मेरठ: 6 महीने से हिंदू भेष में Muslim Kasim करा रहा था पूजा !

मेरठ में शिव मंदिर के पुजारी “कृष्ण” की असली पहचान Muslim Kasim निकली, जो 6 महीने से हिंदू भेष में था। पूरा मामला जानें।
मेरठ, उत्तर प्रदेश 24 july — यूपी के मेरठ जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शिव मंदिर के पुजारी “कृष्ण” की असली पहचान एक मुस्लिम युवक कासिम (Muslim Kasim) के रूप में सामने आई है। यह व्यक्ति पिछले 6 महीनों से हिंदू भेष में मंदिर में पूजा-पाठ करवा रहा था और भक्तों के दान की चोरी भी कर रहा था।
कैसे हुआ पर्दाफाश?
दौराला थाना क्षेत्र के दादरी गांव में स्थित शिव मंदिर में “कृष्ण” नाम का यह पुजारी काफी समय से रह रहा था। हालांकि, कुछ दिनों पहले से ही स्थानीय लोगों को उसके व्यवहार पर शक होने लगा। जब उससे आधार कार्ड मांगा गया, तो वह टालमटोल करने लगा और कुछ दिनों के लिए गांव से गायब भी हो गया। बाद में वह फिर मंदिर में आ गया, लेकिन इस बार ग्रामीणों ने उसकी गहन पूछताछ की और उसकी सच्चाई सामने आ गई।
कृष्णा निकला Muslim Kasim !
पूछताछ में पता चला कि इस व्यक्ति का असली नाम कासिम (Muslim Kasim) है और वह बिहार के सीतामढ़ी जिले का रहने वाला है। उसके पिता अब्बास बिहार में एक मौलवी हैं। कासिम ने अपनी पहचान छुपाकर धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया और मंदिर के दान की चोरी भी की। गुस्साए ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
CM योगी की चेतावनी
इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक छल-कपट की समस्या को उजागर किया है। हाल ही में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कावड़ यात्रा के दौरान चेतावनी दी थी कि कुछ लोग झूठे भेष में यात्रा को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि लोगों को खुद सतर्क रहना होगा और ऐसे संदिग्धों की पहचान कर पुलिस को सूचित करनी होगी।
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने कासिम से कुछ सामान बरामद किया है, जिसकी जांच चल रही है। यह मामला धार्मिक आस्था के साथ छल करने का है, जिस पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
यह घटना समाज के लिए एक सबक है कि किसी की पहचान को बिना जांचे-परखे भरोसा नहीं करना चाहिए। साथ ही, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और पुजारियों की पृष्ठभूमि की जांच करना भी जरूरी है।
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