सऊदी अरब का पहला ‘हलाल एआई’ चैटबॉट हुमैन लॉन्च, जानें 5 खास बातें!

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दुनिया का पहला ‘हलाल एआई’ (halal-ai) चैटबॉट हुमैन( humain) लॉन्च। अरबी भाषा और इस्लामी मूल्यों पर आधारित यह AI चैटबॉट ChatGPT को दे रहा है टक्कर। पूरी जानकारी पढ़ें।

Riadh 29 Aug । कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में एक नए और अनूठे चैटबॉट ने दस्तक दी है। सऊदी अरब स्थित एआई कंपनी हुमैन (Humain) ने दुनिया के पहले ‘हलाल एआई’ चैटबॉट ‘हुमैन चैट’ का सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि यह चैटबॉट अरबी भाषा, इस्लामी परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और विरासत के प्रति गहरी संवेदनशीलता रखता है, जो इसे वैश्विक एआई बाजार में एक विशिष्ट पहचान देता है।

क्या है ‘हलाल एआई’ (Halal-Ai) की अवधारणा?

‘हलाल एआई’ शब्द एक ऐसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता को परिभाषित करता है जो इस्लामी सिद्धांतों और नैतिक मानकों के अनुरूप कार्य करता है। हुमैन चैट (Humain Chat) अरबी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सहजता से बातचीत कर सकता है। यह मिस्र और लेबनानी जैसी क्षेत्रीय बोलियों को भी समझने और उनमें प्रतिक्रिया देने में सक्षम है। उपयोगकर्ता टेक्स्ट या वॉइस नोट के माध्यम से इससे प्रश्न पूछ सकते हैं और रियल-टाइम में सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

शक्तिशाली ‘ALLAM 34B’ मॉडल पर आधारित

इस चैटबॉट की तकनीकी नींव ‘ALLAM 34B’ नामक एक उन्नत लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) है। इस मॉडल को आठ पेटाबाइट से अधिक के एक विशाल अरबी डेटासेट पर प्रशिक्षित किया गया है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा अरबी डेटासेट माना जा रहा है। कंपनी के अनुसार, इस मॉडल को विशेष रूप से ‘इस्लामी, मध्य पूर्वी और सांस्कृतिक बारीकियों’ वाले डेटा पर तैयार किया गया है, जो इसे OpenAI के ChatGPT जैसे पश्चिमी-केंद्रित मॉडलों से अलग करता है।

सऊदी सार्वजनिक निवेश से हुआ विकसित

हुमैन कंपनी के विकास में सऊदी अरब के सार्वजनिक निवेश कोष (PIF) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यह लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब सऊदी अरब और पूरा मध्य-पूर्व क्षेत्र तकनीकी उन्नति और AI में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में, मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सऊदी यात्रा के दौरान AI बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अरबों डॉलर के समझौते भी हुए थे।

डेटा प्राइवेसी पर जोर

यूजर्स की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, कंपनी ने जोर देकर कहा है कि हुमैन चैट पूरी तरह से सऊदी अरब के पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून का पालन करता है। सभी उपयोगकर्ता डेटा को देश के भीतर ही स्टोर किया जाएगा, ताकि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

वैश्विक प्रतिस्पर्धा और भविष्य

हुमैन चैट को सबसे पहले सऊदी अरब में वेब, iOS और Android प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके बाद इसे मध्य पूर्व और शेष विश्व में लॉन्च किया जाएगा। यह अबू धाबी के ‘फाल्कन अरेबिक मॉडल’ जैसे अन्य क्षेत्रीय मॉडलों के साथ प्रतिस्पर्धा में उतरेगा। दुनिया के 38 करोड़ से अधिक अरबी भाषी users को सीधे अपनी मातृभाषा में सेवाएं प्रदान करने की क्षमता के कारण इसके व्यापक प्रभाव की उम्मीद है।

निस्संदेह, हुमैन चैट का लॉन्च AI प्रौद्योगिकी को सांस्कृतिक और भाषाई रूप से विविध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो दर्शाता है कि भविष्य का AI स्थानीयकृत और समावेशी होगा।

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