The Bengal Files 2025: आज़ादी के दौर का Scary और Emotional Pain, जानें क्यों है ये फिल्म Must Watch

Share the News
Bengal Files

Vivek Agnihotri की नई फिल्म Bengal Files ने सिनेमाघरों में दस्तक दी है। यह फिल्म 1946-47 के डायरेक्ट एक्शन डे, कलकत्ता नरसंहार और नोआखली दंगों की भयावह सच्चाई को उजागर करती है। दर्शकों को झकझोर देने वाले सीन, दमदार एक्टिंग और भावनात्मक कहानी इसे एक must-watch film बनाते हैं। यहां पढ़ें फिल्म की पूरी समीक्षा और देखें Official Trailer।

लखनऊ 08 सितम्बर, 2025: लंबे इंतजार और विवादों के बाद आखिरकार निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की The Bengal Files सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म उनकी चर्चित Files Trilogy की आखिरी कड़ी है। इससे पहले वे The Tashkent Files और The Kashmir Files के जरिए सुर्खियों में रह चुके हैं। अब The Bengal Files दर्शकों को 1946-47 के उस दौर में ले जाती है, जब कलकत्ता नरसंहार, डायरेक्ट एक्शन डे और नोआखली दंगे जैसे भयावह घटनाक्रम सामने आए थे।

रिलीज से पहले ही इस फिल्म को लेकर जबरदस्त बज बना हुआ था। USA में इसका प्रीमियर भी रखा गया था। लेकिन क्या वाकई ये फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतर पाई? आइए जानते हैं विस्तार से —

Bengal Files Box Office Collection बनाम The Kashmir Files

फिल्म Bengal Files से वही उम्मीदें थीं जैसी 2022 में रिलीज हुई The Kashmir Files से की गई थीं। उस वक्त The Kashmir Files ने पहले ही दिन लगभग 3.5 करोड़ रुपये की कमाई की थी। लेकिन Bengal Files उस रिकॉर्ड को छू भी नहीं पाई।

फिल्म की ओपनिंग एवरेज रही और दर्शकों से इसे मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला। एक तरफ इसके समर्थक इसे “सच्चाई उजागर करने वाली फिल्म” कह रहे हैं, वहीं इसके विरोधी इसे “प्रोपेगैंडा” मानते हैं। यही वजह है कि बॉक्स ऑफिस पर इसकी कमाई को लेकर भी बहस छिड़ी हुई है।

Bengal Files Storyline – दो बंगाल की दर्दनाक दास्तान

फिल्म Bengal Files की कहानी को विवेक अग्निहोत्री ने दो टाइमलाइन में पिरोया है, ताकि दर्शक अतीत और वर्तमान के बीच सीधा कनेक्शन महसूस कर सकें।

Bengal Files

1. आज का बंगाल

फिल्म का शुरुआती हिस्सा हमें आधुनिक बंगाल की राजनीति, समाज और तनावपूर्ण हालातों की झलक देता है। यहाँ Communal Tensions, Political Violence और Systemic Corruption जैसे मुद्दों को उठाया गया है। एक CBI अफसर (दर्शन कुमार) को सच सामने लाने का जिम्मा मिलता है, लेकिन उसे रास्ते में राजनीतिक दबाव और व्यक्तिगत संघर्ष का सामना करना पड़ता है।

आज के बंगाल को दिखाने का मकसद यह है कि कैसे अतीत की परछाइयाँ आज भी समाज में मौजूद हैं। दर्शकों को महसूस होता है कि इतिहास सिर्फ किताबों में नहीं छिपा, बल्कि आज भी लोगों की ज़िंदगियों को प्रभावित करता है।

2. आज़ादी से पहले का बंगाल (1946–47)

फिल्म का दूसरा और सबसे इमोशनल हिस्सा हमें 1946–47 में ले जाता है।

  • Direct Action Day (16 अगस्त 1946): मुस्लिम लीग द्वारा बुलाए गए इस दिन को फिल्म में बेहद खौफ़नाक अंदाज़ में दिखाया गया है। सड़कें लाशों से पट जाती हैं, हिंदू-मुस्लिम दंगे चरम पर पहुँच जाते हैं और हजारों परिवार उजड़ जाते हैं।
  • नोआखली दंगे: बंगाल के नोआखली इलाके में हुए नरसंहार और अत्याचार को फिल्म बहुत ही संवेदनशील लेकिन भयानक ढंग से प्रस्तुत करती है। महिलाओं के साथ हुए अत्याचार, लोगों को घर छोड़ने पर मजबूर कर देना और गांवों का पूरी तरह तबाह हो जाना फिल्म का सबसे दर्दनाक हिस्सा है।
  • हिंदू जेनोसाइड: यह हिस्सा फिल्म का मूल आधार है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे हजारों निर्दोष हिंदुओं का कत्लेआम हुआ और इसे इतिहास में कहीं सही तरह से दर्ज भी नहीं किया गया।

3. दोनों टाइमलाइन का कनेक्शन

फिल्म की ताकत यही है कि यह “अतीत” और “वर्तमान” को जोड़ती है।

  • आज का बंगाल राजनीतिक संघर्ष और पहचान की राजनीति से जूझ रहा है।
  • वही पुराने दंगों और धार्मिक कट्टरता का असर आज भी महसूस किया जा सकता है।

विवेक अग्निहोत्री ने यह दिखाने की कोशिश की है कि इतिहास को दबाने या भुलाने से उसका असर खत्म नहीं होता। सच हमेशा किसी न किसी रूप में सामने आता ही है।

4. दर्शकों पर प्रभाव

फिल्म की कहानी बेहद हार्ड-हिटिंग है।

  • दंगों के दृश्य ग्राफिक और क्रूर हैं, जिन्हें देखना आसान नहीं।
  • कई सीन्स में मासूम बच्चों, महिलाओं और बूढ़ों के साथ हुए अत्याचार को इतनी वास्तविकता से दिखाया गया है कि दर्शक असहज हो जाते हैं।
  • साथ ही, आज के बंगाल के सीन दर्शकों को सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या हम आज भी उन्हीं गलतियों को दोहरा रहे हैं?

कुल मिलाकर, Bengal Files की कहानी सिर्फ एक “फिल्म” नहीं बल्कि इतिहास और वर्तमान का कड़वा आईना है।

कैसी है फिल्म Bengal Files?

यह फिल्म हार्ड-हिटिंग है। कुछ सीन इतने shockingly intense हैं कि कमजोर दिल वाले दर्शकों को परेशान कर सकते हैं।

  • दंगों के दृश्य
  • धार्मिक उन्माद
  • हिंसा और कत्लेआम

सबकुछ इतनी बारीकी से दिखाया गया है कि फिल्म खत्म होने के बाद भी उसका असर दिमाग पर बना रहता है।

हालांकि, फिल्म की लंबाई (3 घंटे 24 मिनट) इसे बोझिल बनाती है। कुछ मोनोलॉग और ट्रैक — खासकर मिथुन चक्रवर्ती का हिस्सा — अनावश्यक लगते हैं। अगर फिल्म को थोड़ा छोटा किया जाता, तो इसका असर और भी ज्यादा गहरा हो सकता था।

Bengal Files Acting Review

Bengal Files

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है इसकी पावरफुल परफॉर्मेंसेज़

  • दर्शन कुमार – CBI अफसर के किरदार में शानदार। उनका किरदार अपने कर्तव्य और सिस्टम की सच्चाई के बीच फंसा है।
  • अनुपम खेर – महात्मा गांधी के रूप में उनका अभिनय यह साबित करता है कि वे क्यों हिंदी सिनेमा के लेजेंड माने जाते हैं।
  • पल्लवी जोशी – अपनी चुप्पी और हावभाव से ही गहरी छाप छोड़ जाती हैं।
  • सिमरत कौर – पल्लवी जोशी की जवानी के रोल में बेहद प्रभावी।
  • शाश्वत चटर्जी – एक MLA के रूप में जबरदस्त क्रूरता दिखाते हैं।
  • नमाशी चक्रवर्ती और एकलव्य सूद भी अपने किरदारों में फिट।
  • मिथुन चक्रवर्ती – उनका ट्रैक समझ से परे लगता है और फिल्म को धीमा करता है।

Bengal Files Direction & Writing

विवेक अग्निहोत्री की रिसर्च और राइटिंग हमेशा की तरह दमदार है। लेकिन समस्या यह रही कि उन्होंने बहुत सारा मैटेरियल एक ही फिल्म में डालने की कोशिश की। नतीजा — फिल्म लंबी हो गई और कई जगहों पर स्टोरीलाइन अपनी तीव्रता खो बैठती है।

  • बैकग्राउंड म्यूजिक: रोहित शर्मा का म्यूजिक खासकर “किचुदिन मोने मोने” गीत बेहद मार्मिक और दर्दनाक है।
  • विजुअल्स: ग्राफिक्स और सिनेमैटोग्राफी औसत से बेहतर हैं।
  • एडिटिंग: लंबाई कम करके फिल्म को और प्रभावी बनाया जा सकता था।

Controversy & Propaganda Debate

Bengal Files रिलीज से पहले और बाद में विवादों में घिरी रही। सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी बहस छिड़ी:

  • समर्थक कहते हैं कि यह फिल्म “छुपाए गए इतिहास” को सामने लाती है।
  • विरोधियों का मानना है कि यह फिल्म सिर्फ “राजनीतिक एजेंडा” है।

यह विवाद ही फिल्म के प्रमोशन का सबसे बड़ा हथियार भी बना।

Bengal Files vs Audience Expectations

  • जो दर्शक The Kashmir Files जैसी इमोशनल इम्पैक्ट वाली फिल्म की उम्मीद कर रहे थे, उन्हें शायद Bengal Files थोड़ी लंबी और बोझिल लगी।
  • वहीं, जो लोग इतिहास के अनछुए पहलुओं को जानना चाहते थे, उनके लिए यह फिल्म eye-opener साबित हुई।

Social Media Buzz

Twitter (X), Instagram और Facebook पर #BengalFiles ट्रेंड कर रहा है।

  • कुछ लोग फिल्म की तारीफ कर रहे हैं।
  • तो कुछ इसे ट्रोल कर रहे हैं।
  • Memes से लेकर बॉक्स ऑफिस कलेक्शन तक, हर एंगल पर Bengal Files चर्चा का विषय बनी हुई है।

Final Verdict – क्यों देखनी चाहिए Bengal Files?

Bengal Files सिर्फ एक फिल्म नहीं है, यह एक ऐसी दास्तान है जो हमें हमारे इतिहास की उन दर्दनाक घटनाओं से रूबरू कराती है जिन्हें हम किताबों में अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। विवेक अग्निहोत्री ने इस फिल्म में बंगाल के उन पन्नों को खोला है जिन पर कभी धूल जमा दी गई थी। डायरेक्ट एक्शन डे, नोआखली दंगे और हजारों निर्दोषों का बलिदान – इन घटनाओं को देखकर दर्शक सिर्फ चौंकते ही नहीं, बल्कि भीतर तक हिल जाते हैं।

इस फिल्म को देखकर ऐसा महसूस होता है जैसे कोई पुराना घाव फिर से ताज़ा हो गया हो। स्क्रीन पर दिखने वाली हिंसा, लाशों के ढेर और मासूम चेहरों की चीखें दर्शक के दिल में गहरा असर छोड़ जाती हैं। शायद यही इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है कि यह आपको सोचने पर मजबूर करती है

जो लोग मानते हैं कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का साधन है, उन्हें यह फिल्म यह एहसास दिलाती है कि कभी-कभी सिनेमा समाज की आंखें खोलने का काम भी करता है। Bengal Files हमें बताती है कि आज़ादी सिर्फ राजनीतिक उपलब्धि नहीं थी, बल्कि इसके पीछे खून और बलिदानों की ऐसी कहानियां छिपी हैं, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।

अगर आप सच में जानना चाहते हैं कि बंगाल की गलियों में 1946-47 में क्या हुआ था, तो यह फिल्म जरूर देखें। यह आपके दिल को झकझोर देगी और शायद इतिहास के प्रति आपका नजरिया भी बदल दे।

और सबसे खास बात – हम यहां इस फिल्म का Trailer Video भी साझा कर रहे हैं, ताकि आप उसकी पहली झलक देखकर ही समझ जाएं कि आखिर क्यों Bengal Files को Must Watch Film कहा जा रहा है।

इस फिल्म को देखने के बाद आप केवल सिनेमाघर से बाहर नहीं निकलेंगे, बल्कि अपने भीतर एक सवाल लेकर जाएंगे – क्या हम अपने इतिहास को सच में जानते हैं?

ये भी पढ़ें: VinFast ने भारत में मचाई धूम: VF 6 और VF 7 EV की कीमत ₹16.49 लाख से


Discover more from Utthan Xpress

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from Utthan Xpress

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading