Lucknow Breaking News: Buddheshwar Mahadev मंदिर के तालाब में मछलियों की रहस्यमयी मौत, 4 कुंतल मछलियां निकली गई!

लखनऊ के प्रसिद्ध Buddheshwar Mahadev मंदिर के तालाब में हजारों मछलियां मृत मिलीं। मरी हुई मछली खाने से एक कुत्ते की भी मौत हो गई। मत्स्य विभाग ने जांच शुरू की।
लखनऊ: 9 july :सावन के पावन महीने से ठीक दो दिन पहले लखनऊ के प्राचीन बुद्धेश्वर महादेव मंदिर(Buddheshwar Mahadev) में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मंदिर परिसर स्थित तालाब में हजारों मछलियां मृत मिली हैं, जिससे भक्तों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया है। मछलियों की मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन इस घटना के बाद एक कुत्ते की भी मौत हो गई, जिसने मरी हुई मछलियों को खा लिया था।
तालाब से निकाले गए 4 क्विंटल से अधिक मृत मछलियां
स्थानीय लोगों ने बताया कि मंगलवार देर शाम तालाब की सतह पर अचानक हजारों मछलियां तैरती हुई दिखाई दीं। जब लोगों ने करीब से देखा, तो पता चला कि सभी मछलियां मर चुकी हैं। लोगों ने तुरंत मत्स्य विभाग को सूचना दी और रातभर मछलियों को बाहर निकालने में जुट गए। अब तक 4 क्विंटल से अधिक मृत मछलियां तालाब से निकाली जा चुकी हैं।
मरी मछली खाने से कुत्ते की मौत
इस घटना के बाद एक और दुखद घटना सामने आई। बुधवार सुबह एक कुत्ते ने Buddheshwar Mahadev तालाब के किनारे पड़ी मरी हुई मछलियों को खा लिया, जिसके बाद उसकी भी मौत हो गई। इससे आशंका जताई जा रही है कि मछलियों की मौत जहरीले पदार्थ या प्रदूषित पानी की वजह से हुई होगी।
ऑक्सीजन की कमी या जहर? जांच जारी
मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने तालाब के पानी के नमूने लिए हैं और जांच शुरू कर दी है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मछलियों की मौत पानी में ऑक्सीजन की कमी से हुई या किसी जहरीले केमिकल की वजह से। विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “हम तालाब के पानी की जांच कर रहे हैं। जल्द ही रिपोर्ट सामने आएगी।”
क्यों प्रसिद्ध है बुद्धेश्वर महादेव (Buddheshwar Mahadev) मंदिर?
लखनऊ के मोहन रोड पर स्थित यह मंदिर शहर के सबसे पुराने हिंदू मंदिरों में से एक है। मान्यता है कि महाभारत काल में लक्ष्मण ने यहां भगवान शिव की आराधना की थी और बुधवार के दिन भोलेनाथ ने उन्हें दर्शन दिए थे। इसीलिए यहां बुधवार को विशेष पूजा होती है, जबकि अन्य शिव मंदिरों में सोमवार को महत्व दिया जाता है।
सावन में बढ़ सकती है समस्या
11 जुलाई से सावन महीना शुरू होने वाला है, जिसमें इस मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। अगर तालाब का पानी दूषित पाया जाता है, तो यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
इस घटना के बाद मंदिर (Buddheshwar Mahadev) प्रशासन और स्थानीय प्रशासन दोनों ही सतर्क हो गए हैं। जल्द ही जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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