Unnao News: पेड़ के नीचे मिली Khatu Shyam की मूर्ति, युवक के सपने से खुला राज

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Unnao News: पेड़ के नीचे मिली Khatu Shyam की मूर्ति, युवक के सपने से खुला राज

उत्तर प्रदेश के उन्नाव (Unnao) में एक पीपल के पेड़ के नीचे खुदाई करने पर खाटू श्याम की प्राचीन मूर्ति मिली। जानिए कैसे एक युवक के सपने ने खोला यह रहस्य। #Khatu Shyam

 Unnao News 15 jan : पेड़ के नीचे मिली Khatu Shyam की मूर्ति, युवक के सपने से खुला राज: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के हसनगंज तहसील क्षेत्र में स्थित बिचपुरी गांव एक अद्भुत आध्यात्मिक घटना के केंद्र में तब्दील हो गया है। यहां एक पीपल के वृक्ष के नीचे से भगवान खाटू श्याम की एक प्रतिमा का प्राकट्य हुआ है, जिसने पूरे क्षेत्र में आस्था और उत्सुकता की लहर दौड़ा दी है। इस खोज के पीछे एक युवक के ‘दिव्य स्वप्न’ की कहानी सामने आई है, जिसने इस घटना को एक चमत्कारिक रहस्य में बदल दिया है।

सपने में Khatu Shyam

ग्राम बिचपुरी निवासी मनोहर लाल के 25 वर्षीय पुत्र अमरपाल, जो इटावा में बी.फार्मा की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, ने इस असाधारण घटना की पुष्टि की। अमरपाल के अनुसार, पिछले कई महीनों से उन्हें बार-बार एक ही स्वप्न आ रहा था। इस स्वप्न में भगवान खाटू श्याम प्रकट होकर उन्हें अपने घर के समीप स्थित पीपल के पेड़ की ओर इशारा करते और स्वयं को उसी के नीचे दबा होने की बात कहते थे। लगातार इस दृश्य के दोहराए जाने से अमरपाल व्यथित हो गए और उन्होंने इस विषय में कुछ करने का निश्चय किया।

7 जनवरी को अमरपाल इटावा से अपने गांव लौटे और उन्होंने अपने परिवारजनों व ग्रामीणों को इस पुनरावृत्ति होने वाले स्वप्न के बारे में बताया। आश्चर्यजनक रूप से, उनकी बातों में निहित आस्था और दृढ़ विश्वास ने लोगों को प्रभावित किया। अंततः, बुधवार की सुबह, अमरपाल, उनके परिजनों और अन्य ग्रामवासियों ने संकेतित पीपल के वृक्ष के नीचे खुदाई का कार्य प्रारंभ किया। मात्र डेढ़ फीट नीचे खोदने पर ही भूमि से एक श्याम वर्ण की दिव्य मूर्ति (Khatu Shyam ) प्रकट हुई, जिसे स्थानीय लोगों ने भगवान खाटू श्याम का प्रतिरूप माना।

मूर्ति के प्रकट होते ही समाचार तूफान की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गया। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। लोग दूर-दूर से इस दिव्य प्रतिमा के दर्शन करने और अपनी श्रद्धा अर्पित करने पहुंच रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने स्वतः ही उसी पवित्र स्थल पर, पीपल वृक्ष के तले, मूर्ति की एक भव्य स्थापना कर दी है। अब वह स्थान एक अनौपचारिक मंदिर में परिवर्तित हो गया है, जहां श्रद्धालु फूल, मालाएं और चढ़ावा अर्पित कर रहे हैं।

हालांकि, इस पूरी घटना ने प्रशासनिक मशीनरी का ध्यान भी आकर्षित किया है। हसनगंज की एसडीएम प्रज्ञा पांडेय ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें सूचना मिली है और संबंधित विभाग द्वारा इसकी विधिवत जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा, “हमें इस संबंध में जानकारी प्राप्त हुई है। मूर्ति (Khatu Shyam ) की ऐतिहासिक या पुरातात्विक प्रामाणिकता और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।”

इस घटना ने गांव में आस्था और तर्क के बीच एक नई बहस को भी जन्म दिया है। जहां एक ओर बड़ी संख्या में लोग इसे एक चमत्कार और भगवान की इच्छा मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे अंधविश्वास का परिणाम बता रहे हैं। स्थानीय पुजारी और बुजुर्ग इसे गांव के लिए शुभ संकेत बता रहे हैं। वहीं, युवा वर्ग वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जांच की मांग कर रहा है।

फिलहाल, बिचपुरी गांव का यह पीपल का पेड़ आस्था का एक नया केंद्र बन गया है। अमरपाल के सपने और उसके बाद की इस खोज ने न केवल एक गांव, बल्कि आसपास के कई जिलों के लोगों की उत्सुकता और श्रद्धा को बढ़ा दिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासनिक जांच इस रहस्य पर क्या प्रकाश डालती है। परंतु, इस समय, स्थानीय निवासियों के लिए यह घटना उनकी अटूट आस्था और दैवीय शक्ति में विश्वास का एक जीवंत प्रमाण है।

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