Uttar Pradesh का रिकॉर्ड Budget 2026-27: 9.13 लाख करोड़ के साथ ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर कदम

Uttar Pradesh सरकार ने 9.13 लाख करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा Budget पेश किया। जानें महिलाओं, युवाओं, किसानों के लिए नई योजनाएं, पूंजीगत व्यय और AI मिशन की बड़ी घोषणाएं।
लखनऊ ११ feb : उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख रुपये का अब तक का सबसे भव्य और महत्वाकांक्षी बजट पेश कर इतिहास रच दिया है। यह बजट न केवल आकार में रिकॉर्ड है, बल्कि राज्य को दस खरब डॉलर (ट्रिलियन डॉलर) की अर्थव्यवस्था बनाने का स्पष्ट रोडमैप भी प्रस्तुत करता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की ओर से वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने यह बजट विधानसभा में पेश किया। पिछले बजट की तुलना में यह आकार लगभग एक लाख करोड़ रुपये अधिक है। गौरतलब है कि वर्ष 2017-18 में जहां यूपी का बजट महज 3.85 लाख करोड़ रुपये था, वहीं 2026-27 में यह बढ़कर 9.13 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। नौ वर्षों में बजट का दोगुने से अधिक विस्तार राज्य की तीव्र आर्थिक प्रगति को दर्शाता है।
UP Budget 2026-27 की सबसे खास बात इसका पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) है। सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 1.77 लाख करोड़ रुपये से अधिक के पूंजीगत परिव्यय का प्रस्ताव किया है। कुल प्राप्तियां 8.48 लाख करोड़ रखी गई हैं, जबकि कुल व्यय 9.13 लाख करोड़ रुपया है। राजस्व प्राप्तियां 7.29 लाख करोड़ और राजस्व व्यय 6.64 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
Uttar Pradesh Budget 2026-27 में महिलाओं, युवाओं और किसानों पर विशेष फोकस!
इस बजट में 50 से अधिक नई योजनाओं की घोषणा की गई है, जिनमें सबसे अधिक जोर महिलाओं, युवाओं, किसानों और उद्योग जगत पर दिया गया है। वित्त मंत्री ने बजट को ‘विकसित भारत के संकल्प’ और ‘विजन-2047’ की दिशा में निर्णायक कदम बताया।
किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना, पशुधन बीमा एवं जोखिम प्रबंधन योजना और सहकारी चीनी मिलों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया है। वहीं महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना और मिशन शक्ति 5.0 के तहत महिला सुरक्षा व सशक्तिकरण के कार्यक्रम जारी रखे जाएंगे।
युवाओं के लिए इस बजट में सबसे बड़ा तोहफा फ्री टैबलेट और स्मार्टफोन योजना है। इसके लिए 2374 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्वामी विवेकानंद युवा-सशक्तिकरण योजना के तहत अब तक 49 लाख 86 हजार टैबलेट/स्मार्टफोन वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा, छात्राओं के लिए 400 करोड़ रुपये की लागत से स्कूटी वितरण योजना भी जारी रहेगी।
शिक्षा, कौशल और रोजगार पर ऐतिहासिक निवेश
UP Budget 2026-27 में शिक्षा और कौशल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्राथमिक शिक्षा के लिए सबसे अधिक 80,997 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा के लिए 22,167 करोड़ और उच्च शिक्षा के लिए 6,195 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
रोजगार की दिशा में ड्रीम स्किल लैब और टेक युवा-समर्थ युवा योजना अहम भूमिका निभाएंगी। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा पिछले 5 वर्षों में 9.25 लाख युवाओं को प्रशिक्षित कर प्रमाणित किया गया है, जिनमें से 4.22 लाख को प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत संचालित 163 केंद्रों पर 23 हजार से अधिक युवा मुफ्त कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं। वहीं 108 आकांक्षात्मक विकास खंडों में मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम चलाकर युवाओं को नीति निर्माण से जोड़ा जा रहा है।
आधुनिक तकनीक: एआई मिशन और डेटा सेंटर
डिजिटल क्रांति को गति देने के लिए सरकार ने उत्तर प्रदेश एआई मिशन, स्टेट डेटा सेंटर और डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित करने की घोषणा की है। यू-हब की स्थापना से स्टार्टअप कल्चर को और बढ़ावा मिलेगा। फिलहाल प्रदेश में 16 हजार से अधिक स्टार्टअप और 8 यूनिकॉर्न मौजूद हैं, जबकि 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और पर्यटन
स्वास्थ्य के क्षेत्र में पीपीपी मोड पर चार सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर और मेडिकल कॉलेजों में छात्रावास निर्माण को मंजूरी दी गई है। बुनियादी ढांचे के लिए लोक निर्माण विभाग को 33,740 करोड़ और ऊर्जा विभाग को 65,926 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जेवर एयरपोर्ट जल्द शुरू होगा, जबकि 7 एयरपोर्ट पहले से संचालित हैं।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 234 गांवों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। महाकुंभ 2025 में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभागिता की, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई मिली। लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
ग्रीन और पिंक बजट पर खास फोकस
पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को देखते हुए ग्रीन बजट टैगिंग को बढ़ाकर 23.5 प्रतिशत कर दिया गया है। 242 करोड़ से अधिक पौधारोपण और 1 गीगावाट से अधिक सोलर क्षमता स्थापित की जा चुकी है। बायोप्लास्टिक औद्योगिक नीति-2024 और वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति के जरिए हरित औद्योगीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने स्पष्ट किया कि यह बजट ‘संतुलित, समावेशी और सतत विकास’ का प्रतीक है। 9.13 लाख करोड़ का यह रिकॉर्ड बजट उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर एक नई ऊंचाई पर ले जाने के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा। UP Budget 2026-27 ने यह साबित कर दिया है कि प्रदेश अब केवल जनसंख्या के मामले में ही नहीं, बल्कि आर्थिक ताकत के मामले में भी देश का अग्रणी राज्य बनने को तत्पर है।
वाराणसी में पुलिस से भिड़ीं विधायक Pallavi Patel, गाली के खिलाफ कार्रवाई की मांग!
Whatsapp Group :https://chat.whatsapp.com/KFwjngVxe8X9XC9XQL3MlA
Discover more from Utthan Xpress
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
