Army Chief General Dwivedi बोले: ऑपरेशन सिंदूर में पीएम मोदी ने दी थी खुली छूट!

Army Chief General Dwivedi ने खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पीएम मोदी ने सेना को खुली छूट दी थी। पढ़ें यह Exclusive रिपोर्ट।
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रीवा 1 Nov : भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए खुलासा किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को ‘खुली छूट’ दी थी, जिसके बाद सेना ने दुश्मन के इलाके में 100 किलोमीटर अंदर तक जाकर सफल कार्रवाई अंजाम दी थी। मध्य प्रदेश के रीवा में आयोजित एक कार्यक्रम में सेना प्रमुख ने यह बात कही।
General Dwivedi ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य न केवल दुश्मन पर विजय प्राप्त करना था, बल्कि देश की संप्रभुता, अखंडता और शांति की पुनः स्थापना करना भी था। उन्होंने इस ऑपरेशन के नामकरण का श्रेय स्वयं प्रधानमंत्री मोदी को देते हुए कहा, “यह प्रधानमंत्री ही थे, जिन्होंने कहा था कि इसका नाम ऑपरेशन सिंदूर होगा। जब भी कोई बेटी, मां या बहन अपने माथे पर सिंदूर लगाती है, तो दुआएं देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर खड़े सैनिक के लिए जाती हैं।”
‘इतिहास में पहली बार मिली थी इतनी खुली छूट’
सेना प्रमुख ने इस मिशन के दौरान उठाए गए जोखिमों पर प्रकाश डालते हुए कहा, “ऐसे युद्धों में जोखिम बहुत अधिक होता है। जोखिम को कम करने के लिए, हमने हर हमले का मुकाबला किया और सीमा पार 100 किमी तक भी गए।” उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सफलता के पीछे राजनीतिक नेतृत्व का दृढ़ संकल्प था। “हमारे राजनीतिक नेताओं की सोच स्पष्ट थी। उन्होंने हमें खुली छूट दी। इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि प्रधानमंत्री ने सेनाओं को खुली छूट दी हो।”
भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों पर जोर
जनरल द्विवेदी ने भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्हें ‘अस्थिरता, अनिश्चितता, जटिलता और अस्पष्टता’ से भरा बताया। उन्होंने कहा कि ये चुनौतियां इतनी तेजी से आ रही हैं कि एक को समझने से पहले ही दूसरी सामने आ जाती है। उन्होंने वैश्विक संदर्भ में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का उदाहरण देते हुए कहा, “ट्रम्प आज क्या कर रहे हैं? मुझे लगता है कि ट्रम्प को भी नहीं पता कि वह कल क्या करने वाले हैं।” उन्होंने कहा कि यही गतिशीलता सीमा, आतंकवाद, प्राकृतिक आपदाओं और साइबर युद्ध जैसे मोर्चों पर भारतीय सेना के सामने मौजूद चुनौतियों में देखने को मिल रही है।
जेनरेशन Z को सेना की ताकत बताया
सेनाध्यक्ष ने अपने संबोधन में देश की युवा पीढ़ी, विशेष रूप से ‘जेनरेशन Z’ की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत में जेनरेशन Z की आबादी दुनिया में सबसे अधिक है और यह पीढ़ी डिजिटल रूप से पारंगत, तकनीकी रूप से उन्नत और सामाजिक रूप से जागरूक है। उन्होंने कहा, “वे पूरी दुनिया की नवीनतम गतिविधियों से वैश्विक रूप से जुड़े हुए हैं। अगर आपके पास इतनी शक्ति है, बस अनुशासन और मार्गदर्शन मिल जाए, तो कौन जाने भारत एक पल में कितनी पीढ़ियों, कितने युगों को आगे बढ़ा देगा।”
जनरल द्विवेदी ने निष्कर्ष के रूप में कहा कि भविष्य में जेनरेशन Z ही भारत को आगे बढ़ाएगी और उसे नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। उनके इस भाषण से सेना की सशक्त रणनीति और देश के भविष्य पर उनके विश्वास का पता चलता है।
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