चरखारी विधायक Brijbhushan Rajput को BJP का Notice, समाजवादी पार्टी में जाने की अटकलें !
चरखारी विधायक Brijbhushan Rajput और जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के विवाद के बाद BJP ने विधायक को Notice जारी किया। विधायक के तेवर अभी भी नहीं बदले। पूरी खबर पढ़ें।

लखनऊ 07 feb । उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद सिर चढ़कर बोल रहा है। चरखारी के विधायक बृजभूषण राजपूत और प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बीच हुई झड़प के बाद अब मामला प्रदेश स्तर पर पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष ने विवादित बयानों और आचरण के लिए विधायक बृजभूषण राजपूत को एक Notice जारी कर दिया है, जिससे उनकी मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। यह Notice विधायक के लिए गंभीर चेतावनी का संकेत माना जा रहा है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब चरखारी में जलशक्ति मंत्री के काफिले को विधायक Brijbhushan Rajput ने रोक लिया था। इस घटना के बाद से दोनों नेताओं के बीच तनाव चरम पर है। विधायक राजपूत के लगातार विवादित और बगावती बयान सामने आते रहे हैं, जिसके चलते पार्टी ने कार्रवाई का रास्ता अख्तियार किया है।
विधायक के पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत इस कार्रवाई को टालने के लिए सक्रिय रहे। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर अपने बेटे के लिए ‘सद्बुद्धि’ की प्रार्थना की और सलाह दी कि कोई भी खुद को पार्टी से ऊपर न समझे। हालांकि, उनकी यह अपील कारगर साबित नहीं हुई और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया गया। पार्टी के स्थानीय जिला एवं क्षेत्रीय अधिकारियों ने भी इस मामले को प्रदेश स्तरीय बताया है।
Notice मिलने के बावजूद Brijbhushan Rajput के तेवर अभी भी नरम नहीं,
दिलचस्प बात यह है कि नोटिस मिलने के बावजूद विधायक बृजभूषण राजपूत (Brijbhushan Rajput) के तेवर नरम नहीं हुए हैं। उन्होंने शुक्रवार को फेसबुक पर एक पोस्ट के माध्यम से बुंदेलखंड के सातों जिलों का दौरा करने की अपनी संभावित योजना का संकेत दिया। उन्होंने लिखा, “क्या मुझे बुंदेलखंड के सातों जिलों का दौरा करना चाहिए… कौन-कौन मेरे साथ चलेगा?” इस पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
उनकी इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रिया आई। कुछ समर्थकों ने उत्साह दिखाया तो कुछ ने सलाह दी कि विधायक को पहले अपने क्षेत्र पर ध्यान देना चाहिए। एक यूजर ने तो यहां तक लिखा कि उन्हें एक अलग राजनीतिक पार्टी बनाकर ही बुंदेलखंड दौरे पर निकलना चाहिए। यह टिप्पणी उनके पार्टी बदलने के कयासों को और बल देती है।
क्या पार्टी बदलेंगे चरखारी विधायक? सपा में शामिल होने की चर्चा तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे गर्म चर्चा विधायक बृजभूषण राजपूत के भाजपा छोड़ने की है। उनके बगावती रुख और लगातार मुखर होने के कारण राजनीतिक हल्कों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम सकते हैं। चरखारी विधानसभा क्षेत्र को लोधी बाहुल्य माना जाता है और हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में सपा से लोधी नेता अजेंद्र सिंह लोधी की जीत ने इन अटकलों को और हवा दी है। विश्लेषकों का मानना है कि सपा क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिहाज से उन्हें शामिल कर सकती है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में किसी भी पक्ष की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्पष्ट है कि चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत और भाजपा प्रदेश नेतृत्व के बीच की खींचतान अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। पार्टी द्वारा जारी नोटिस एक स्पष्ट संदेश है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, विधायक का सोशल मीडिया एक्टिविज्म और बुंदेलखंड दौरे का इशारा उनकी स्वतंत्र रणनीति को दर्शाता है। अगले कुछ दिनों में विधायक द्वारा नोटिस का जवाब और उनका अगला कदम ही तय करेगा कि यह राजनीतिक द्वंद्व समझौते में तब्दील होता है या फिर एक बड़े बदलाव का कारण बनता है। बुंदेलखंड की राजनीति पर इस घटना के दूरगामी परिणाम होंगे।
Chinese Manjha: लखनऊ में पतंग की डोर ने काटी जीवन की डोर !
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