Tahawwur Rana का Explosive खुलासा: 26/11 Attack में ISI-लश्कर के नेटवर्क का पर्दाफाश, भारत दौरे की Timeline से मचा हड़कंप

26/11 हमलों में Tahawwur Rana ने पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। ISI, लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर उसने भारत में रेकी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए आतंकियों की एंट्री की मदद की।
लखनऊ, 7 जुलाई 2025: भारत के सबसे भयावह आतंकी हमले 26/11 मुंबई अटैक को लेकर एक बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है। इस बार आतंकी षड्यंत्र में शामिल Tahawwur Hussain Rana ने NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की हिरासत में पूछताछ के दौरान कई बड़े राज खोले हैं। पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी ISI से लेकर लश्कर-ए-तैयबा तक उसके कनेक्शन की परतें अब खुलती जा रही हैं।
कौन है Tahawwur Rana?
- पाकिस्तान के रावलपिंडी में जन्म
- 1986 में आर्मी मेडिकल कॉलेज से MBBS
- पाकिस्तानी सेना में बतौर कैप्टन डॉक्टर नियुक्त
- सियाचिन, बलूचिस्तान और सिंध जैसे संवेदनशील इलाकों में तैनाती
- पल्मोनरी एडिमा बीमारी के चलते सेवा से गायब, फिर घोषित भगोड़ा
हेल्ड इंटरोगेशन: अब तक के 4 सबसे चौंकाने वाले खुलासे
- पाकिस्तानी सेना का ट्रस्टेड एजेंट – NIA के हवाले से राणा ने कबूला कि वह “trusted agent of the Pakistan Army” थे
- सीमाओं से पहले पनघट योजना – 26/11 हमला 22 मिनट तक सिग्नल जैमिंग के दौरान हुआ था, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और ISRO के सैन्य उपग्रहों ने अहम भूमिका निभाई थी।
- सीमित नहीं, मुंबई तक ही नहीं – राणा ने बताया कि नए टारगेट की जानकारी 2008 के पहले ही थी, और योजनाओं में दिल्ली सहित अन्य शहर भी शामिल थे .
- फर्जी कंपनी, सच्चा षड्यंत्र – उन्होंने स्वीकार किया कि उनका ‘Immigrant Law Centre’ ब्रांड David Headley को मुंबई में रैकेटिंग और विज़ा फॉर्मलिटी में सहयोग देता था
26/11 की भयावह योजना: प्रमुख तथ्य
- Target Reconnaissance: राणा ने Headley को 230+ कॉल्स के जरिए जानकारी दी और उसे कई बार हमारे देश में रूकने की जगह प्रदान की
- Visa सहायता: वीजा एक्सटेंशन और दिल्ली–मुंबई में घूमने की अनुमति राणा की मदद से मिली .
- ISI–LeT संगीन सहयोग: राणा पाक सेना, ISI और आतंकवादी समूहों के उच्च अधिकारियों से जुड़ा था – एक नेटवर्क जो क़त्ल की योजना के पीछे सक्रिय था
हेडली और Tahawwur Rana की दोस्ती
- हसन अब्दाल कैडेट कॉलेज में 1974–79 के बीच एक साथ पढ़े
- हेडली की अमेरिकी मां और पाकिस्तानी पिता की पारिवारिक कहानी
- राणा के अनुसार, हेडली 2003-04 में लश्कर के तीन ट्रेनिंग कैंप में शामिल हुआ
- दोनों ने मिलकर भारत में आतंकी गतिविधियों की जमीन तैयार की
फर्जी कंपनी का मुखौटा
- Tahawwur Rana ने “Immigrant Law Centre” नाम से एक कंपनी बनाई
- इसी कंपनी की आड़ में हेडली ने भारत में कई शहरों का दौरा किया:
- दिल्ली
- मुंबई
- जयपुर
- पुणे
- गोवा
- राणा के अनुसार यह कंपनी आतंकी निगरानी और योजना के लिए “मुखौटा” थी
26/11 हमलों में Tahawwur Rana की भूमिका
- राणा ने स्वीकार किया कि वह हमलों से कुछ दिन पहले भारत में मौजूद था
- 20-21 नवंबर को मुंबई के पवई के एक होटल में रुका
- 22 नवंबर को दुबई होते हुए बीजिंग रवाना
- हेडली को छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और अन्य टारगेट्स की रेकी करने में मदद की
- फर्जी वीजा दस्तावेज और पहचान पत्र की भी व्यवस्था की
पाकिस्तान के संपर्क
- लश्कर-ए-तैयबा, ISI और पाक सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क:
- साजिद मीर
- अब्दुल रहमान पाशा
- मेजर इकबाल
- Tahawwur Rana ने NIA को बताया कि पाक सेना ने उसे “विश्वासपात्र” एजेंट मान लिया था
- उसे सऊदी अरब एक गुप्त मिशन पर भी भेजा गया था
14 गवाह और 405 पन्नों की चार्जशीट
- मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 2023 में चार्जशीट दाखिल की
- 14 गवाहों ने राणा की भूमिका को स्पष्ट किया
- दस्तावेजों में हेडली और राणा के 230+ कॉल रिकॉर्ड्स की पुष्टि
- जांच में पता चला कि राणा ने दूतावास पर आरोप मढ़ने की कोशिश की थी
अमेरिका से भारत लाया गया Tahawwur Rana
- अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में प्रत्यर्पण की मंजूरी दी
- फरवरी 2025 में भारत प्रत्यर्पित किया गया
- दिल्ली में 18 दिन की NIA कस्टडी में रखा गया
- हर दिन 8 से 10 घंटे की पूछताछ
Tahawwur Rana का पाक सेना से जुड़ाव और ISI–LeT कनेक्शन, ‘Immigrant Law Centre’ के माध्यम से विज़ा और लक्ष्य-चयन की योजना भारत पर हमले की उस रात की हकीकत को उजागर करता है। अब यह पता चल रहा है कि 26/11 केवल मुंबई का मामला नहीं था बल्कि इसे अन्य शहरों तक फैलाया गया एक द्वंद्व योजना थी। ISRO-सहायता प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सैटेलाइट इंटेलिजेंस ने इस हमले के समन्वय में एक रणनीतिक भूमिका निभाई।
India की राष्ट्रीय सुरक्षा, जांच एजेंसियों, और अदालतों के समक्ष यह समय निर्णायक है: राणा के खुलासे उस स्याह साजिश को उजागर कर रहे हैं जो राजधानी दिल्ली से लेकर वित्तीय नगरी मुंबई तक फैल चुकी थी।
Tahawwur Rana अब 26/11 हमलों की गहराई से पर्दा उठा रहा है। पाक सेना, ISI और लश्कर जैसे संगठनों के साथ उसका जुड़ाव भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पूछताछ से मिले तथ्यों से यह स्पष्ट हो गया है कि राणा एक रणनीतिक मास्टरमाइंड था, जिसने हमले के हर पहलू की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाई।
अब NIA की जांच और तेज़ी से आगे बढ़ रही है, और उम्मीद की जा रही है कि बहुत जल्द इस साजिश के पीछे के सभी चेहरे बेनकाब होंगे।
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