Priya Marathe की Shocking Death: जानें वो 10 Cancer Symptoms जिन्हें महिलाएं न करें नज़रअंदाज़ !

टीवी एक्ट्रेस और कॉमेडियन प्रिया मराठे का 38 साल की उम्र में Cancer से निधन। जानें उनकी लाइफ जर्नी, करियर, और क्यों 30–40 की उम्र में महिलाओं में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ब्रेस्ट, कोलन और सर्वाइकल Cancer के शुरुआती लक्षण और बचाव की जानकारी।
लखनऊ 01 सितम्बर, 2025: टीवी इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जानी-मानी अभिनेत्री और कॉमेडियन प्रिया मराठे (Priya Marathe) का 38 साल की उम्र में कैंसर (Cancer) से निधन हो गया। 31 अगस्त 2025 की सुबह, मुंबई में उन्होंने अंतिम सांस ली। पिछले एक साल से वह इस गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं।
इलाज के बावजूद उनकी सेहत में सुधार नहीं हुआ और अंततः उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। टीवी जगत ने एक और चमकता सितारा खो दिया।
Priya Marathe: एक चमकता सितारा
प्रिया मराठे ने अपने करियर की शुरुआत मराठी टीवी से की और फिर बालाजी टेलीफिल्म्स के शो “कसम से” में विद्या बाली का किरदार निभाकर हिंदी दर्शकों का दिल जीत लिया।
उनकी सबसे यादगार भूमिका “पवित्र रिश्ता” में वरषा सतीश का किरदार रही। इस शो ने उन्हें घर-घर में मशहूर बना दिया।
इसके अलावा उन्होंने –
- कॉमेडी सर्कस
- बड़े अच्छे लगते हैं
- भारत का वीर पुत्र – महाराणा प्रताप
- तू तिथे मी
- जयस्तुते
में अपनी अदाकारी से खास पहचान बनाई।
कॉमेडी और एक्टिंग दोनों में शानदार प्रदर्शन करने वाली प्रिया को इंडस्ट्री हमेशा एक मेहनती और मजबूत शख्सियत के तौर पर याद रखेगी।
Young Age में Cancer क्यों बढ़ रहा है?

प्रिया मराठे का निधन इस कड़वी सच्चाई की ओर इशारा करता है कि Cancer अब सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रही।
30–40 साल की उम्र में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और नीचे जो आंकड़े और कारण बताए गए हैं, उसका मकसद ये दिखाना है कि कैंसर अब सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं है, बल्कि युवा पीढ़ी भी इससे तेजी से प्रभावित हो रही है।
इसमें दो मुख्य बातें समझाई गई हैं:
- Statistical Proof (आंकड़े)
- 1990 से 2019 के बीच 50 साल से कम उम्र वालों में कैंसर के मामलों में 79% की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
- इसका मतलब है कि जहां पहले यह रोग ज़्यादातर बुजुर्गों में देखा जाता था, अब युवाओं में भी तेजी से फैल रहा है।
- Causes (कारण)
- एक्सपर्ट्स का मानना है कि लाइफस्टाइल में बदलाव, प्रदूषण और अस्वस्थ खानपान इसके प्रमुख कारण हैं।
- यानी आधुनिक जीवनशैली और पर्यावरणीय कारक युवाओं में इस बीमारी को जन्म दे रहे हैं।
Negative Manner (नकारात्मक दृष्टिकोण) में समझें तो:
- यह हिस्सा यह चेतावनी दे रहा है कि अगर युवाओं ने जीवनशैली पर ध्यान नहीं दिया, तो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी उनकी ज़िंदगी में जल्दी दस्तक दे सकती है।
- समाज के लिए यह एक खतरनाक ट्रेंड है क्योंकि सबसे प्रोडक्टिव उम्र (30–40 साल) में ही लोग बीमार पड़ रहे हैं।
- इससे परिवार, समाज और अर्थव्यवस्था पर भी भारी असर पड़ सकता है।
Cancer क्या है?
Cancer एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। ये कोशिकाएं ट्यूमर बनाती हैं, और शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकती हैं।
Cancer के Common Types
- Breast Cancer
- Cervical Cancer
- Colon (Colorectal) Cancer
- Lung Cancer
- Prostate Cancer
- Blood Cancer (Leukemia)
Lifestyle और Cancer का Connection
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई आदतें हमें Cancer Risk की ओर धकेल रही हैं:
- Fast Food और Processed Food का ज्यादा सेवन
- Sugar और Alcohol की High Intake
- Exercise की कमी
- Smoking और Pollution का असर
- Microplastics और Chemicals से Exposure
इन आदतों को बदलना ही Cancer से बचाव का पहला कदम है।
महिलाओं में सबसे आम कैंसर
1) Breast Cancer

- हमारे शरीर में कोशिकाएं सामान्य तौर पर नियंत्रित गति से बढ़ती और मरती हैं।
- लेकिन ब्रेस्ट कैंसर में DNA में बदलाव (mutation) हो जाता है, जिससे कोशिकाएं तेज़ी से और बिना रुके बढ़ने लगती हैं।
- यह असामान्य वृद्धि tumor का रूप ले लेती है।
- अगर समय पर इलाज न मिले तो ये कोशिकाएं रक्त (bloodstream) और लसीका तंत्र (lymphatic system) के ज़रिए पूरे शरीर में फैल जाती हैं।
नेगेटिव रूप से देखें तो, एक बार जब यह बढ़ना शुरू हो जाता है, तो इसे रोकना बहुत मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि कई बार इलाज के बावजूद यह दोबारा लौट आता है।
लक्षण:
- Breast में बिना दर्द की गांठ
- Nipples से असामान्य डिस्चार्ज
- Skin में Dimpling या Redness
- Shape/Size में बदलाव
क्यों खतरनाक है?
- शुरुआती स्टेज में इसके कोई साफ लक्षण नहीं दिखते, जिससे महिलाएं इसे नज़रअंदाज़ कर देती हैं।
- जब तक गांठ (lump), दर्द या निप्पल से असामान्य स्राव (discharge) जैसे लक्षण नज़र आते हैं, तब तक अक्सर यह अग्रिम स्टेज (advanced stage) में पहुंच चुका होता है।
- कैंसर के इस स्तर पर इलाज महंगा, दर्दनाक और कई बार निष्फल (ineffective) भी हो जाता है।
- मौत के मामलों में भी महिलाओं में कैंसर से सबसे ज़्यादा मौतें ब्रेस्ट कैंसर से ही होती हैं।
यानी यह सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि धीरे-धीरे मौत की तरफ ले जाने वाली स्थिति है।
नियमित Screening और Mammography से इसे जल्दी पकड़ा जा सकता है।
2) Cervical Cancer

- मुख्य कारण है HPV (Human Papillomavirus) संक्रमण।
- यह एक Sexually Transmitted Infection (STI) है, यानी यह यौन संबंधों के माध्यम से फैलता है।
- HPV के 100 से ज्यादा प्रकार (strains) हैं, लेकिन इनमें से लगभग 14 प्रकार High-risk माने जाते हैं, जो कैंसर का कारण बन सकते हैं।
- खासकर HPV-16 और HPV-18 प्रकार Cervical Cancer के 70% मामलों के लिए जिम्मेदार हैं।
- HPV Virus गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) की कोशिकाओं को संक्रमित करता है।
- सामान्यत: शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (immune system) वायरस को खत्म कर देती है।
- लेकिन अगर वायरस लंबे समय तक शरीर में बना रहता है, तो यह कोशिकाओं के DNA में बदलाव (mutation) करता है।
- समय के साथ ये बदलाव Precancerous cells बना देते हैं।
लक्षण:
- Intercourse के बाद Bleeding
- Vaginal Discharge में खून
- Pelvic Pain
- Menstrual Cycle में अनियमितता
WHO और डॉक्टर बताते हैं कि इसे पूरी तरह से रोका जा सकता है, अगर लोग ध्यान दें:
- HPV Vaccine (किशोर लड़कियों और अब लड़कों को भी लगाया जा रहा है)।
- Regular Screening (Pap smear test / HPV test) ताकि Precancerous cells की पहचान समय रहते हो सके।
- सुरक्षित यौन संबंध और स्वच्छता।
3) Colon Cancer

Colon Cancer या Colorectal Cancer पेट और आंत से जुड़ा कैंसर है।
- शुरुआत में Colon या Rectum की अंदरूनी सतह पर पॉलीप्स (Polyps) नाम के छोटे-छोटे गांठ जैसे growths बन जाते हैं।
- ये पॉलीप्स ज़्यादातर सौम्य (non-cancerous) होते हैं।
- लेकिन समय के साथ इनमें से कुछ कैंसरस (Cancerous) हो जाते हैं और Colon या Rectum की दीवार में फैलने लगते हैं।
- यही स्थिति Colon Cancer कहलाती है।
कारण (Causes / Risk Factors)
- उम्र (Age): ज़्यादातर मामले 45 साल से ऊपर की उम्र में मिलते हैं।
- अनुवांशिकता (Genetics): परिवार में किसी को Colon Cancer होने पर जोखिम बढ़ जाता है।
- खान-पान (Diet): ज्यादा रेड मीट, प्रोसेस्ड फूड, तैलीय व जंक फूड खाने से खतरा बढ़ता है।
- जीवनशैली (Lifestyle): धूम्रपान, शराब, मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी।
- पाचन रोग (Digestive Disorders): जैसे – Ulcerative Colitis या Crohn’s Disease लंबे समय तक रहने पर।
लक्षण (Symptoms)
शुरुआती चरण (early stage) में अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखते। लेकिन आगे बढ़ने पर ये संकेत दिख सकते हैं:
- मल में खून आना या गहरे रंग का मल।
- लगातार पेट दर्द, ऐंठन या गैस।
- दस्त (Diarrhea) या कब्ज (Constipation) जो लंबे समय तक रहे।
- अचानक वजन कम होना।
- थकान या कमजोरी महसूस होना।
- ऐसा लगना कि पेट पूरी तरह साफ नहीं हुआ।
कैंसर के शुरुआती संकेत जिन्हें न करें नज़रअंदाज
- बिना वजह लगातार थकान
- Body में गांठ या Swelling
- बार-बार Fever या Infection
- लंबे समय तक बना रहने वाला Pain
- अचानक Weight Loss
अगर ये Symptoms लंबे समय तक बने रहें तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
कैंसर से बचाव के आसान तरीके
- Balanced Diet – Green Vegetables, Fruits और Whole Grains खाएं।
- Exercise – रोज कम से कम 30 मिनट Walk या Workout करें।
- Avoid Smoking & Alcohol – इनसे कई तरह के Cancer का Risk बढ़ता है।
- Regular Checkups – समय-समय पर Screening करवाना जरूरी है।
- Vaccination – HPV और Hepatitis B Vaccine Cancer Prevention में मददगार हैं।
Priya Marathe की Legacy

Cancer ने एक बार फिर से दिखा दिया कि यह बीमारी किसी को भी, किसी भी उम्र में प्रभावित कर सकती है।
प्रिया मराठे का जाना टीवी इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति है। लेकिन उनकी Journey हमें याद दिलाती है कि समय रहते Screening, Awareness और Healthy Lifestyle कितना जरूरी है।
Cancer अब सिर्फ एक Medical Problem नहीं, बल्कि एक Global Health Crisis बन चुका है। प्रिया मराठे जैसी Young Actress का इस बीमारी से निधन यह साफ दिखाता है कि जागरूकता और Early Detection ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
अगर हम सभी Healthy Habits अपनाएं, Regular Screening कराएं और Symptoms को Ignore न करें, तो Cancer को मात देना संभव है।
|| RIP Priya Marathe ||
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