Akashdeep’s Unstoppable Debut: 10 विकेट से मचाई धूम, Bihar से Team India तक का Emotional सफर

बिहार के तेज गेंदबाज Akashdeep ने इंग्लैंड में अपने पहले ही टेस्ट में 10 विकेट लेकर सबको चौंका दिया। जानिए कैसे संघर्षों से भरे सफर के बाद बना यह खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट का नया स्टार।
लखनऊ, 7 जुलाई 2025: भारत के युवा तेज गेंदबाज आकाशदीप (Akashdeep) ने इंग्लैंड की धरती पर ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। एजबेस्टन टेस्ट में उन्हें जब जसप्रीत बुमराह की जगह मौका मिला, तो उन्होंने इस अवसर को दोनों हाथों से लपक लिया। पहली पारी में 4 और दूसरी में 6 विकेट लेकर 10 विकेट झटकते हुए आकाशदीप ने इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।
बुमराह की जगह, भरोसे का जबरदस्त जवाब
जब जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज की जगह आकाशदीप को शामिल किया गया, तब सवाल उठे कि क्या वह टीम की उम्मीदों पर खरे उतर पाएंगे? लेकिन कप्तान रोहित शर्मा के भरोसे का आकाशदीप ने ऐसा जवाब दिया कि क्रिकेट जगत हैरान रह गया। सिराज और आकाश की जोड़ी ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया।
भावुक कर देने वाला खुलासा
मैच के बाद जब आकाश से पूछा गया कि वह यह प्रदर्शन किसे समर्पित करना चाहेंगे, तो उन्होंने एक बेहद भावुक बात कही—“मेरी बहन कैंसर से जूझ रही है, यह प्रदर्शन मैंने उसे समर्पित किया है।” आकाश ने बताया कि गेंदबाजी करते वक्त उनकी बहन की तस्वीर बार-बार उनके दिमाग में आती थी। यह सुनकर हर भारतीय का दिल पसीज गया।
संघर्षों से सजा Akashdeep का जीवन
Akashdeep का क्रिकेट सफर आसान नहीं रहा। बिहार के सासाराम से आने वाले आकाश ने अपने जीवन में कई झटके झेले। 2015 में उन्होंने अपने पिता और भाई को मात्र तीन महीने के भीतर खो दिया। आर्थिक तंगी ने उन्हें मजबूर कर दिया कि वह क्रिकेट से तीन साल तक दूर रहें।
उनके पिता चाहते थे कि आकाश सरकारी नौकरी करें। उन्होंने इसके लिए कई परीक्षाएं भी दीं, लेकिन दिल में तो क्रिकेट ही बस गया था। पढ़ाई में मन नहीं लगता था। इसी जुनून ने उन्हें एक दिन बंगाल की ओर बढ़ने को प्रेरित किया।
बंगाल की ओर रुख और करियर की शुरुआत
बिहार क्रिकेट संघ पर लगे बैन के कारण उन्हें दुर्गापुर और फिर कोलकाता जाना पड़ा। एक छोटे से कमरे में भाई के साथ रहकर उन्होंने क्लब क्रिकेट खेलना शुरू किया। वहां से उनका संघर्ष एक नई दिशा में मोड़ लेता है।
Akashdeep ने 2019 में बंगाल की टीम के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया। उसी साल उन्होंने लिस्ट ए और टी20 क्रिकेट में भी कदम रखा। शुरुआती दिनों में उन्होंने टेनिस बॉल क्रिकेट खेलकर गुजारा किया और क्लब क्रिकेट से खुद को साबित किया।
Akashdeep का घरेलू करियर
- प्रथम श्रेणी मैच: 39 मैच, 138 विकेट
- लिस्ट ए मैच: 28 मैच, 42 विकेट
- टी20 मैच: 48 मैच, 52 विकेट
- आईपीएल प्रदर्शन:
- टीम: रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, लखनऊ सुपर जाएंट्स
- मैच: 10
- विकेट: 14
आईपीएल में विराट कोहली की कप्तानी में खेलने का मौका उन्हें मिला, और बाद में एलएसजी ने भी उन पर भरोसा जताया। अपनी धारदार गेंदबाजी से उन्होंने खुद को टीम इंडिया के लिए तैयार साबित किया।

एक सच्चे योद्धा की कहानी
बचपन में जब लोग उन्हें ताने मारते थे, दोस्त भी दूरी बनाने लगे थे, तब आकाश ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने कहा—“लोग कहते थे कि आकाश से दूर रहो, उसके साथ रहकर बिगड़ जाओगे।” लेकिन आज वही आकाश करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
जब उनके पिता को लकवा मार गया, तब भी उन्होंने हिम्मत नहीं खोई। बहन के कैंसर के बीच भी वह मैदान पर डटे रहे। यह सिर्फ एक क्रिकेटर की नहीं, बल्कि एक सच्चे योद्धा की कहानी है।
भविष्य की उम्मीदें
Akashdeep जैसे खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट की रीढ़ बनते जा रहे हैं। बुमराह, सिराज और शमी की तिकड़ी में अब एक नया नाम मजबूती से जुड़ रहा है—आकाशदीप। उनके शानदार नियंत्रण, गति और स्विंग ने साबित कर दिया कि वे टेस्ट क्रिकेट में लंबी पारी खेलने के लिए तैयार हैं।
बिहार का लाल, भारत का सितारा
Akashdeep ने साबित किया कि जुनून, मेहनत और हिम्मत के साथ कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। आज वे लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। उनका यह सफर यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी उम्मीद की लौ जलाए रखनी चाहिए।
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