Ram Mandir Dhwajarohan 2025 News: राम मंदिर शिखर पर धर्मध्वजा आरोहण, इतिहास रचा पीएम मोदी ने!

Ram Mandir Dhwajarohan 2025 News: अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर PM Modi ने धर्मध्वजा फहराई। जानें इस ऐतिहासिक घटना, मोदी-भागवत के संबोधन और मंदिर निर्माण की पूर्णता के बारे में विस्तार से।
अयोध्या में इतिहास रचा गया: राम मंदिर के शिखर पर पीएम मोदी ने धर्मध्वजा का किया आरोहण, कहा- ‘सदियों के घाव भर गए’
अयोध्या 25 Nov । एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है श्री राम जन्मभूमि के गौरवशाली इतिहास में। मंगलवार, 25 नवंबर 2025 को अयोध्या में वह ऐतिहासिक क्षण उपस्थित हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भव्य राम मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर पवित्र धर्मध्वजा का आरोहण किया। 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के ठीक 673 दिन बाद हुए इस शुभ कार्य के साथ ही मंदिर निर्माण की पूर्णता की ओर अंतिम और निर्णायक कदम बढ़ा दिया गया।
यह दृश्य अविस्मरणीय था। लगभग दो किलो वजनी केसरिया ध्वज जब प्रधानमंत्री मोदी के बटन दबाते ही मंदिर के आकाशचुंबी शिखर पर लहराया, तो पूरी अयोध्या नगरी भक्ति और उल्लास से झूम उठी। इस पवित्र पल में प्रधानमंत्री मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वहां उपस्थित संत समाज व हजारों भक्तों की आंखें भावुकता से छलक उठीं। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो सदियों की प्रतीक्षा और तपस्या का प्रवाह आज विराम को प्राप्त हो गया हो।
Ram Mandir से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक संबोधन
‘सियावर रामचंद्र की जय’ के उद्घोष के साथ अपना संबोधन शुरू करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज सदियों के घाव भर गए हैं, सदियों की वेदना कम हो गई है। यह उस यज्ञ की पूर्णाहुति है जिसकी अग्नि पांच सौ साल तक प्रज्ज्वलित रही।” उन्होंने इस दिन को संकल्प से सिद्धि और ‘सत्यमेव जयते’ का जीवंत प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरा विश्व ‘राममय’ हो गया है। उन्होंने राम को विनम्रता में महाबल का प्रतीक, एक दिशा और एक मर्यादा बताया। उन्होंने देशवासियों से अपनी जड़ों से जुड़े रहने और गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पाने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने राम मंदिर से जुड़े हर कारीगर, वास्तुकार और श्रमिक को प्रणाम किया और कहा कि यह मंदिर सहभागिता और समावेशिता का उदाहरण है।
भागवत बोले- ‘करोड़ों की आस्था साकार हुई’
वहीं, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इस ऐतिहासिक घटना पर कहा कि आज करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था साकार हुई है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार यह धर्मध्वज शिखर पर लहरा रहा है, उसी प्रकार सनातन की ध्वजा को भी विश्व के शिखर पर ले जाना है। श्री भागवत ने कहा कि इस मंदिर के लिए 500 सालों तक संघर्ष करना पड़ा और आज यह लहराता ध्वज उन सभी महान आत्माओं के संघर्ष और बलिदान को सार्थक करता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- ‘पीढ़ियों की प्रतीक्षा पूरी’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज पीढ़ियों की प्रतीक्षा साकार हुई है। उन्होंने कहा कि यह राम मंदिर करोड़ों भारतीयों की आस्था का केंद्र है और इसके साथ ही देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
पूजा-अर्चना के साथ हुई थी शुरुआत
इस ऐतिहासिक ध्वजारोहण से पूर्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने माता अन्नपूर्णा मंदिर में पूजा-अर्चना कर देवी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस धार्मिक अनुष्ठान ने समारोह की पवित्रता को और बढ़ा दिया।
निस्संदेह, 9 नवंबर 2019 (सुप्रीम कोर्ट का फैसला), 5 अगस्त 2020 (भूमि पूजन) और 22 जनवरी 2024 (प्राण प्रतिष्ठा) की तरह 25 नवंबर 2025 का दिन भी भारत के इतिहास में सदैव के लिए अंकित हो गया है। अयोध्या में आज जो धर्मध्वज लहराया है, वह केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सनातन आस्था की अमर ज्योति का प्रतीक बन गया है।
Weekly Horoscope 23 to 29 November 2025
Discover more from Utthan Xpress
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
