Dehradun Rain Disaster: भारी बारिश ने मचाई तबाही, 10 की मौत-सैकड़ों प्रभावित, Rescue Operation जारी

देहरादून (Dehradun) और मसूरी में बादल फटने व मूसलधार बारिश से तबाही, 10 की मौत, सैकड़ों प्रभावित। NDRF-SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, पीएम मोदी-अमित शाह ने ली हालात की जानकारी।
लखनऊ 16, सितम्बर, 2025: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून (Dehradun) में 15-16 सितंबर 2025 की रात बादल फटने की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। देर रात करीब 11:30 बजे सहस्त्रधारा क्षेत्र में अचानक पानी और मलबे का सैलाब आ गया। मुख्य बाजार, होटल, दुकानें और घर इसकी चपेट में आ गए। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया और स्थानीय लोगों की मदद से करीब 100 लोगों को सुरक्षित बचाया गया, हालांकि 10 लोगों की मौत और कई लापता होने की खबरें सामने आई हैं।
इस प्राकृतिक आपदा ने न सिर्फ देहरादून (Dehradun) बल्कि मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में भी भारी तबाही मचाई है। टॉन्स, रिस्पना और तमसा नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे नदियों के किनारे बसे घर और पुल बह गए।
सहस्त्रधारा में बादल फटने के बाद हाहाकार

Dehradun के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सहस्त्रधारा में देर रात बादल फटने से भारी नुकसान हुआ। बाजार में मलबा घुस आया, कई होटल और दुकानें तबाह हो गए। स्थानीय लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया।
- लगभग 100 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
- 2 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
- बाजार का बड़ा हिस्सा कीचड़ और मलबे से भर गया है।
टॉन्स नदी में मजदूरों की मौत
भारी बारिश और बाढ़ का सबसे खतरनाक मंजर टॉन्स नदी में देखने को मिला। नदी के तेज बहाव में कई मजदूर बह गए। अब तक की जानकारी के मुताबिक:
- 8 खनन मजदूरों के शव बरामद हुए हैं।
- कई मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
- पुलिस और रेस्क्यू टीम सर्च ऑपरेशन चला रही है।
रिस्पना नदी में शव मिलने से दहशत
Dehradun शहर के मोहनी रोड पर बह रही रिस्पना नदी भी उफान पर रही। मंगलवार को नदी के किनारे लगी जाली में एक शव फंसा मिला। पुलिस ने शव को बरामद कर लिया है और उसकी पहचान की जा रही है।
पौंधा इलाके में 200 छात्रों का रेस्क्यू

देहरादून (Dehradun) के पौंधा इलाके स्थित देवभूमि इंस्टीट्यूट में 200 छात्र-छात्राएं बारिश और पानी भरने की वजह से फंस गए।
- एसडीआरएफ टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला।
- प्रशासन ने छात्रों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया।
दीवार गिरने से छात्र की मौत
ग्रीन वैली कॉलोनी, DIT कॉलेज के पास एक बड़ा हादसा हुआ। लगातार बारिश से एक पीजी की दीवार गिर गई, जिससे 20 वर्षीय कैफ नाम का छात्र मलबे में दबकर बह गया।
- मृतक छात्र यूपी के हापुड़ जिले का रहने वाला था।
- एसडीआरएफ ने छात्र का शव बरामद किया।
मसूरी में बारिश का तांडव
Dehradun के साथ-साथ मसूरी में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई। सोमवार देर रात से हो रही मूसलधार बारिश ने कई घरों और सड़कों को क्षतिग्रस्त कर दिया।
- मसूरी-देहरादून मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है।
- कई वाहन और दुकानें मलबे में दब गए।
- लोग रातभर सुरक्षित जगह की तलाश में भटकते रहे।
टपकेश्वर महादेव मंदिर जलमग्न

भारी बारिश और बाढ़ का असर धार्मिक स्थलों पर भी देखा गया। तमसा नदी के उफान से प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर पूरी तरह जलमग्न हो गया।
- गर्भगृह सुरक्षित है लेकिन पूरा परिसर पानी से भर गया।
- पुजारी आचार्य बिपिन जोशी ने बताया कि ऐसी स्थिति कई दशकों बाद देखी गई है।
पुल और राष्ट्रीय राजमार्ग क्षतिग्रस्त
Dehradun–Haridwar राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी बारिश से कई जगहों पर पुल बह गए।
- लालतप्पड़ क्षेत्र में पुल की एप्रोच रोड पूरी तरह बह गई।
- उत्तराखंड डेंटल कॉलेज और फन वैली के पास का पुल क्षतिग्रस्त हो गया।
- सड़क मार्ग और यातायात पूरी तरह से बाधित है।
लोग बिजली के खंभों पर चढ़कर बचे
Dehradun के ठाकुरपुर इलाके में हालात इतने खराब हो गए कि लोग जान बचाने के लिए बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों पर चढ़ गए।
- एनडीआरएफ ने बड़ी मुश्किल से लोगों को सुरक्षित निकाला।
- अब तक 10 मौतों की पुष्टि हुई है।
पीएम मोदी और अमित शाह ने ली देहरादून आपदा की जानकारी

देहरादून (Dehradun) और आसपास के इलाकों में बादल फटने और भारी बारिश के कारण जो तबाही मची, उसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीधे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बातचीत की और स्थिति का जायजा लिया।
पीएम मोदी का आश्वासन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री से बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस मुश्किल समय में उत्तराखंड की पूरी मदद करेगी। उन्होंने राज्य में हो रहे रेस्क्यू ऑपरेशन्स, राहत कार्य और क्षति की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि आपदा प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द राहत सामग्री पहुंचाई जाएगी और जरूरत पड़ने पर सेना तथा वायुसेना की अतिरिक्त टीमें भी लगाई जाएंगी।
अमित शाह की सक्रियता
गृहमंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री धामी से बात कर NDRF और SDRF की तैनाती की प्रगति जानी। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में सड़क और पुल टूट गए हैं वहां वैकल्पिक मार्ग बनाकर जल्द से जल्द राहत दलों को पहुंचाया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि लापता लोगों की खोज और फंसे हुए नागरिकों की सुरक्षित निकासी को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री धामी की जानकारी

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दोनों नेताओं को जानकारी देते हुए कहा कि भारी बारिश और बादल फटने की वजह से:
- कई संपर्क मार्ग पूरी तरह कट चुके हैं।
- राष्ट्रीय राजमार्ग और पुल बह जाने से यातायात बाधित हुआ है।
- कई जगहों पर बिजली की आपूर्ति बंद हो गई है।
- ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में लोग पूरी तरह से बाहरी दुनिया से कट गए हैं।
धामी ने बताया कि राज्य सरकार अपनी पूरी क्षमता के साथ बचाव कार्य चला रही है और केंद्र से मिल रही मदद से राहत कार्य और तेज़ किए जा रहे हैं।
केंद्र-राज्य समन्वय
इस बातचीत के बाद स्पष्ट हो गया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर इस आपदा से निपटने की पूरी तैयारी में हैं। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है और प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री खुद हालात की निगरानी कर रहे हैं।
प्रशासन और मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने Dehradun समेत चमोली, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर और नैनीताल में अगले 21 सितंबर तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
देहरादून (Dehradun) और आसपास के इलाकों में बादल फटने और भारी बारिश की इस आपदा ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। दर्जनों लोगों की मौत, कई लापता और हजारों प्रभावित परिवार इस त्रासदी से जूझ रहे हैं। सरकार और प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम की चुनौती और बड़ी मुसीबत साबित हो सकती है।
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