Surya Grahan 2026 : 17 फरवरी को कुंभ राशि में वलयाकार ग्रहण, जानें नियम!

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Surya Grahan 2026 : 17 फरवरी को कुंभ राशि में वलयाकार ग्रहण, जानें नियम!

Surya Grahan 2026 17 फरवरी को कुंभ राशि में वलयाकार सूर्य ग्रहण लगेगा। जानें सूतक काल, राशियों पर प्रभाव, ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें।

नई दिल्ली 16 feb : साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, मंगलवार को लगने जा रहा है और यह खगोलीय दृष्टि से बेहद विशेष माना जा रहा है। यह वलयाकार (कंकण) सूर्य ग्रहण होगा, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ के नाम से भी जाना जाता है। इस अद्भुत खगोलीय घटना के दौरान चंद्रमा सूर्य के लगभग 96 प्रतिशत भाग को ढक लेगा, जिससे आकाश में सूर्य एक चमकते कंगन की तरह नजर आएगा।

Surya Grahan 2026: कहां दिखेगा ग्रहण?

यह वलयाकार Surya Grahan 2026 भारत में दिखाई नहीं देगा। इसे मुख्य रूप से अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। जिन क्षेत्रों में यह दिखाई देगा, उनमें प्रमुख हैं जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, नामीबिया, मॉरीशस, बोत्सवाना, मोजाम्बिक, अर्जेंटीना और चिली आदि। भारत में दृश्यता न होने के कारण यहां सामान्य रूप से इसका खगोलीय प्रभाव प्रत्यक्ष रूप से महसूस नहीं होगा, लेकिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से इसका विशेष महत्व बना हुआ है।

कुंभ राशि में लगेगा सूर्य ग्रहण

धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य और चंद्र ग्रहण शुभ घटनाएं नहीं मानी जातीं। ऐसा इसलिए क्योंकि ग्रहण के दिन संबंधित ग्रह की शक्ति क्षीण हो जाती है, जिसका असर वातावरण के साथ ही सभी राशियों पर भी पड़ता है। Surya Grahan 2026 कुंभ राशि में लगेगा, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर देखने को मिलेगा। ज्योतिषियों के अनुसार, इस दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

सूर्य ग्रहण के दिन क्या करें

अगर आप सोच रहे हैं कि Surya Grahan 2026 के दौरान किन कार्यों को करना शुभ रहेगा, तो यहां कुछ महत्वपूर्ण बातें बताई जा रही हैं:

  • मंत्र जाप करें: सूर्य ग्रहण के दिन आपको सूर्य देव के मंत्रों का तेज आवाज में उच्चारण करना चाहिए। ‘ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:’ और ‘ऊँ घृणिः सूर्याय नमः’ मंत्र का जप करने से आपको शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
  • देवी-देवताओं के मंत्रों का जप: ग्रहण वाले दिन आप सूर्य ग्रह के मंत्रों के साथ ही अन्य देवी-देवताओं के मंत्रों का भी जप कर सकते हैं। इस दिन गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जप करने से भी आपको लाभ मिलता है।
  • ध्यान और साधना: ग्रहण वाले दिन योग-ध्यान और आध्यात्मिक साधना करने से भी अच्छे परिणाम आपको प्राप्त होते हैं और ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव दूर होता है।
  • धार्मिक अध्ययन: धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन भी आप ग्रहण वाले दिन कर सकते हैं। इसके साथ ही जप-तप के लिए ग्रहण वाला दिन शुभ माना गया है।
  • ग्रहण के बाद करें ये काम: ग्रहण के बाद घर की साफ-सफाई करके पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। घर के मंदिर में रखे सभी देवी-देवताओं की मूर्तियों और चित्रों पर भी गंगाजल का छिड़काव करके स्नान कराना चाहिए। साथ ही सूर्य ग्रहण के बाद स्नान आदि से निवृत होकर दान अवश्य करें और गाय को हरा चारा खिलाएं।
  • नकारात्मकता से बचाव: ग्रहण के दौरान चारों तरफ बहुत अधिक निगेटिविटी फैल जाती है, इसलिए घर में सभी पानी के बर्तन, दूध और दही में कुश या तुलसी की पत्ती या दूब धोकर डालनी चाहिए। ग्रहण समाप्त होने के बाद दूब को निकालकर फेंक देना चाहिए।

सूर्य ग्रहण के दिन क्या न करें

Surya Grahan 2026 के दौरान कुछ कार्य ऐसे हैं जिन्हें करने की मनाही है। आइए जानते हैं उनके बारे में:

  • बाहर न निकलें: सूर्य ग्रहण के समय घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और ना ही सूर्य ग्रहण को कभी भी डायरेक्ट आंखों से देखना चाहिए।
  • भोजन न बनाएं: ग्रहण के समय रसोई से संबंधित कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए, खासकर खाना नहीं बनाना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाएं रखें सावधानी: ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को अपना खास ख्याल रखना चाहिए। उन्हें सुई में धागा डालने, कुछ काटने-छीलने या छौंकने-बघारने जैसे कार्य नहीं करने चाहिए।
  • मूर्ति स्पर्श न करें: ग्रहण के समय मंदिर की मूर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए।
  • दिन में न सोएं: ग्रहण वाले दिन आपको दिन में सोने से भी बचना चाहिए। सोने की बजाय मंत्र जप या ईश्वर का ध्यान करना चाहिए।
  • मंदिर को ढकें: ग्रहण के दिन आपको अपने घर के मंदिर को लाल या पीले कपड़े से ढक देना चाहिए और ग्रहण खत्म होने के बाद ही पर्दे को हटाना चाहिए।

Surya Grahan 2026 17 फरवरी को लगने जा रहा है। हालांकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन धार्मिक दृष्टि से इसका महत्व बना हुआ है। ग्रहण के दौरान सकारात्मक कार्यों में समय बिताएं और मंत्र जाप करते रहें। इससे आप ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों से बच सकते हैं और ईश्वर की कृपा भी प्राप्त कर सकते हैं।

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