बेक्सड्रोस्टैट (Baxdrostat): हाई बीपी के लिए वरदान, हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को करेगा कम!

रेज़िस्टेंट हाइपरटेंशन के लिए नई दवा बेक्सड्रोस्टैट बेक्सड्रोस्टैट (Baxdrostat): हाई बीपी(high-bp) के लिए वरदान, हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को करेगा कम! से बीपी में भारी कमी। जानें कैसे करती है काम और क्या हैं फायदे। #HealthNews
नई दिल्ली 5 sep : दुनिया भर में हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर और बढ़ती हुई स्वास्थ्य समस्या बन गई है। भारत में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि लाखों लोग ऐसे हैं जिनका ब्लड प्रेशर कई दवाओं के बावजूद भी नियंत्रित नहीं हो पाता, इसे ‘रेज़िस्टेंट हाइपरटेंशन’ कहा जाता है। इस स्थिति में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी खराब होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक नई दवा बेक्सड्रोस्टैट (Baxdrostat) विकसित की है, जो इस जिद्दी हाई बीपी को नियंत्रित करने में एक नई उम्मीद जगाती है।
क्लिनिकल ट्रायल में मिले शानदार नतीजे
इस नई दवा बेक्सड्रोस्टैट पर हुए ताजा क्लिनिकल ट्रायल के नतीजे बेहद उत्साहजनक रहे हैं। अमेरिका और यूरोप में हुए इस अध्ययन में उन 214 मरीजों को शामिल किया गया था, जिनका ब्लड प्रेशर पारंपरिक दवाओं से नियंत्रित नहीं हो पा रहा था। इन मरीजों को 12 सप्ताह तक इस नई दवा दी गई।
नतीजा चौंकाने वाला था। मरीजों के ब्लड प्रेशर में पहले की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत तक की उल्लेखनीय कमी देखी गई। सबसे अहम बात यह रही कि इस दवा ने न के बराबर गंभीर दुष्प्रभाव दिखाए, जो किसी भी नई दवा की सफलता के लिए एक बहुत बड़ा संकेतक है।
क्यों है हाई बीपी एक ‘साइलेंट किलर’?
हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि शुरुआत में इसके कोई खास लक्षण नजर नहीं आते। लेकिन लंबे समय तक अनियंत्रित रहने पर यह धीरे-धीरे धमनियों, हृदय, मस्तिष्क, किडनी और आंखों को नुकसान पहुंचाता है। इसी वजह से इससे पीड़ित मरीजों में हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, किडनी फेल्योर और देखने की क्षमता कमजोर होने का खतरा बना रहता है।
कैसे काम करती है बेक्सड्रोस्टैट दवा?
बेक्सड्रोस्टैट का काम करने का तरीका बेहद खास और टार्गेटेड है। यह दवा शरीर में मौजूद एक विशेष हार्मोन ‘एल्डोस्टेरोन’ के प्रभाव को रोकने का काम करती है। यह हार्मोन शरीर में सोडियम और पानी की मात्रा बढ़ाकर ब्लड प्रेशर को बढ़ा देता है। जब बेक्सड्रोस्टैट इस हार्मोन के असर को अवरुद्ध कर देती है, तो शरीर से अतिरिक्त नमक और पानी आसानी से बाहर निकल जाता है, जिससे रक्तचाप स्वतः ही नियंत्रित होने लगता है।
हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम करने में मददगार
चिकित्सकों का मानना है कि अगर समय रहते ब्लड प्रेशर को प्रभावी ढंग से नियंत्रित कर लिया जाए, तो हृदय और मस्तिष्क संबंधी गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है। बेक्सड्रोस्टैट जैसी दवाएं न केवल बीपी कंट्रोल करने में मददगार हैं, बल्कि भविष्य में होने वाले हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मामलों में कमी लाने की भी क्षमता रखती हैं।
भारत जैसे देशों के लिए एक नई उम्मीद
भारत जैसे देश में जहां हाई बीपी एक महामारी का रूप ले चुका है और जहां बड़ी आबादी का इलाज ही नहीं हो पाता, वहां बेक्सड्रोस्टैट जैसी दवाएं एक नई रोशनी की किरण हैं। हालांकि, अभी इस दवा के आम लोगों तक पहुंचने में कुछ समय लगेगा, क्योंकि इसे बड़े पैमाने पर उत्पादित और उपलब्ध कराने की आवश्यकता होगी। फिर भी, यह चिकित्सा विज्ञान की दुनिया में एक बड़ी कामयाबी है जो भविष्य में करोड़ों लोगों के जीवन को बेहतर बना सकती है।
नोट: यह लेख चिकित्सकीय सलाह नहीं है। किसी भी नई दवा का सेवन अपने चिकित्सक की सलाह के बिना न करें।
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