Green Corridor Lucknow: 25 दिसंबर को होगा जनता को समर्पित, शहर को मिलेगी नई रफ्तार

Photo :साभार दैनिक जागरण
Green Corridor Lucknow: लखनऊ का महत्वाकांक्षी ग्रीन कॉरिडोर दूसरा चरण पूरा, 25 दिसंबर को होगा उद्घाटन। पढ़ें कैसे बदलेगी शहर की यातायात व्यवस्था और बनेगा नया इंफ्रास्ट्रक्चर।
लखनऊ 13 Dec । राजधानी लखनऊ की यातायात व्यवस्था को एक नई रफ्तार और सुगमता देने वाली महत्वाकांक्षी ग्रीन कॉरिडोर योजना का दूसरा चरण अपने पूर्णता के कगार पर पहुंच गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा क्रियान्वित इस योजना के तहत आने वाले कई महत्वपूर्ण पुल, ब्रिज एवं सड़क निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं। सूत्रों के अनुसार, यदि सब कुछ योजनानुसार रहा तो 25 दिसंबर को ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ के साथ-साथ इस ग्रीन कॉरिडोर (Green Corridor) के दूसरे चरण का भी जनता के लिए औपचारिक उद्घाटन कर दिया जाएगा।
शहर की ‘लाइफ लाइन’ कही जाने वाली गोमती नदी के किनारे-किनारे बन रहा यह ग्रीन कॉरिडोर (Green Corridor) न केवल यातायात के बोझ को कम करेगा, बल्कि पांच लाख से अधिक नागरिकों के आवागमन को सरल एवं तीव्र बनाएगा। समतामूलक से निशातगंज मार्ग, निशातगंज से हनुमान सेतु, हनुमान सेतु से डालीगंज और डालीगंज से पक्का पुल के मध्य बने ब्रिज, रेल ओवरब्रिज (आरओबी) व बंधे आदि का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। आगामी 15 दिसंबर से इस नए मार्ग पर वाहनों का परिचालन शुरू होने की भी उम्मीद है।
दूसरे चरण का विस्तार एवं निर्माण कार्य
द्वितीय चरण के अंतर्गत, समतामूलक चौराहे से निशातगंज के मध्य लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत से तीन प्रमुख विकास कार्य किए गए हैं। इनमें 45 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 240 मीटर लंबा व 24 मीटर चौड़ा कुकरैल छह-लेन ब्रिज प्रमुख है, जो लगभग तैयार है। इसी प्रकार, कुकरैल से निशातगंज के बीच 40 करोड़ रुपये की लागत से 1.10 किलोमीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा बंधा व सड़क निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। साथ ही, 240 मीटर लंबे व 24 मीटर चौड़े निशातगंज छह-लेन ब्रिज का निर्माण भी 45 करोड़ रुपये में अंतिम दौर में है।
इस चरण में, हनुमान सेतु से गोमती पुल निशातगंज मार्ग तक सड़क की चौड़ाई को 10 मीटर से बढ़ाकर 18 मीटर किया गया है, जिससे यातायात प्रवाह काफी सुगम होगा और निशातगंज व कुकरैल चौराहे का उपयोगिता मूल्य बढ़ेगा। यह कॉरिडोर ऐतिहासिक ‘पुराने लखनऊ’ और ‘नए लखनऊ’ के बीच की दूरी व सफर का समय भी काफी कम कर देगा।
भविष्य की योजनाएं: फ्लाईओवर एवं नए पुल
ग्रीन कॉरिडोर योजना केवल दूसरे चरण तक सीमित नहीं है। भविष्य के चरणों के लिए भी बड़ी परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। इनमें सबसे उल्लेखनीय लामार्टीनियर कॉलेज से जी-20 रोड तक 2300 मीटर लंबे फोर-लेन फ्लाईओवर का निर्माण है, जिस पर 315 करोड़ रुपये व्यय होंगे। इसके निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी है। दो वर्ष में तैयार होने के बाद यह फ्लाईओवर 1090 चौराहा, कालीदास मार्ग, विक्रमादित्य मार्ग आदि को शहीद पथ, इकाना स्टेडियम, पुलिस मुख्यालय, एयरपोर्ट व अयोध्या रोड से सीधा जोड़ेगा।
साथ ही, गोमती नदी पर सेना की जमीन से जी-20 रोड को जोड़ने के लिए 250 मीटर लंबे एक नए ब्रिज का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिसकी अनुमानित लागत 60 करोड़ रुपये है और इसे लगभग एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
चार चरणों में पूर्ण होगा Green Corridor
यह विशाल ग्रीन कॉरिडोर (Green Corridor) कुल चार चरणों में एलडीए आईआईएम रोड से किसान पथ तक 57 किलोमीटर के दायरे में फैला होगा। पहला चरण (आईआईएम रोड से पक्का पुल) पहले ही पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में अंतिम चरण में चल रहा दूसरा चरण पक्का पुल से पिपराघाट तक है। तीसरा चरण (पिपराघाट से शहीद पथ) को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि चौथे चरण (शहीद पथ से किसान पथ) की तैयारियां प्रगति पर हैं।
निर्माण कार्यों के समानांतर, कॉरिडोर के सौंदरीकरण एवं हार्टीकल्चर के कार्य भी तेज गति से चल रहे हैं, क्योंकि संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण कर सकते हैं। निस्संदेह, लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर (Green Corridor) शहर के अवसंरचनात्मक विकास का एक मील का पत्थर साबित होगा और भविष्य की यातायात चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करेगा।
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