Lucknow अलीगंज CHC में प्रसूता को OT में छोड़ डॉक्टर और स्टाफ सोए, परिजनों ने पकड़ा हाथों हाथ!

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Lucknow अलीगंज CHC में   प्रसूता को OT में छोड़ डॉक्टर और स्टाफ सोए, परिजनों ने पकड़ा हाथों हाथ!

Lucknow के अलीगंज CHC में एक प्रसूता को ऑपरेशन थियेटर में लिटाकर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ सो गया। दर्द से तड़प रही महिला की चीख सुनकर परिजन OT में पहुंचे, तो उनके होश उड़ गए। जानिए पूरा मामला।


लखनऊ 28 Mar : प्रदेश की राजधानी से एक ऐसी हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां अलीगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एक प्रसूता को ऑपरेशन थियेटर (OT) में लिटाकर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ सो गया। घटना तब और सनसनीखेज हो गई जब दर्द से कराह रही महिला की चीखें सुनकर परिजन OT के अंदर पहुंचे और उन्होंने वहां किसी को नहीं पाया। यह खबर क्यों है खास? आइए, जानते हैं पूरा मामला।

क्या है पूरा मामला ?

जानकीपुरम निवासी अमित अपनी पत्नी मीनाक्षी को प्रसव पीड़ा होने पर 24 मार्च की रात करीब 12 बजे अलीगंज CHC की इमरजेंसी लेकर पहुंचे। पति अमित का आरोप है कि जब वे अस्पताल पहुंचे, तो वहां डॉक्टर और स्टाफ सो रहा था। काफी देर तक इंतजार कराने के बाद स्टाफ ने प्रसूता को OT में लिटा दिया, लेकिन उसके बाद की घटना ने परिजनों के होश उड़ा दिए।

  • आधे घंटे की लापरवाही: परिजनों के मुताबिक, डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मीनाक्षी को OT में लिटाकर दूसरे कमरे में सोने चले गए।
  • दर्द से चीखी प्रसूता: करीब आधे घंटे बाद जब प्रसूता का दर्द बढ़ा, तो वह तेज-तेज चिल्लाने लगी। लेकिन कर्मचारियों को नींद इतनी गहरी थी कि उन्हें कुछ सुनाई नहीं दिया।
  • परिजनों ने तोड़ा OT का दरवाजा: जब महिला की चीखें और तेज हो गईं, तो OT के बाहर बैठे तीमारदार मौके पर पहुंचे। अंदर देखते ही उनके होश उड़ गए, क्योंकि मरीज के पास कोई मौजूद नहीं था।

CHC में डॉक्टर और स्टाफ सोया मिला”

पति अमित ने बताया कि जब वह अपनी सास के साथ OT में पहुंचे और वहां कोई नहीं मिला, तो वे दूसरे कमरे में गए। यहां उन्हें CHC में डॉक्टर और स्टाफ सोया मिला। उन्होंने बताया, “हमने बड़ी मुश्किल से उन्हें जगाया। अगर हम समय पर नहीं पहुंचते, तो मेरी पत्नी और गर्भ में पल रहे बच्चे की जान को खतरा हो सकता था।” कर्मचारियों के जागने के बाद आनन-फानन में डॉक्टर ने प्रसूता का सुरक्षित प्रसव कराया। फिलहाल, मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

“नेग के नाम पर वसूले 2200 रुपये” – परिजनों का बड़ा आरोप

प्रसव के बाद मामला यहीं नहीं रुका। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सीएचसी में हर प्रसव पर नेग (रिश्वत) के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं। पीड़ित पति अमित ने आरोप लगाया कि अस्पताल कर्मचारियों ने उनसे 2200 रुपये की मांग की और विरोध करने पर उन्हें बिगाड़ने की धमकी दी।

यह मामला अब सिर्फ लापरवाही का नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित भ्रष्टाचार का भी संकेत देता है, जहां सरकारी अस्पताल में इलाज के नाम पर मरीजों से वसूली की जा रही है।

लोगों पर असर और अधिकारियों की प्रतिक्रिया

इस घटना से इलाके में आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। वहीं, जब मामला गरमाया, तो सीएचसी प्रभारी ने सामने आकर सभी आरोपों को “निराधार और बेबुनियाद” बताया है। उनका कहना है कि अगर कोई लिखित शिकायत मिलती है, तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। आपको क्या करना चाहिए? अगर आपके साथ या आपके किसी परिचित के साथ अस्पताल में ऐसी कोई घटना होती है, तो तुरंत इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन या जिला प्रशासन के अधिकारियों से करें।

क्या होगी अब कार्रवाई?

लखनऊ के इस सरकारी अस्पताल की घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। एक तरफ जहां प्रदेश सरकार मुफ्त और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि प्रसूता को OT में अकेला छोड़कर डॉक्टर सो रहे हैं। यह घटना न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि कानूनी तौर पर भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होती है या नहीं। फिलहाल, पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में है।

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