प्रधानमंत्री मोदी PM Modi के खिलाफ AI वीडियो पर FIR, कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने PM Modi और दिवंगत मां हीराबेन के खिलाफ AI जनरेटेड फर्जी वीडियो (Fake Video) पोस्ट करने पर congress के खिलाफ FIR दर्ज की। जानें पूरा मामला।
नई दिल्ली 13 Sep: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां हीराबेन मोदी के खिलाफ एक AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) जनरेटेड वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं के खिलाफ एक बड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की है। यह मामला राजनीतिक गलियारों में तूफान ला दिया है और सोशल मीडिया के दुरुपयोग तथा नेताओं की गरिमा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह शिकायत दिल्ली भाजपा के चुनाव प्रकोष्ठ के संयोजक श्री संकेत गुप्ता द्वारा दर्ज कराई गई। शिकायत के अनुसार, 10 सितंबर, 2025 की शाम कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक बिहार इकाई के एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल से एक एआई जनरेटेड फर्जी वीडियो जारी किया गया। इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी और उनकी मां की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह वीडियो न केवल देश के प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा और गरिमा को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया गया था, बल्कि यह महिला सम्मान और मातृत्व भावनाओं का सरेआम अपमान है। श्री गुप्ता ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया कि इससे पूर्व, अगस्त के अंतिम सप्ताह में बिहार के दरभंगा में आयोजित कांग्रेस-आरजेडी की एक वोटर अधिकार यात्रा के दौरान भी प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अभद्र और अशोभनीय टिप्पणियां की गई थीं।
इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू थाने ने भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। इनमें धारा 318(2) (महिलाओं का अपमान), 336(3) व (4) (किसी की छवि को विकृत करना), 340(2) (मानहानि), 352 (अश्लील सामग्री का प्रदर्शन), 356(2) (अपमानजनक शब्द) और 61(2) (साइबर अपराध) शामिल हैं। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और डिजिटल डेटा संरक्षण अधिनियम की प्रासंगिक धाराएं भी मामले में जोड़ी गई हैं।
इस मामले पर भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। पार्टी ने इस घटना को “शर्मनाक” और “राजनीतिक सभ्यता का निम्नतम स्तर” करार दिया है। भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधने के लिए कांग्रेस किस हद तक गिर सकती है और उसने नैतिकता की सारी सीमाएं पार कर दी हैं।
वहीं, विपक्षी दलों पर इस तरह के गंभीर आरोप लगने से एक नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है। यह मामला अब कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बन गया है और देखना होगा कि दिल्ली पुलिस की जांच इस मामले में आगे किस तरफ जाती है। यह घटना डिजिटल युग में फैल रही गलत सूचना और एआई तकनीक के दुरुपयोग के खतरों की ओर भी एक गंभीर संकेत है।
Complete Guide: Jitiya Vrat 2025- जानें भगवान जीमूतवाहन की कथा और संतान-सुख का रहस्य
Discover more from Utthan Xpress
Subscribe to get the latest posts sent to your email.

अत्यंत गिरी हुई हरकत और शर्मनाक बात। कांग्रेस बिल्कुल मानसिक रूप से दिवालिया हो चुकी है। इस पर विधिक कार्रवाई बिल्कुल होनी चाहिए। प्रधानमंत्री का पद एक संवैधानिक पद है और उसकी मर्यादा बनाए रखना सभी का कर्तव्य है।