Mumbai Crisis Alert: 2 दिन से थमी नहीं बारिश, IMD ने आज फिर जारी किया Orange Alert !

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Maharashtra Alert: जलगांव के वारखेड़ी में करंट लगने से 5 लोगों की दर्दनाक मौत, नांदेड़ में बाढ़ जांच की मांग, और हतनूर बांध से 1.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। IMD ने मुंबई और आसपास के जिलों में भारी बारिश को लेकर Orange और Red Alert जारी किया है। जानें किस दिन से कम होगी बरसात और किन इलाकों में रहेगा खतरा।

लखनऊ 20 अगस्त 2025: मुंबई में मॉनसून की रफ्तार इस समय अपने चरम पर है। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बरसात ने पूरी आर्थिक राजधानी को ठहराकर रख दिया है। सड़कों से लेकर रेल और हवाई मार्ग तक हर जगह जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 अगस्त 2025 को मुंबई के लिए Orange Alert जारी किया है, जिसका सीधा मतलब है कि आने वाले घंटों में तेज़ और भारी बारिश होने वाली है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि लगातार बारिश से जगह-जगह पानी भरने की संभावना और अधिक है। यही कारण है कि इस बार “Alert” शब्द मुंबईकरों की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन गया है।

Table of Contents (TOC)

  1. परिचय – Alert से जुड़ी घटनाओं का पूरा विवरण
  2. वारखेड़ी हादसा – बिजली के झटके से 5 की मौत
  3. नांदेड़ बाढ़ संकट – विधायक राठौड़ की बड़ी मांग
  4. लेंडी परियोजना विवाद – प्रशासन पर उठे सवाल
  5. हतनूर बांध का जलस्तर – 20 गेट खोलने का फैसला
  6. प्रशासन की तैयारी – बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता
  7. स्थानीय लोगों की पीड़ा – गुस्सा और डर का माहौल
  8. निष्कर्ष: Alert का पालन ही सुरक्षा की कुंजी

IMD का Orange और Red Alert: किन जिलों में असर?

IMD ने साफ किया है कि मुंबई के साथ-साथ ठाणे, पालघर, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में भी Orange Alert रहेगा। वहीं रायगढ़ और पुणे के घाट क्षेत्रों में तो हालात और गंभीर हो सकते हैं, इसलिए वहां के लिए Red Alert जारी किया गया है।

  • मुंबई: लगातार दो दिन भारी बारिश, जलभराव की गंभीर समस्या
  • ठाणे और पालघर: कई निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका
  • रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग: तटीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का खतरा
  • रायगढ़ और पुणे घाट क्षेत्र: रेड अलर्ट, यानी बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति बनने का अनुमान

इस तरह “Alert” केवल मुंबई तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे कोंकण क्षेत्र और आसपास के जिलों को प्रभावित कर रहा है।

बारिश से जाम और जलभराव: मुंबईकरों की मुश्किलें बढ़ीं

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मुंबई में इस वक्त बारिश से हालात ऐसे हो चुके हैं कि लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है।

  • सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है।
  • लोकल ट्रेनें समय से नहीं चल पा रहीं।
  • कई जगहों पर फ्लाइट्स लेट हुईं और कुछ कैंसिल भी करनी पड़ीं।
  • ऑफिस, कॉलेज और स्कूलों में उपस्थिति बेहद कम रही।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी हालात को देखते हुए मंगलवार को दोपहर 12:30 बजे तक ही कामकाज करने का ऐलान किया। यानी Alert के असर ने न्याय व्यवस्था तक को प्रभावित कर दिया।

BMC और प्रशासन की तैयारी पर उठे सवाल

हर साल की तरह इस बार भी मुंबई महानगरपालिका (BMC) की तैयारियों पर सवाल उठे हैं।

  • दावा किया गया था कि सभी नाले और ड्रेनेज सिस्टम साफ कर दिए गए हैं, लेकिन बारिश ने दावों की पोल खोल दी।
  • निचले इलाकों में पानी जमने से साफ हो गया कि ड्रेनेज सिस्टम अभी भी कमजोर है।
  • BMC ने फायर ब्रिगेड और NDRF की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है।
  • ट्रैफिक पुलिस लगातार कंट्रोल रूम से ट्रैफिक की स्थिति पर नजर रख रही है।

कब थमेगी बारिश? IMD का Alert आधारित पूर्वानुमान

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IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार तक बारिश का दबाव और बना रहेगा। लेकिन राहत की बात यह है कि गुरुवार से बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने लगेगी।

  • 20 अगस्त (मंगलवार): Orange Alert – भारी बारिश
  • 21 अगस्त (बुधवार): Red Alert – रायगढ़ और पुणे घाटी क्षेत्र में खतरा
  • 22 अगस्त (गुरुवार): बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना
  • 23 अगस्त (शुक्रवार): सामान्य मॉनसून की स्थिति, हल्की से मध्यम बरसात

इसका मतलब साफ है कि फिलहाल मुंबईकरों को सतर्क रहना होगा और Alert को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

प्रशासन की तैयारी: Alert के बीच उठाए कदम

महाराष्ट्र सरकार और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं।

  1. स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
  2. बचाव दल (NDRF) को अलर्ट पर रखा गया है।
  3. निचले इलाकों से लोगों को शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है।
  4. ट्रैफिक पुलिस और BMC लगातार सड़कों की निगरानी कर रही है।
  5. हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं ताकि लोग किसी भी समस्या में प्रशासन से संपर्क कर सकें।

वारखेड़ी में करंट से 5 की मौत

20 अगस्त, दोपहर लगभग 12:30 बजे, जलगांव जिले के एरंडोल तालुका के वारखेड़ी गांव में करंट लगने से 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में दो बच्चे, दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं।

खेत में जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए बिजली के तार बिछाए गए थे। मिट्टी में नमी अधिक होने के कारण तार में करंट फैल गया और यह दर्दनाक हादसा हो गया। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।

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ज़िला प्रशासन ने कहा कि हालाँकि उस दिन बारिश नहीं हुई थी, लेकिन मिट्टी की नमी ने बिजली का झटका और ज़्यादा खतरनाक बना दिया। यह घटना पूरे इलाके के लिए चेतावनी है कि फसल बचाने के लिए इस तरह के असुरक्षित उपाय कितने जानलेवा साबित हो सकते हैं।

नांदेड़ बाढ़: विधायक ने जांच की मांग की

इसी दिन नांदेड़ जिले के हसनल गांव में भारी बारिश और लेंडी सिंचाई परियोजना से पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ की स्थिति बनी। इसमें कम से कम चार लोगों की मौत हो चुकी है।

भाजपा विधायक तुषार राठौड़ ने पत्रकारों को बताया कि वह महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल से इस घटना की जांच कराने की मांग करेंगे।

उन्होंने कहा कि जब लेंडी परियोजना का पहला चरण पूरा हुआ था, तब प्रशासन ने ग्रामीणों को भरोसा दिया था कि पानी उनके गांव तक नहीं पहुंचेगा। लेकिन वास्तविकता इसके उलट रही — आज हसनल गांव का लगभग 80% हिस्सा पानी में डूबा है।

कुछ ग्रामीणों ने बताया कि परियोजना के गेट समय पर नहीं खोले गए, जिसकी वजह से पानी का स्तर अचानक बहुत बढ़ गया और गांव जलमग्न हो गया। विधायक राठौड़ ने कहा कि इस घटना की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

हतनूर बांध के 20 गेट खुले

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इसी दिन दोपहर में जलगांव जिले में स्थित हतनूर बांध का जलस्तर बढ़ने लगा। जलग्रहण क्षेत्र में बारिश के कारण बांध पर दबाव बढ़ा तो 20 गेट पूरी तरह से खोल दिए गए

बांध से 3,517 क्यूमेक्स (लगभग 1,24,203 क्यूसेक) पानी नदी बेसिन में छोड़ा गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय नीचे बसे गांवों को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया।

ज़िला कलेक्टर को तुरंत सूचना दी गई और प्रशासन ने सभी नदी किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने का आदेश दिया है। तहसीलदारों और प्रांतीय अधिकारियों को बाढ़ नियंत्रण और बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

मुंबई में हर साल क्यों ज़रूरी है Alert?

मुंबई में मॉनसून का मतलब होता है बारिश और उससे पैदा होने वाली वार्षिक चुनौतियाँ। हर साल जब मॉनसून तेज़ होता है तो शहर की नालियाँ और ड्रेनेज सिस्टम उसकी रफ्तार नहीं झेल पाते।

  • पुराने इलाकों में जलभराव की समस्या
  • तटीय क्षेत्र में ज्वार-भाटा और बारिश का डबल असर
  • भारी बारिश से रेलवे पटरियों पर पानी भर जाना
  • हवाई अड्डे पर रनवे का जलमग्न होना

यही कारण है कि IMD का Alert हर साल मुंबईकरों के लिए एक चेतावनी की तरह होता है कि उन्हें सतर्क रहना होगा और अपनी दिनचर्या उसी हिसाब से एडजस्ट करनी होगी।

नागरिकों के लिए ज़रूरी सुझाव: Alert को हल्के में न लें

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IMD ने साफ तौर पर कहा है कि इस मौसम में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

  • अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
  • गाड़ियों को निचले इलाकों में पार्क न करें।
  • बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें।
  • बिजली के पोल और पानी भरे इलाकों से दूरी बनाए रखें।
  • प्रशासन की ओर से जारी Alert और Advisory को फॉलो करें।

Alert का पालन ही सुरक्षा की कुंजी

मुंबई की बारिश जितनी खूबसूरत लगती है, उतनी ही खतरनाक भी साबित हो सकती है। 20 अगस्त 2025 का दिन महाराष्ट्र के लिए Alert Day बन गया। वारखेड़ी का करंट हादसा, नांदेड़ की बाढ़ और हतनूर बांध का पानी — तीनों घटनाओं ने यह साफ कर दिया कि प्राकृतिक आपदा और मानवीय लापरवाही मिलकर कितनी बड़ी त्रासदी को जन्म दे सकती है। IMD का Orange और Red Alert बताता है कि हालात सामान्य नहीं हैं और नागरिकों को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। अच्छी बात यह है कि गुरुवार से बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है, लेकिन तब तक Alert का पालन करना हर मुंबईकर की जिम्मेदारी है।

आने वाले दिनों में यह Alert मुंबई के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा – अगर लोग समय रहते सावधानी बरतें तो इस मॉनसूनी आफत से बिना नुकसान निकला जा सकता है।

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