Republic Day Bravery Awards 2026: 983 वीर पुलिस-अग्निशमन कर्मियों को पदक!

गणतंत्र दिवस 2026 से पहले, 983 पुलिस, अग्निशमन व होमगार्ड कर्मियों को Republic Day Bravery Awards मिले। जानें किस राज्य व बल को मिले सबसे ज्यादा सम्मान।
देश में गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसी उत्सव के माहौल में, देश के उन वीर सपूतों को राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया है, जिन्होंने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपनी जान को दाव पर लगा दिया। गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर, पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस तथा ‘करेक्शनल सर्विसेज’ (सुधारात्मक सेवा) के कुल 983 कर्मचारियों को वीरता और सेवा पदक प्रदान किए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गई है।
इन सम्मानों में सर्वोच्च श्रेणी के 125 वीरता पदक शामिल हैं, जो असाधारण साहस के कार्यों के लिए प्रदान किए जाते हैं। आंकड़े बताते हैं कि आतंकवाद और उग्रवाद से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर क्षेत्र से सबसे अधिक, 45 कर्मियों को यह गौरव प्राप्त हुआ है। इसके बाद वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित क्षेत्रों से 35, पूर्वोत्तर से 5 और अन्य क्षेत्रों से 40 कर्मियों को उनकी वीरतापूर्ण कार्रवाइयों के लिए चुना गया। वीरता पदक पाने वालों में चार अग्निशमन सेवा के बचावकर्मी भी शामिल हैं, जिन्होंने अग्नि दुर्घटनाओं में लोगों की जान बचाई।
Republic Day Bravery Awards 2026 :जम्मू-कश्मीर पुलिस ने राष्ट्रीय स्तर पर रचा इतिहास
राज्य स्तर पर देखें तो जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सबसे अधिक 33 वीरता पदक हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह आंकड़ा उन कठिन परिस्थितियों और निरंतर चुनौतियों का सबूत है, जिनमें वहां के सुरक्षा बल जमकर डटे रहते हैं। इस सूची में महाराष्ट्र पुलिस 31 पदकों के साथ दूसरे, उत्तर प्रदेश पुलिस 18 पदकों के साथ तीसरे और दिल्ली पुलिस 14 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रही। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) एकमात्र ऐसा बल रहा, जिसके जवानों को 12 वीरता पदक प्रदान किए गए।
विशिष्ट सेवा के लिए भी मिले सम्मान
वीरता पदकों के अलावा, विशिष्ट सेवा के लिए कुल 101 राष्ट्रपति पदक (पीएसएम) प्रदान किए गए। इनमें से 89 पुलिस सेवा को, 5 अग्निशमन सेवा को, 3 सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड सेवा को और 4 सुधारात्मक सेवा के अधिकारियों को दिए गए। इसी क्रम में, सराहनीय सेवा के लिए 756 पदक (एमएसएम) दिए गए, जिनमें 664 पुलिस सेवा के कर्मचारियों को प्राप्त हुए। अग्निशमन सेवा को 34, होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस को 33 और सुधारात्मक सेवा को 25 पदक मिले।
किन मानदंडों पर मिलते हैं ये पदक?
गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, वीरता पदक असाधारण बहादुरी और विशिष्ट साहसिक कार्य के आधार पर दिए जाते हैं। इनका उद्देश्य जीवन और संपत्ति की रक्षा करना, गंभीर अपराधों को रोकना या खतरनाक अपराधियों को गिरफ्तार करना होता है। इस दौरान संबंधित अधिकारी द्वारा उठाए गए जोखिम का आकलन उसके दायित्वों के संदर्भ में किया जाता है। वहीं, राष्ट्रपति पदक (पीएसएम) सेवा में विशेष रूप से उत्कृष्ट रिकॉर्ड के लिए प्रदान किया जाता है। सराहनीय सेवा पदक (एमएसएम) कर्तव्य के प्रति निष्ठा और मूल्यवान सेवा की विशेषता वाले कार्यों के लिए दिया जाता है।
निष्कर्ष:
गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिए जाने वाले ये पदक न केवल व्यक्तिगत बहादुरी का प्रतीक हैं, बल्कि हमारे सुरक्षा बलों के सामूहिक संकल्प और त्याग को भी रेखांकित करते हैं। जम्मू-कश्मीर से लेकर देश के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात ये कर्मी दिन-रात हमारी सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। यह सम्मान उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का एक छोटा-सा प्रतीक है। गणतंत्र दिवस 2026 का यह समारोह इन्हीं अनगिनत गुमनाम नायकों को सलाम करने का एक अवसर है।
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