Home Remedies: हृदय रोग, हाई B.P और एंग्जाइटी का 5 आयुर्वेदिक समाधान!

जानें हृदय रोग, हाई B.P और एंग्जाइटी को प्राकृतिक रूप से कंट्रोल करने के 5 आयुर्वेदिक Home Remedies लहसुन, अर्जुन छाल और कार्डी मैप से पाएं लाभ। #HeartHealth
प्राकृतिक उपचार: हृदय रोग, हाई बीपी और एंग्जाइटी की Home Remedies
नई दिल्ली 13 Nov : हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और एंग्जाइटी जैसी समस्याएं आज आम हो गई हैं। इन बीमारियों के चलते न केवल जीवनशैली प्रभावित हो रही है, बल्कि हार्ट अटैक जैसे गंभीर खतरे भी बढ़ रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि भारत में हर साल लाखों लोग हृदयाघात के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ प्रकृति प्रदत्त उपायों को अपनाने पर जोर दे रहे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों और कुछ प्राकृतिक चीजों को दिनचर्या में शामिल करके इन समस्याओं पर काबू पाया जा सकता है।
आइए जानते हैं हृदय स्वास्थ्य, उच्च रक्तचाप और चिंता को प्रबंधित करने के लिए 5 कारगर प्राकृतिक उपाय:
1. लहसुन: प्रकृति का शक्तिशाली उपहार
लहसुन को प्राकृतिक औषधि माना जाता है। नियमित रूप से भोजन में थोड़ी मात्रा में लहसुन शामिल करने से शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड का उत्पादन बढ़ता है। यह यौगिक रक्त वाहिकाओं को आराम देकर ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है। साथ ही, लहसुन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हृदय को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद है।
2. कार्डी मैप: आयुर्वेद का अद्भुत संयोजन
महर्षि आयुर्वेद द्वारा निर्मित ‘कार्डी मैप’ एक नवीन उत्पाद है, जो विशेष रूप से हृदय स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन के लिए तैयार किया गया है। इस उत्पाद की खास बात इसकी संयोजन है, जिसमें सर्पगंधा, ब्राह्मी, जटामांसी और शंखपुष्पी जैसी शक्तिशाली जड़ी-बूटियां शामिल हैं। यह संयोजन चिंता और तनाव को कम करने, अच्छी नींद लाने और प्राकृतिक रूप से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक है। सर्पगंधा ब्लड प्रेशर कम करती है, जबकि शंखपुष्पी हृदय की धमनियों को स्वस्थ बनाती है। यह उत्पाद नर्वस सिस्टम पर काम करके समग्र स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाता है।
3. अदरक: रोजमर्रा का सहयोगी
लहसुन के साथ-साथ अदरक का सेवन भी बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। अदरक, जिसका उपयोग लगभग हर घर में होता है, उच्च रक्तचाप को कम करने में सहायक पाया गया है। अदरक की चाय पीना एक बेहतरीन विकल्प है। इसे उबालकर, और बिना डायबिटीज होने पर थोड़ा शहद मिलाकर पीने से न सिर्फ ब्लड प्रेशर को लाभ होता है, बल्कि पाचन तंत्र भी दुरुस्त रहता है।
4. अर्जुन की छाल: हृदय का मित्र
अर्जुन की छाल हृदय रोगों के लिए एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है। यह न केवल एंजाइना के लक्षणों को कम करती है, बल्कि हृदय को मजबूत बनाने, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी मददगार है। इसके अलावा, यह पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाती है। नियमित और उचित तरीके से इसके सेवन से हृदय संबंधी जोखिम कम हो सकते हैं।
5. त्रिफला: त्रिदोष नाशक
त्रिफला, जो हरड़, बहेड़ा और आंवला के संयोजन से बनता है, एक और कारगर उपाय है। यह हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने,以及 रक्त संचार को सामान्य करने में सहायता करता है। त्रिफला शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाकर समग्र स्वास्थ्य में सुधार करता है।
सावधानी और सलाह:
विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि ये प्राकृतिक उपाय पूरक चिकित्सा के तौर पर कारगर हैं। यदि कोई व्यक्ति पहले से ही एलोपैथिक दवाएं ले रहा है, तो उन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के बिल्कुल नहीं छोड़ना चाहिए। ब्लड प्रेशर का स्तर 120/80 mmHg के आसपास बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन प्राकृतिक उपचारों को अपनाने के साथ-साथ जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना भी उतना ही जरूरी है। भारत में हृदय रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जागरूकता फैलाना और प्रकृति के साथ चलने वाले इन सुरक्षित उपायों को अपनाना एक स्वस्थ समाज की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
Weekly Horoscope 10 to 16 November 2025
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