Google map नहीं DIGI Pin होगा आपका नया पता !

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DIGI Pin

भूल जाएं गूगल मैप की परेशानी! जानें डीजीपिन (DIGI PinIndia Post) क्या है, कैसे बनाएं और बिना इंटरनेट कैसे शेयर करें अपना सटीक पता। #DigitalIndia #NewTechnology

नई दिल्ली 29 dec । क्या आपने कभी ऑनलाइन ऑर्डर दिया है और डिलीवरी एजेंट आपका घर ढूंढ़ते-ढूंढ़ते परेशान हो गया हो? क्या गूगल मैप का लंबा लिंक शेयर करने के बाद सामने वाले ने कहा हो कि “इंटरनेट नहीं चल रहा, लिंक कैसे खोलूं?” अगर हां, तो भारतीय डाक (इंडिया पोस्ट) द्वारा लॉन्च किया गया ‘डीजीपिन’ (DIGI Pin) आपकी इन सभी परेशानियों का स्थायी समाधान बनकर आया है।

यह कोई साधारण पिन कोड नहीं, बल्कि आपके घर, दुकान या ऑफिस का एक अद्वितीय डिजिटल पता है। DIGI Pin की फुल फॉर्म ‘डिजिटल पोस्टल इंडेक्स नंबर’ है। इसे भारतीय डाक ने आईआईटी हैदराबाद और इसरो के वैज्ञानिकों के सहयोग से विकसित किया है, जो इसे एक भरोसेमंद और तकनीकी रूप से मजबूत सिस्टम बनाता है।

गूगल मैप से कितना अलग है DIGI Pin ?

डीजीपिन और गूगल मैप में सबसे बड़ा अंतर इंटरनेट की निर्भरता का है। गूगल मैप की लोकेशन शेयर करने के लिए भेजने और प्राप्त करने वाले दोनों के पास सक्रिय इंटरनेट कनेक्शन जरूरी है। वहीं, डीजीपिन एक 10 अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड है, जिसे आप बिना इंटरनेट के फोन पर बोलकर, एसएमएस द्वारा या कागज पर लिखकर भी भेज सकते हैं। यह सीधे तौर पर एक 4×4 वर्ग मीटर (लगभग 12×12 फीट) के सटीक एरिया को पहचानता है, न कि पूरे इलाके को, जैसा कि पारंपरिक पिन कोड करता है।

एक उदाहरण से समझें: पुराना पिन कोड आपको शहर के बस स्टैंड तक ले जाता है और कहता है कि “आगे अपना रास्ता खोजो,” जबकि डीजीपिन सीधे आपके घर के दरवाजे तक पहुंचाता है।

DIGI Pin की विशेषताएं और लाभ:

  • इंटरनेट-स्वतंत्र: बिना नेट के भी लोकेशन शेयर की जा सकती है।
  • याद रखने में आसान: 10 अक्षरों का छोटा कोड, जिसे आसानी से याद रखा या बोलकर बताया जा सकता है।
  • सटीकता: 4×4 मीटर के दायरे में एग्जैक्ट लोकेशन दिखाता है, जो डिलीवरी, इमरजेंसी सेवाओं या मेहमानों के लिए आदर्श है।
  • गोपनीयता: यह सिर्फ एक लोकेशन कोड है। इसे शेयर करने पर आपकी कोई व्यक्तिगत जानकारी (जैसे नाम, फोन नंबर) साझा नहीं होती।
  • सरकारी एवं सुरक्षित: एक भरोसेमंद सरकारी प्लेटफॉर्म द्वारा संचालित, जो डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।
  • बहुमुखी: इसे क्यूआर कोड के रूप में जनरेट किया जा सकता है, पत्र या कूरियर स्लिप पर लिखा जा सकता है।

कैसे बनाएं और इस्तेमाल करें अपना DIGI Pin?

अपना डीजीपिन जनरेट करना बेहद सरल है:

  1. my DIGI Pin वेबसाइट पर जाएं: भारतीय डाक की आधिकारिक वेबसाइट indiapost.gov.in/mydigipin पर विजिट करें।
  2. लोकेशन एक्सेस दें: वेबसाइट आपकी लोकेशन एक्सेस करने की अनुमति मांगेगी। अनुमति दें।
  3. कोड प्राप्त करें: स्क्रीन पर आपका 10 अंकों का यूनिक डीजीपिन दिखाई देगा। आप इसे कॉपी कर सकते हैं, क्यूआर कोड जनरेट कर सकते हैं या ऑडियो के जरिए सुन सकते हैं।
  4. शेयर करें: इस कोड को किसी भी तरीके से शेयर करें। प्राप्तकर्ता को बस इस कोड को ‘माय डीजीपिन’ वेबसाइट के ‘सर्च लोकेशन’ बॉक्स में डालना है या क्यूआर कोड स्कैन करना है, और वह सीधे आपकी लोकेशन पर पहुंच जाएगा।

डिजिटल इंडिया की ओर एक और मजबूत कदम

DG PIN सिर्फ एक टेक टूल नहीं, बल्कि डिजिटल समावेशन और सुविधा का प्रतीक है। यह उन लाखों लोगों के लिए वरदान है जहां इंटरनेट की पहुंच सीमित है या डिजिटल साक्षरता कम है। पिज्जा डिलीवरी से लेकर एम्बुलेंस सेवाओं तक, ई-कॉमर्स डिलीवरी से लेकर निजी मेहमानों तक, यह तकनीक रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने का वादा करती है।

यह नवाचार स्पष्ट करता है कि कैसे सरकारी सेवाएं तकनीक का उपयोग करके आम आदमी की समस्याओं का सीधा और प्रभावी समाधान पेश कर रही हैं। डीजीपिन के आगमन के साथ, अब चिट्ठी हो या पिज्जा, सब पहुंचेगा सही जगह, बिना किसी कंफ्यूजन के। अगली बार जब कोई आपका पता पूछे, तो बस अपना डीजीपिन (DG PIN) भेज दें।

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