59 की उम्र में 3 बीमारियों से जूझ रहे Salman Khan, एक को कहा जाता है ‘सुसाइड डिज़ीज़’ !

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Salman Khan

59 की उम्र में भी फिट नजर आने वाले Salman Khan ने खुलासा किया है कि वह ब्रेन एन्यूरिज्म, एवी मालफॉर्मेशन और ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया जैसी खतरनाक बीमारियों से जूझ रहे हैं। जानिए इन बीमारियों के लक्षण, खतरे और इलाज।

लखनऊ 24 जून 2025: 59 साल के सुपरस्टार Salman Khan ने हाल ही में एक इंटरव्यू में चौंकाने वाला खुलासा किया कि वे एक नहीं बल्कि तीन गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं—ब्रेन एन्यूरिज्म, एवी मालफॉर्मेशन और ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया। इनमें से दो बीमारियां सीधे दिमाग से जुड़ी हैं, जबकि तीसरी बीमारी चेहरे की नसों में असहनीय दर्द पैदा करती है। खासतौर पर ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया को ‘सुसाइड डिजीज’ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इसका दर्द इतना तीव्र होता है कि मरीज मानसिक रूप से टूट सकता है।

Salman Khan ने एक इंटरव्यू में बताया था कि ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया से जूझना उनके लिए मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद कठिन रहा। उन्होंने कहा, “इस बीमारी के दौरान हर दिन एक जंग की तरह था। चेहरे पर ऐसा दर्द होता था कि मुस्कुराना भी मुमकिन नहीं था, फिर भी मैंने शूटिंग नहीं छोड़ी।” सलमान की यह जिद और जज़्बा फैंस को प्रेरणा देता है। डॉक्टर भी मानते हैं कि समय पर निदान और सटीक इलाज से इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। सलमान का उदाहरण इस बात को साबित करता है।

क्या है Trigeminal Neuralgia, जिसे कहा जाता है ‘Suicide Disease’?

ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया चेहरे की एक अहम नस में असहनीय दर्द उत्पन्न करती है। यह नस चेहरे की स्किन से दिमाग तक सेंसेशन पहुंचाती है। जब इस पर किसी ब्लड वेसल का दबाव लंबे समय तक रहता है, तो इसकी सुरक्षा कोटिंग घिस जाती है और नस में “शॉर्ट सर्किट” जैसा प्रभाव होता है। इसका नतीजा होता है—बिजली के झटके जैसा तेज दर्द। डॉक्टर अभिलाष बंसल और डॉक्टर राजुल अग्रवाल के अनुसार, यह बीमारी बेहद पीड़ादायक होती है लेकिन इसका इलाज संभव है।

लक्षण और पहचान

ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया का मुख्य लक्षण चेहरे पर एक तरफ तेज झटका जैसा दर्द है जो कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक रह सकता है। यह दर्द कभी-कभी जलन या सुन्नपन के साथ भी हो सकता है।

इसके दो प्रकार होते हैं:

  1. Paroxysmal TN: तेज, झटका देने वाला दर्द जो कुछ सेकंड तक रहता है।
  2. TN with continuous pain: कम तीव्र लेकिन लगातार बना रहने वाला दर्द, जिसमें जलन और सुन्नता भी हो सकती है।

आमतौर पर यह बीमारी एक ही तरफ होती है लेकिन दुर्लभ मामलों में यह दोनों तरफ भी हो सकती है।

किन लोगों को हो सकता है?

यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है—बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक। हालांकि यह 50 वर्ष से ऊपर की आयु में अधिक पाई जाती है।

इलाज के चार प्रमुख तरीके:

  1. दवाओं से इलाज: न्यूरोपैथिक दर्द को कम करने वाली दवाएं दी जाती हैं।
  2. इंजेक्शन थेरेपी: दवा का असर न होने पर नस में सीधा इंजेक्शन दिया जाता है।
  3. रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन: नस को हल्का गर्म करके दर्द कम किया जाता है।
  4. सर्जरी/गामा नाइफ: जब कोई नस लगातार ट्राइजेमिनल नस को छू रही हो, तो सर्जरी के द्वारा उन्हें अलग किया जाता है। गामा नाइफ तकनीक एक नॉन-इनवेसिव प्रक्रिया है जिसमें बिना चीरे के इलाज किया जाता है।

क्या यह बीमारी जानलेवा है?

डॉ. राजुल अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया को ‘सुसाइड डिजीज’ कहना भ्रामक है। यह दर्द भले ही असहनीय होता है, लेकिन इससे जान का खतरा नहीं होता। मीडिया और आम लोगों ने इसे यह नाम दे दिया है, जबकि मेडिकल साइंस में इसका कोई औपचारिक उल्लेख नहीं है।

Salman Khan की बहादुरी बनी मिसाल

जहां कई सेलिब्रिटी अपनी हेल्थ इश्यूज छुपाते हैं, वहीं Salman Khan ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी बीमारी को सार्वजनिक किया। इससे न केवल उनके फैंस को प्रेरणा मिलती है, बल्कि समाज में इस बीमारी के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।

Salman Khan सिर्फ एक एक्टर नहीं, बल्कि हिम्मत और संघर्ष की मिसाल हैं। उन्होंने जिस ईमानदारी से अपनी बीमारी को साझा किया, वह लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है। उनकी यह पहल जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया जैसे जटिल मुद्दों को भी राष्ट्रीय चर्चा में लाने का काम कर रही है। हम उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना करते हैं।

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