बों के नजदीक बताया जा रहा है, जिसके झटके पड़ोसी नंगहार प्रांत के जलालाबाद शहर में भी महसूस किए गए। आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, कई गांव पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं और मलबे में दबे लोगों को बचाने का कार्य जारी है। मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।
भारत ने की ‘मित्र देश’ की भूमिका निभाई
इस कठिन घड़ी में, भारत सरकार ने त्वरित कार्यवाही करते हुए अफगानिस्तान को मानवीय सहायता भेजनी शुरू कर दी है। भारत की ओर से पहले चरण में 1000 परिवारों के लिए टेंट (तंबू) और 15 टन खाद्य सामग्री रवाना की गई है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह राहत सामग्री तुरंत पहुंचाई जा रही है।
डॉ. जयशंकर ने लिखा, “आज अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी अमीर खान मुत्तकी से बात की। भूकंप (Afghanistan Earthquakes) में हुई जान-माल की हानि पर अपनी संवेदना व्यक्त की। बताया कि भारत ने आज काबुल में 1000 परिवारों के लिए तंबू पहुंचाए हैं। भारतीय मिशन द्वारा काबुल से कुनार तक 15 टन खाद्य सामग्री भी तुरंत पहुंचाई जा रही है। कल से भारत से और राहत सामग्री भेजी जाएगी। इस कठिन समय में भारत अफगानिस्तान के साथ है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया गहरा दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पर गहरा दुख और संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत प्रभावित लोगों को हर संभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पीएम मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “Afghanistan में आए भूकंप में हुई जानमाल की हानि से गहरा दुख हुआ है। इस कठिन घड़ी में हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं, और हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। भारत प्रभावित लोगों को हर संभव मानवीय सहायता और राहत प्रदान करने के लिए तैयार है।”
भारत द्वारा इस आपदा की घड़ी (Afghanistan Earthquakes) में तुरंत की गई यह पहल दर्शाती है कि देश मानवीय सहायता को राजनीति से ऊपर रखते हुए ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ (संपूर्ण पृथ्वी एक परिवार है) की अपनी सदियों पुरानी भावना के अनुरूप कार्य करता है। आने वाले दिनों में और अधिक राहत सामग्री भेजे जाने की उम्मीद है, जो अफगानिस्तान के लोगों के दर्द और तकलीफ को कुछ कम करने का काम करेगी।
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