Barabanki News:बाराबंकी में YouTube देखकर पथरी ऑपरेशन, महिला की मौत!

Barabanki में YouTube वीडियो देखकर पथरी का ऑपरेशन करने का मामला सामने आया। झोलाछाप डॉक्टरों ने की महिला की जान गंवाई। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा।
बाराबंकी, 10 Dec : उत्तर प्रदेश। जिले के कोठी कस्बे में चिकित्सा लापरवाही और झोलाछाप डॉक्टरों की सनक का एक भयावह मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला की पथरी के ऑपरेशन के नाम पर तथाकथित डॉक्टरों द्वारा की गई जानलेवा मेडिकल त्रुटि के बाद मौत हो गई है। हैरानी की बात यह है कि आरोप है कि इन ‘डॉक्टरों’ ने सर्जरी का तरीका यूट्यूब (YouTube ) वीडियो देखकर सीखा था। यह घटना प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के अंधेरे कोने और अवैध चिकित्सा प्रैक्टिस की पोल एक बार फिर खोलती है।
क्या है पूरा मामला?
कोठी थाना क्षेत्र के ग्राम डफरापुर मजरे सैदनपुर के रहने वाले तेहबहादुर रावत की पत्नी मुनिशरा रावत पथरी की समस्या से पीड़ित थीं। उनके उपचार के लिए परिवार उन्हें 5 दिसंबर को कोठी स्थित ‘श्री दामोदर औषधालय’ ले गया। इस क्लिनिक के संचालक ज्ञान प्रकाश मिश्र ने महिला की जांच के बाद पेट दर्द का कारण पथरी बताया और तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी। उन्होंने ऑपरेशन का खर्च 25 हजार रुपये बताया, जिसमें से पति ने 20 हजार रुपये अदा भी कर दिए।
Barabanki :YouTube वीडियो से सीखकर किया ऑपरेशन, लगे गहरे चीरे
ऑपरेशन टेबल पर जो हुआ, वह मेडिकल जगत के लिए एक सदमा और आम जनता के लिए डरावनी चेतावनी है। पीड़ित महिला के पति तेहबहादुर रावत ने पुलिस शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि ज्ञान प्रकाश मिश्र नशे की हालत में थे और उन्होंने यूट्यूब (YouTube) पर सर्जरी के वीडियो देखकर ही उनकी पत्नी का ऑपरेशन शुरू कर दिया। इस अंधाधुंध और अवैज्ञानिक प्रक्रिया में उन्होंने महिला के पेट में गहरे चीरे लगा दिए और कई नसें काट डालीं। ऑपरेशन के अगले ही दिन, 6 दिसंबर को, गंभीर रक्तस्राव और जटिलताओं के चलते मुनिशरा रावत की मौत हो गई।
चाचा-भतीजे का अवैध धंधा, सरकारी नौकरी का सहारा
जांच में पुलिस को एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। क्लिनिक संचालक ज्ञान प्रकाश मिश्र के साथ उनके भतीजे विवेक कुमार मिश्र का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि विवेक कुमार मिश्र रायबरेली में एक आयुर्वेदिक अस्पताल में सरकारी कर्मचारी हैं और उनके पद का दुरुपयोग करते हुए इस अवैध क्लिनिक को वर्षों से चलाया जा रहा था। यह जोड़ा चाचा-भतीजा अपनी अनधिकृत प्रैक्टिस से मोटी कमाई कर रहा था, जिसकी भारी कीमत एक निर्दोष महिला को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
पुलिस और प्रशासन का एक्शन, सील हुआ क्लिनिक
मामला सामने आने के बाद कोठी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अधीक्षक ने भी श्री दामोदर औषधालय को सील कर दिया है और उस पर नोटिस चस्पा कर दिया है। पुलिस ने ज्ञान प्रकाश मिश्र और विवेक कुमार मिश्र के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपी इस समय फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
सवाल खड़े करता है मामला
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। एक तरफ जहां डिजिटल प्लेटफॉर्म ज्ञान का भंडार हैं, वहीं उनका अंधाधुंध और अप्रशिक्षित लोगों द्वारा जटिल प्रक्रियाओं के लिए दुरुपयोग कितना घातक हो सकता है, यह इस मामले ने स्पष्ट कर दिया है। दूसरी ओर, सरकारी नौकरी में रहते हुए अवैध चिकित्सा प्रैक्टिस में संलिप्तता गंभीर चिंता का विषय है। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग की निगरानी तंत्र की विफलता भी स्पष्ट दिखती है, जिसके चलते ऐसे अवैध अड्डे सालों तक बिना रोकटोक चलते रहते हैं।
इस दुखद घटना ने एक परिवार को उसकी धुरुषी से वंचित कर दिया है। अब यह पुलिस और प्रशासन पर निर्भर है कि वे भगोड़े आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करके पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएं और जिले में ऐसे सभी अवैध क्लिनिकों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाकर आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
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