Online Gaming Bill 2025: Dream11-MPL सहित कई गेम्स Ban, जानें फंसा पैसा कैसे निकालें

Online Gaming Bill 2025 के तहत सरकार ने Dream11 और MPL जैसे रियल मनी गेम्स पर रोक लगा दी है। जानिए कंपनियों ने क्यों उठाया यह कदम, WHO का क्या कहना है और फंसा हुआ पैसा कैसे निकालें।
लखनऊ 22 अगस्त 2025: 21 अगस्त 2025 को, लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी बिना बहस के Online Gaming Bill 2025 पारित कर दिया गया। यह विधेयक रियल-मनी ऑनलाइन गेम्स पर पाबंदी लगाता है और उनके विज्ञापन तथा वित्तीय लेनदेन को भी प्रतिबंधित करता है।
इस बिल के पश्चात, जुए जैसी लत, वित्तीय धोखाधड़ी तथा मानसिक हानि जैसी चिंताएं सामने आईं। बिल में 3 वर्ष तक की कारावास या 1 करोड़ तक जुर्माना जैसे दंड का प्रावधान किया गया है।
Dream11 का तत्काल प्रभाव और प्रतिक्रिया
Dream11 की पैरेंट कंपनी, Dream Sports, ने बिल पारित होते ही रियल-मनी गेमिंग यूनिट को तत्काल बंद करने का फैसला किया। साल 2024 में कंपनी ने लगभग ₹9,600 करोड़ का राजस्व दर्ज किया, जिसमें लगभग 90% हिस्सा रियल-मनी कॉन्टेस्ट से आता है।
उनकी कमान संभालने वाले CEO हर्ष जैन ने कर्मचारियों को internal नोट के माध्यम से बताया कि अब भुगतान आधारित गेम्स को जारी रखना कानून के मद्देनजर संभव नहीं है।
कारोबार पर भारी असर — कर्मचारियों और राजस्व की स्थिति

Dream11 के निर्णय से केवल यूजर्स ही नहीं, बल्कि हजारों फंसे कर्मचारी और निवेशक भी प्रभावित हुए हैं। कंपनी में रियल-मनी यूनिट से जुड़े सभी कर्मचारियों को सूचित कर दिया गया है।
Livemint के अनुसार, इस यूनिट से Dream Sports के 67% से अधिक राजस्व प्राप्त होते हैं।
इसी तरह MPL, Zupee, Gameskraft जैसे अन्य प्लेटफ़ॉर्म्स ने भी रियल-मनी गेम्स बंद किए; लेकिन Zupee ने मुफ्त गेम्स जैसे Ludo Supreme, Ludo Turbo आदि जारी रखने का ऐलान किया।
क्यों बाज़ीगरी को लेकर Dream11 सहमा हुआ?
बिल Fantasy Sports जैसे कौशल-आधारित गेमों को जुआ मानता है, चाहे वे सुप्रीम न्यायालय द्वाराSkill-Based माना जाएँ।
Dream11 पर गंभीर सामाजिक और कानूनी जोखिम पैदा हो गए हैं, जिसमें “क्रिकेटीकरण” और “मिडिल-क्लास की बचत का विनाश” जैसी चिंताएँ शामिल हैं।
इंडस्ट्री की वैल्यूएशन $8B तक पहुँच चुकी थी, जो अब अधर में लटकी है।
उद्योग का व्यापक क्षरण — रोजगार, निवेश, अफसरियाँ
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बैन से 2 लाख नौकरियां खतरे में हैं और 4 लाख कंपनियाँ धुँधले भविष्य के चिंतित हैं।
Bloomberg एजेंसी के अनुसार, क्षेत्र का आकार $3.6 बिलियन है और 2029 तक इसे $9.2 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान था।
यह कदम निवेशकों जैसे Tiger Global, TCV, Multiples आदि को भी चिंतित कर गया है।
कंपनियों ने क्यों उठाया यह कदम?

नए बिल के मुताबिक, रियल मनी गेमिंग को अब सार्वजनिक स्वास्थ्य और समाज के लिए खतरा माना गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि पैसों से खेले जाने वाले गेम्स युवाओं में नशे जैसी लत पैदा कर देते हैं। नतीजतन कई परिवारों की पूरी जमा-पूंजी खत्म हो जाती है। अनुमान है कि अब तक 45 करोड़ यूजर्स प्रभावित हुए हैं और करीब 20,000 करोड़ रुपये डूब चुके हैं। इसी खतरे को रोकने के लिए सरकार ने कड़े नियम बनाए और कंपनियों को मजबूरी में अपने मनी गेम्स बंद करने पड़े।
नई राह: Dream11 का सोशल गेमिंग व अन्य प्लेटफार्मों की ओर रुख
Dream11 अब गैर-रियल मनी गेमिंग (जैसे FanCode, Sportz Drip, Cricbuzz, Willow TV) में निवेश कर रहा है और विदेशी बाजारों में विस्तार की योजना बना रहा है।
MPL, Zupee जैसे प्लेटफ़ॉर्म्स सोशल / फ्री गेम्स को बढ़ावा दे रहे हैं।
बिल के अंतर्गत स्थापित National Online Gaming Commission लाइसेंसिंग, नियमन और सुरक्षा मानदंडों का संचालक बनेगा।
Dream11 से पैसा कैसे निकाले?

फिलहाल Dream11 ने नई गाइडलाइन जारी नहीं की है, लेकिन सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:
- Dream11 अकाउंट में लॉग इन करें।
- My Balance सेक्शन खोलें।
- Winnings पर क्लिक करें।
- Withdraw बटन दबाएं।
- निकासी की राशि दर्ज करें (₹200 से ₹2,00,000 तक)।
- Submit पर क्लिक करें।
- पैसा आपके बैंक अकाउंट में IMPS/NEFT से ट्रांसफर हो जाएगा।
ध्यान दें – अकाउंट का KYC वेरिफाइड होना जरूरी है और विदड्रॉ के लिए कम से कम ₹200 बैलेंस होना चाहिए।
MPL से पैसा कैसे निकालें?
- सबसे पहले KYC पूरी करें (सिर्फ एक बार करना होता है)।
- बैंक अकाउंट को ऐप के वॉलेट पेज से लिंक करें।
- Withdraw ऑप्शन पर क्लिक करें।
- बैंक अकाउंट और रकम चुनें।
- रिक्वेस्ट कन्फर्म करें।
अगर पैसा अटक जाए तो:
- Transaction History चेक करें।
- Customer Support से संपर्क करें।
- कई बार सर्वर रीस्टार्ट के बाद पैसा अपने आप रिलीज हो जाता है।
नया बिल और उसका असर
ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 में गेमिंग को तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
- E-Sports – सरकार इसे बढ़ावा देगी।
- Online Social Gaming – इसे भी प्रोत्साहन मिलेगा।
- Online Money Gaming – इस पर सख्त रोक लगाई गई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इसे Gaming Disorder घोषित किया है, इसी वजह से सरकार ने इसे नियंत्रण में लाने के लिए बिल पास किया।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 क्यों लाया गया?
→ ताकि रियल मनी गेमिंग से होने वाले वित्तीय नुकसान, लत और सामाजिक खतरे को रोका जा सके।
Q2. क्या Dream11 और MPL हमेशा के लिए बंद हो गए हैं?
→ अभी केवल पैसों वाले गेम्स बंद हुए हैं। फ्री गेम्स और ई-स्पोर्ट्स पर कोई असर नहीं पड़ा है।
Q3. फंसा हुआ पैसा कैसे निकलेगा?
→ यूजर्स Dream11 और MPL ऐप से सामान्य प्रक्रिया द्वारा पैसा निकाल सकते हैं। कंपनियों का दावा है कि वे सभी का बैलेंस वापस करेंगी।
Q4. Zupee के कौन-से गेम चलते रहेंगे?
→ Zupee के फ्री गेम्स जैसे Ludo Supreme, Ludo Turbo और Snakes & Ladders चलते रहेंगे।
सरकार का यह कदम युवाओं और परिवारों को आर्थिक नुकसान और गेमिंग लत से बचाने के लिए उठाया गया है। हालांकि, ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को आगे बढ़ाकर डिजिटल इंडस्ट्री को नया आयाम देने की भी तैयारी है।
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