Iran War : Lucknow में LPG सप्लाई ठप, होटल-रेस्टोरेंट पर ताले?

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग (Iran War) से हॉर्मुज जलमार्ग बंद, भारत में LPG संकट गहराया। सरकार ने लागू किया आवश्यक वस्तु अधिनियम, जानें किस सेक्टर को कितनी गैस मिलेगी!
Lucknow 10 Mar :व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने से चौक चौराहे के पास खुले होटल व रेस्टोरेंट बंद हो गए हैं, जिसका सीधा असर यहां पर डेली खाने-पीने वाले लोगों पर पड़ेगा। क्योंकि, यहां पर मेडिकल कॉलेज पास होने पर तामीरदार, चिकित्सा विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट व अन्य लोगों पर जो रोज खाने पीने आते थे, अब उन्हें अपने खाने-पीने के लिए कहीं दूसरी जगह व्यवस्था करनी पड़ेगी।
मध्य पूर्व Iran War में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारतीय रसोई तक पहुंच गया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष की वजह से दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्ग हॉर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) से गैस की सप्लाई लगभग ठप हो गई है। इसका सीधा प्रभाव देश में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) की आपूर्ति पर पड़ा है, जिससे घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं .
हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए देशभर में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ (Essential Commodities Act 1955) लागू कर दिया है। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति को सुनिश्चित करना है, भले ही इसके लिए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कम गैस देनी पड़े .
LPG की किल्लत से मचा हड़कंप
हॉर्मुज जलमार्ग से देश की करीब 85-90 फीसदी LPG की सप्लाई होती है। Iran War से इस मार्ग के बंद होने से दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर अघोषित रोक लग गई है . देश की राजधानी दिल्ली के कुछ इलाकों में 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़कर 913 रुपये हो गई है, तो वहीं 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये का इजाफा हुआ है। कई जगहों पर सिलेंडर मिलना ही मुश्किल हो गया है .
इस कमी की सबसे ज्यादा मार होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ी है। मुंबई के होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन ‘आहार’ (AHAR) ने बताया कि शहर के करीब 20 प्रतिशत होटलों ने अपने दरवाजे बंद करने शुरू कर दिए हैं। संगठन ने आशंका जताई है कि अगर अगले दो दिनों में सप्लाई नहीं सुधरी, तो यह संख्या 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है . महाराष्ट्र के पुणे शहर में हालात इतने गंभीर हो गए कि नगर निगम को गैस से चलने वाले शवदाह गृह (Electric Crematorium) को अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा। वहीं, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे शहरों में कॉमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग के चार-पांच दिन बाद भी डिलीवरी नहीं हो पा रही है .
सरकार का चार सूत्रीय फॉर्मूला: किसे मिलेगी कितनी गैस?
बढ़ते Hormuz crisis LPG shortage के मद्देनजर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गैस आवंटन के लिए प्राथमिकता सूची (Priority List) जारी कर दी है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि देश में उपलब्ध प्राकृतिक गैस और एलपीजी का वितरण सबसे जरूरी वर्गों को ध्यान में रखकर किया जाए। मंत्रालय ने तेल कंपनियों को एलपीजी का अधिकतम उत्पादन करने के आदेश भी दिए हैं . यह पूरी व्यवस्था चार श्रेणियों में बांटी गई है:
- पहली श्रेणी (सर्वोच्च प्राथमिकता): इस श्रेणी में घरेलू रसोई गैस (PNG) और वाहनों में इस्तेमाल होने वाली CNG शामिल है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन सेक्टरों को पिछले छह महीने की औसत खपत के बराबर 100 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जाएगी .
- दूसरी श्रेणी (उर्वरक कारखाने): खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों को उनकी पिछली खपत का करीब 70 प्रतिशत गैस दी जाएगी। हालांकि, इसके लिए यह सुनिश्चित करना होगा कि मिली गैस का इस्तेमाल केवल खाद बनाने में ही हो .
- तीसरी श्रेणी (बड़े उद्योग): नेशनल गैस ग्रिड से जुड़े चाय कारखानों और अन्य बड़े उद्योगों को उनकी जरूरत का करीब 80 प्रतिशत गैस मिलेगी .
- चौथी श्रेणी (छोटे व्यवसाय और होटल): सिटी गैस नेटवर्क से जुड़े सभी औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं (होटल, रेस्टोरेंट, छोटे कारखाने) को पिछले छह माह की खपत के आधार पर लगभग 80 प्रतिशत गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी .
क्या है आवश्यक वस्तु अधिनियम?
आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 (Essential Commodities Act 1955) सरकार को यह अधिकार देता है कि वह किसी भी जरूरी वस्तु की सप्लाई, भंडारण और कीमतों को नियंत्रित कर सके। जब कभी बाजार में किसी चीज की कमी होने लगती है या उसके दाम आसमान छूने लगते हैं, तो सरकार इस कानून का इस्तेमाल करती है। इसके तहत व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा (Stock Limit) तय कर दी जाती है, जिससे जमाखोरी (Hoarding) और कालाबाजारी (Black Marketing) पर रोक लगाई जा सके .
LPG shortage : सप्लाई बहाली की कवायद शुरू
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति का गठन किया है। यह समिति रेस्टोरेंट, होटल और अन्य उद्योगों की गैस आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकालेगी और विभिन्न रेस्टोरेंट एसोसिएशनों से बातचीत करेगी . सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए दो गैस सिलेंडरों की बुकिंग के बीच की अवधि (Inter-booking gap) को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन भी कर दिया है . विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी संसद में आश्वासन दिया है कि सरकार ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) के लिए प्रतिबद्ध है और भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं .
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