Delhi Blast : फिदायीन हमले का शक, अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल! फरीदाबाद से जुड़ते तार !

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Delhi Blast : फिदायीन हमले का शक

CCTV footage में कार में बैठा दिखा डॉ उमर

Delhi Blast में फिदायीन हमले का शक, 11 की मौत। जांच में फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल व डॉ. उमर का खुलासा। अमोनियम नाइट्रेट का हुआ इस्तेमाल। पूरी खबर पढ़ें।

नई दिल्ली 11 Nov : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लाल किले के निकट सोमवार शाम हुए सिलसिलेवार धमाकों की जांच में जांच एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिलती दिख रही है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इस घटना को एक फिदायीन हमला माना जा रहा है, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट जैसे शक्तिशाली विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। इस भीषण विस्फोट में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 29 अन्य घायल हैं, जिनमें से 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

यह धमाका लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के समीप एक चलती हुई कार में हुआ था, जिसकी तीव्रता से आसपास खड़ी कई अन्य वाहनें पूरी तरह से तबाह हो गईं। घटना के तुरंत बाद से ही यह सवाल मुख्य रूप से उठ रहा था कि क्या यह एक आतंकी घटना थी। अब जांच एजेंसियों के सामने जो तथ्य आए हैं, वे इसी ओर इशारा कर रहे हैं।

फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा है संबंध

जांच में सामने आया है कि इस हमले के पीछे फरीदाबाद में सक्रिय एक आतंकी मॉड्यूल का हाथ हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस मॉड्यूल में हाल ही में हुई ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों के बाद डॉ. उमर मोहम्मद नाम का एक संदिग्ध घबरा गया था। जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। इसी हड़बड़ाहट में, उसने दिल्ली में हमला करने की योजना बनाई।

ऐसा माना जा रहा है कि डॉ. उमर ही उस कार में सवार था, जिसमें विस्फोटक लगे थे। एजेंसियों को शक है कि यह एक आत्मघाती हमला (Fidayeen Attack) था, जहाँ हमलावर ने खुद ही विस्फोटक को डिटोनेट कर दिया।

कार से मिले शव का DNA टेस्ट करेगी पुलिस

इस दिल्ली ब्लास्ट जांच को आगे बढ़ाते हुए, पुलिस ने घटनास्थल से बरामद कार में मिले शव का डीएनए टेस्ट करवाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य यह पुष्टि करना है कि क्या वह शव वास्तव में डॉ. उमर मोहम्मद का ही है। खुफिया एजेंसियों को इस बात का भी शक है कि हमलावर एक I-20 मॉडल की कार में सवार था।

जांच दल के हाथ एक सीसीटीवी फुटेज भी लगा है, जिसमें एक शख्स को काले रंग का मास्क पहने देखा जा सकता है। इस व्यक्ति की पहचान को अंतिम रूप देने का प्रयास जारी है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती

यह घटना एक बार फिर देश की राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। लाल किला, जो देश की संप्रभुता और गौरव का प्रतीक है, उसके निकट इस तरह का हमला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है। विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट के इस्तेमाल ने इसकी भयावहता को और बढ़ा दिया है, एक रसायन जिस पर सख्त नियंत्रण की मांग लंबे समय से उठती रही है।

सुरक्षा बल पूरे मामले की तह तक जाने में जुटे हुए हैं और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि इस तरह की कोई और घटना फिर से न घटे। इस दिल्ली ब्लास्ट जांच के नतीजे आतंकवाद रोधी ऑपरेशनों की दिशा को नया मोड़ दे सकते हैं।

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